{"_id":"696d03b46f34f925ce0a814d","slug":"the-eo-recommended-an-investigation-by-someone-else-meerut-news-c-44-1-smrt1055-111079-2026-01-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: ईओ ने किसी ओर से जांच कराने की सिफारिश की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: ईओ ने किसी ओर से जांच कराने की सिफारिश की
Sun, 18 Jan 2026 09:30 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sun, 18 Jan 2026 09:30 PM IST
विज्ञापन
नगर पालिका के लिपिक पर भ्रष्टाचार के आरोप में एसडीएम से ईओ को दी थी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर पालिका में कार्यरत लिपिक पर भ्रष्टाचार, अकूत संपत्ति अर्जित करने और नियुक्ति में अनियमितता के गंभीर आरोपों की जांच का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सभासदों द्वारा की गई शिकायत के बाद उपजिलाधिकारी ने ईओ से जांच आख्या तलब की थी, लेकिन अधिशासी अधिकारी ने स्वयं जांच करने में असमर्थता जताई है।
अधिशासी अधिकारी दीपिका शुक्ला ने उपजिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया है कि लिपिक लंबे समय से नगर पालिका में प्रधान लिपिक, निर्माण लिपिक और लेखा लिपिक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। शिकायतकर्ता भी नगर पालिका के ही सभासद हैं। ऐसे में यदि वर्तमान स्तर पर जांच की जाती है तो पक्षपात के आरोप लग सकते हैं, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होंगे। पत्र में अधिशासी अधिकारी ने निष्पक्ष, पारदर्शी और आरोपमुक्त जांच सुनिश्चित करने के लिए प्रकरण की जांच किसी अन्य सक्षम अधिकारी से कराए जाने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी मेरठ और एडीएम प्रशासन व प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय को भी पत्र की प्रतिलिपि भेजी है।
बताया गया कि लिपिक पर पद का दुरुपयोग कर अनुचित लाभ लेने और नियमों को ताक पर रखकर नियुक्ति कराने जैसे आरोप लगाए गए हैं। अब पूरे मामले में उच्चस्तरीय जांच की संभावना जताई जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर अगली कार्रवाई को लेकर नगर पालिका में चर्चाओं का दौर तेज है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर पालिका में कार्यरत लिपिक पर भ्रष्टाचार, अकूत संपत्ति अर्जित करने और नियुक्ति में अनियमितता के गंभीर आरोपों की जांच का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सभासदों द्वारा की गई शिकायत के बाद उपजिलाधिकारी ने ईओ से जांच आख्या तलब की थी, लेकिन अधिशासी अधिकारी ने स्वयं जांच करने में असमर्थता जताई है।
अधिशासी अधिकारी दीपिका शुक्ला ने उपजिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया है कि लिपिक लंबे समय से नगर पालिका में प्रधान लिपिक, निर्माण लिपिक और लेखा लिपिक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। शिकायतकर्ता भी नगर पालिका के ही सभासद हैं। ऐसे में यदि वर्तमान स्तर पर जांच की जाती है तो पक्षपात के आरोप लग सकते हैं, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होंगे। पत्र में अधिशासी अधिकारी ने निष्पक्ष, पारदर्शी और आरोपमुक्त जांच सुनिश्चित करने के लिए प्रकरण की जांच किसी अन्य सक्षम अधिकारी से कराए जाने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी मेरठ और एडीएम प्रशासन व प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय को भी पत्र की प्रतिलिपि भेजी है।
विज्ञापन
बताया गया कि लिपिक पर पद का दुरुपयोग कर अनुचित लाभ लेने और नियमों को ताक पर रखकर नियुक्ति कराने जैसे आरोप लगाए गए हैं। अब पूरे मामले में उच्चस्तरीय जांच की संभावना जताई जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर अगली कार्रवाई को लेकर नगर पालिका में चर्चाओं का दौर तेज है।
विज्ञापन