फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   The distance of Chandpur from Meerut will reduce the bridge on the Ganges

मेरठ और चांदपुर के बीच की दूरी कम करने के प्रयास तेज

Sat, 01 Jul 2017 02:47 AM IST
ब्यूरो/ राजकुमार सैनी 
ब्यूरो/ राजकुमार सैनी  Updated Sat, 01 Jul 2017 02:47 AM IST
विज्ञापन
The distance of Chandpur from Meerut will reduce the bridge on the Ganges
गंगा नदी पर अधूरा पड़ा पुल का निर्माण। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

मेरठ और चांदपुर के बीच की दूरी कम करने के प्रयास तेज हो गए हैं। हस्तिनापुर भीकुंड में गंगा पर पुल निर्माण शुरू करने की तैयारी हो गयी हैं। राज्य सरकार ने गंगापुल प्रोजेक्ट पर पीडब्लूडी और सेतु निगम के पेच कसे हैं। पुल और उसके दोनों ओर सड़कों के निर्माण पर 139.47 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जहां पीडब्लूडी को वन विभाग से एनओसी मिल गयी है वहीं पीडब्लूडी के इस प्रपोजल पर सरकार ने कार्यवाही शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि 2018 में मेरठ और बिजनौर जनपद के चांदपुर सहित बड़े इलाके की जनता को इस पुल की सौगात मिल जाएगी। 

विज्ञापन


50 किमी दूरी होगी कम
वर्तमान में मेरठ की जनता को चांदपुर जाने के लिए करीब 100 किमी की दूरी तय करके बिजनौर होते हुए चांदपुर पहुंचना होता है। या फिर मेरठ से गढ़मुक्तेश्वर, ब्रजघाट, गजरौला से धनौरा मंडी होते हुए करीब 88 किमी की दूरी तय करके चांदपुर पहुंचना पड़ता है। लंबा सफर तय करने में लोगों को समस्याओं से भी जूझना पड़ता है। हस्तिनापुर भीकुंड में गंगा पुल बनने के बाद मेरठ और चांदपुर की दूरी लगभग
विज्ञापन

50 किमी कम हो जाएगी। 

सात साल बाद फिर ली सुध
सात साल पहले उप्र में बसपा के शासनकाल में मेरठ और चांदपुर की दूरी कम करने के लिए हस्तिनापुर भीकुंड में गंगा पुल बनाने का मसौदा तैयार किया गया था। सरकार ने पुल निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया था। 2012 में बसपा सत्ता से बाहर हो गयी। सपा सत्ता में आयी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने गंगापुल को लेकर सरकार पर दबाव बनाया। थोड़ा कार्य शुरू हुआ। लेकिन कुछ ही समय बाद कार्य बंद हो गया। उसी समय से कार्य बंद पड़ा हुआ है। अब योगी सरकार ने चांदपुर और मेरठ के बीच की दूरी कम करने वाले इस गंगापुल को बनाने और सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने का निर्णय लिया है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

एनओसी न मिलना बना था अड़ंगा 
सपा शासनकाल में शुरू हुआ गंगापुल का निर्माण कार्य इसलिए रुक गया था कि एक व्यक्ति ने सेंक्चुरी क्षेत्र से संबंधित आरटीआई मांग ली थी। जिसमें वन विभाग से एनओसी न मिलने का खुलासा हुआ था। उसी समय पीडब्लूडी ने भारत सरकार को पत्र लिखकर वन विभाग से एनओसी की मांग की थी। जिस पर अब पीडब्लूडी को सफलता मिल गयी है। अब शीघ्र ही पुल और सड़क निर्माण कार्य शुरू होंगे। 


पुल का लेखाजोखा
गंगा में दो लेन पुल की लंबाई - 690 मीटर
पुल से मेरठ की तरफ सड़क की लंबाई - 4.75 किमी
पुल से चांदपुर की तरफ सड़क की लंबाई - 5.50 किमी

जल्द शुरू होगा निर्माण
वन विभाग से एनओसी न मिलने के कारण भीकुंड में गंगा पर पुल और दोनों ओेर सड़कों का निर्माण रुका था। अब एनओसी मिलने से शीघ्र ही कार्य शुरू होगा। शासन गंगापुल को लेकर बहुत गंभीर है। पुल निर्माण कार्य सेतु निगम करेगा वहीं पीडब्लूडी साथ-साथ सड़क बनाने का कार्य शुरू करेगा। प्रयास है कि अगले साल तक कार्य पूर्ण हो जाए। -ज्ञान गुप्ता, अधिशासी अभियंता, पीडब्लूडी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed