प्रशासन के निशाने पर अपराधियों का डाटा तैयार, जानिए, शामली एनकाउंटर पर क्या बोले ADG
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मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने सूबे की कमान संभालते ही चेतावनी दी थी कि अपराधी या तो यूपी छोड़ दें नहीं तो उन्हें वहां भेजा जाएगा, जहां वे जाना नहीं चाहते हैं। अल्टीमेटम के करीब तीन महीने बाद शनिवार को शामली से इसकी शुरुआत भी हो गई। यह भी साफ हो गया कि बड़े पेशेवर अपराधियों से निपटने के लिए अगर एनकाउंटर भी करना पड़ेगा तो पुलिस पीछे नहीं हटेगी।
वेस्ट यूपी के बदमाशों की पुलिस पर फायरिंग करके भागने की आदत हो गई है। सुलखान सिंह के डीजीपी बनने के बाद प्रदेश में अपराधियों को पहले पैर में गोली मारकर लंगड़ा करने का फार्मूला चला। लेकिन संगीन वारदातें नहीं थमीं। ऐसे में शनिवार को खाकी ने स्पष्ट कर दिया कि पुलिस जवाबी फायरिंग में बदमाश को ढेर करने से भी पीछे नहीं हटेगी।
शामली मुठभेड़ बिल्कुल सही
एडीजी मेरठ जोन का कहना कि शामली में पुलिस ने जवाबी फायरिंग में दो शातिर बदमाशों नौशाद डैनी और सरवर को ढेर कर दिया। यह मुठभेड़ बिल्कुल सही है। ऐसी मुठभेड़ में बदमाशों को मारते समय पुलिस के हाथ कांपने नहीं चाहिए। इस मुठभेड़ से पुलिस को सीख लेने की जरूरत है। शामली पुलिस ने उल्लेखनीय काम किया है। वहीं, डीजीपी मुख्यालय ने करीब 150 हार्डकोर अपराधियों का डाटा तैयार कर लिया है।
पहले ही दी थी चेतावनी
पुलिस के मुताबिक शातिर नौशाद जेल से छूटकर लगातार अपराध कर रहा था। उसे कई बार अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई। न मानने का नतीजा यह हुआ कि नौशाद और सरवर को पुलिस ने ढेर कर दिया। इसके अलावा आठ और अपराधियों को सुधरने की चेतावनी दी गई है।
गोली का जवाब गोली से दें
एडीजी प्रशांत कुमार और आईजी रामकुमार का कहना है कि अब अपराधियों को उनके गढ़ में घुसकर मारेंगे। बदमाश लगातार वारदात करते रहें और पुलिस खामोश होकर बैठी रहे, ऐसा अब नहीं होगा। पुलिस अपराधियों को नहीं छोड़ेगी। मुठभेड़ में बदमाश पुलिस टीम पर हमला करेगा तो पुलिस जवाब में गोली चलाए। पहले पैर में गोली मारे और फिर हालात देखते हुए जरूरी हो तो बदमाश के सीने में गोली मारने से भी पीछे न हटे।
एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार का कहना है कि शामली में मारे गए दोनों ही बदमाशों का आपराधिक रिकॉर्ड है। यूपी और हरियाणा के जिलों में कई मुकदमे दर्ज हैं। किसी भी सूरत में पुलिस अब अपराधियों को नहीं छोड़ेगी।
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