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अदालत ने मां राकेश देवी के डीएनए टेस्ट की अनुमति दी
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मेरठ। बहुचर्चित आस्था हत्याकांड का पुलिस सिर कटा शव मिलने के बाद खुलासा कर चुकी है। शव की पहचान की पुष्टि के लिए न्यायालय ने उसकी मां राकेश देवी का डीएनए टेस्ट कराने की अनुमति दे दी है। शुक्रवार को डॉक्टरों की टीम डीएनए टेस्ट के लिए रक्त का नमूना लेगी। उधर, एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी गंग नहर में फेंका गया आस्था का कटा हुआ सिर नहीं मिल सका है। हत्याकांड में वांछित चल रहा मौसेरा भाई गौरव भी पुलिस के हाथ नहीं लगा है।
सहायक पुलिस अधीक्षक अंतरिक्ष जैन ने बताया कि दादरी निवासी आस्था और उसकी मां का डीएनए टेस्ट कराने के लिए परतापुर इंस्पेक्टर दिलीप बिष्ट की ओर से स्पेशल सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया था। अदालत में प्रार्थना पत्र पर बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए डीएनए टेस्ट की अनुमति दे दी है। जिला कारागार में बंद आस्था की मां राकेश देवी को शुक्रवार को जिला चिकित्सालय में लाकर डीएनए टेस्ट के लिए डॉक्टर रक्त का नमूना लेंगे। पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने आस्था के शव का फेफड़ा डीएनए टेस्ट के लिए संरक्षित रखा था। दोनों को डीएनए जांच के लिए फॉरेंसिक लैब निवाड़ी भेजा जाएगा। डीएनए मिलान के बाद ही इसकी पुख्ता पुष्टि होगी कि रजबहे में सिर कटा शव आस्था का ही था। हालांकि आस्था का नाबालिग दोस्त और उसके परिजन शव की शिनाख्त आस्था के रूप में कर चुके हैं। साक्ष्य को पुख्ता करने के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।
मां ने की हत्या, मामा और ममेरे व मौसेरे भाइयों ने शव ठिकाने लगाया
उल्लेखनीय है कि एक सप्ताह पहले पांच जून को परतापुर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव के रजबहे में छात्रा का सिर कटा शव मिला था, जिसकी पहचान दौराला थाना क्षेत्र के गांव दादरी निवासी 12वीं की छात्रा 17 साल की आस्था उर्फ तनिष्का के रूप में हुई थी। दोस्त से बात करने पर मां राकेश देवी ने उसकी गला दबाकर हत्या की थी बाद में छात्र के मामा, ममेरे और मौसेरे भाई ने गर्दन काटकर लाश को ठिकाने लगाया था। धड़ को रजबहे में और कटे हुए सिर को गंगनहर में फेंक दिया था। हत्या स्वीकार करने के बाद पुलिस ने मां, दो मामा, ममेरे भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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सहायक पुलिस अधीक्षक अंतरिक्ष जैन ने बताया कि दादरी निवासी आस्था और उसकी मां का डीएनए टेस्ट कराने के लिए परतापुर इंस्पेक्टर दिलीप बिष्ट की ओर से स्पेशल सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया था। अदालत में प्रार्थना पत्र पर बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए डीएनए टेस्ट की अनुमति दे दी है। जिला कारागार में बंद आस्था की मां राकेश देवी को शुक्रवार को जिला चिकित्सालय में लाकर डीएनए टेस्ट के लिए डॉक्टर रक्त का नमूना लेंगे। पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने आस्था के शव का फेफड़ा डीएनए टेस्ट के लिए संरक्षित रखा था। दोनों को डीएनए जांच के लिए फॉरेंसिक लैब निवाड़ी भेजा जाएगा। डीएनए मिलान के बाद ही इसकी पुख्ता पुष्टि होगी कि रजबहे में सिर कटा शव आस्था का ही था। हालांकि आस्था का नाबालिग दोस्त और उसके परिजन शव की शिनाख्त आस्था के रूप में कर चुके हैं। साक्ष्य को पुख्ता करने के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।
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मां ने की हत्या, मामा और ममेरे व मौसेरे भाइयों ने शव ठिकाने लगाया
उल्लेखनीय है कि एक सप्ताह पहले पांच जून को परतापुर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव के रजबहे में छात्रा का सिर कटा शव मिला था, जिसकी पहचान दौराला थाना क्षेत्र के गांव दादरी निवासी 12वीं की छात्रा 17 साल की आस्था उर्फ तनिष्का के रूप में हुई थी। दोस्त से बात करने पर मां राकेश देवी ने उसकी गला दबाकर हत्या की थी बाद में छात्र के मामा, ममेरे और मौसेरे भाई ने गर्दन काटकर लाश को ठिकाने लगाया था। धड़ को रजबहे में और कटे हुए सिर को गंगनहर में फेंक दिया था। हत्या स्वीकार करने के बाद पुलिस ने मां, दो मामा, ममेरे भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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