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सऊदी अरब से चार माह बाद घर पहुंचा शव
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सऊदी अरब से चार माह बाद घर पहुंचा शव
सरूरपुर। क्षेत्र के गांव गांव जसड़ सुल्ताननगर से सऊदी अरब में नौकरी के लिए गए एक व्यक्ति की चार माह पूर्व अज्ञात कारणों से मौत हो गई थी। परिजनों ने कोर्ट से शव को सुपुर्दगी में तो ले लिया, लेकिन लॉकडाउन के कारण शव स्वदेश नहीं आ पाया था। शनिवार शाम सऊदी अरब से शव गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
थाना क्षेत्र के गांव जसड़ सुल्ताननगर निवासी नवाबउद्दीन (49) पुत्र महफूज सऊदी अरब में कई वर्षों से नौकरी कर रहा था। परिजनों ने बताया कि नवाबउद्दीन से उनकी गत पांचवें रमजान के दिन बात हुई थी। उसने वीडियो कॉल करते हुए खुद को बुखार होने की बात कहते हुए वापस घर आने के बारे में बताया था। परिजनों का कहना है कि उसके बाद उससे बात नहीं हो पाई। कुछ दिन बाद परिजनों के पास सऊदी अरब से फोन कॉल पर नवाबउद्दीन की अज्ञात कारणों से मौत की जानकारी दी गई थी। परिजनों ने शव को स्वदेश लाने के लिए कोर्ट में मुकदमा दायर किया था। कोर्ट ने शव को परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया था। लेकिन लॉकडाउन होने के कारण नवाबउद्दीन का शव भारत नहीं लाया जा सका था। गमगीन माहौल में शव को सुपुर्दे खाक कर दिया गया।
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सरूरपुर। क्षेत्र के गांव गांव जसड़ सुल्ताननगर से सऊदी अरब में नौकरी के लिए गए एक व्यक्ति की चार माह पूर्व अज्ञात कारणों से मौत हो गई थी। परिजनों ने कोर्ट से शव को सुपुर्दगी में तो ले लिया, लेकिन लॉकडाउन के कारण शव स्वदेश नहीं आ पाया था। शनिवार शाम सऊदी अरब से शव गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
थाना क्षेत्र के गांव जसड़ सुल्ताननगर निवासी नवाबउद्दीन (49) पुत्र महफूज सऊदी अरब में कई वर्षों से नौकरी कर रहा था। परिजनों ने बताया कि नवाबउद्दीन से उनकी गत पांचवें रमजान के दिन बात हुई थी। उसने वीडियो कॉल करते हुए खुद को बुखार होने की बात कहते हुए वापस घर आने के बारे में बताया था। परिजनों का कहना है कि उसके बाद उससे बात नहीं हो पाई। कुछ दिन बाद परिजनों के पास सऊदी अरब से फोन कॉल पर नवाबउद्दीन की अज्ञात कारणों से मौत की जानकारी दी गई थी। परिजनों ने शव को स्वदेश लाने के लिए कोर्ट में मुकदमा दायर किया था। कोर्ट ने शव को परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया था। लेकिन लॉकडाउन होने के कारण नवाबउद्दीन का शव भारत नहीं लाया जा सका था। गमगीन माहौल में शव को सुपुर्दे खाक कर दिया गया।
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