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घरों से 50 गज की दूरी पर जल रहे कोविड मृतकों के शव
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घरों से 50 गज की दूरी पर जल रहे कोविड मृतकों के शव
मेरठ। कोरोना महामारी के बीच सूरजकुंड पर कोरोना मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए जहां एक तरफ व्यवस्था सुधारी गई तो दूसरी तरफ मोहल्ले के लोगों के लिए कोरोना मृतकों की जलती चिताएं परेशानी का सबब बन गई हैं। श्मशान में प्रतिदिन 40 से 50 कोविड मृतकों का अंतिम संस्कार हो रहा है। यहां जलती हुई चिताओं से उठने वाली दुर्गंध ने पास में रहने वालों की परेशानी बढ़ा दी है। यहां लोगों की घरों की छतों पर राख का ढेर लग गया है। संक्रमण का भी खतरा बढ़ गया है। श्मशान के पार्किंग स्थल पर बनाए गए प्लेटफार्म पर अंतिम संस्कार का विरोध शुरू हो गया है।
शुक्रवार को सूरजकुंड आर्य नगर के लोगों ने श्मशान के बाहर प्रदर्शन किया। सौरभ, राजन सहित अन्य लोगों का कहना था कि प्लेटफार्म बनाने से पूर्व अनुमति नहीं ली गई। नीतू ने कहा बच्चों और परिवार के अन्य सदस्य न ठीक से सो पा रहे हैं और न ही दुर्गंध के कारण भोजन कर पा रहे हैं। पिंटू ने बताया कि हमारे घरों से चिता की दूरी मात्र 50 गज है। इसके चलते 70 परिवारों के 350 लोगों पर संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। सुजीत ने कहा कि कोविड मृतकों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था शहर के बाहरी क्षेत्र में होनी चाहिए।
अस्थाई निर्माण कर लगाई जाएंगी टीन
वार्ड 58 के पार्षद अंशुल गुप्ता ने बताया कि सूरजकुंड पार्किंग स्थल पर शवों के अंतिम संस्कार की अस्थाई व्यवस्था की गई है। स्थानीय लोगों की समस्या के संबंध नगर आयुक्त को अवगत कराया गया है। 7 फीट की दीवार के ऊपर 20 फीट की टीन भी लगाई जाएंगी। ऐसे में सूरजकुंड आर्य नगर के लोगों को राहत मिलेगी। इसके साथ ही अन्य किसी स्थान पर कोविड मृतकों के अंतिम संस्कार कराने का भी आग्रह किया गया है।
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मेरठ। कोरोना महामारी के बीच सूरजकुंड पर कोरोना मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए जहां एक तरफ व्यवस्था सुधारी गई तो दूसरी तरफ मोहल्ले के लोगों के लिए कोरोना मृतकों की जलती चिताएं परेशानी का सबब बन गई हैं। श्मशान में प्रतिदिन 40 से 50 कोविड मृतकों का अंतिम संस्कार हो रहा है। यहां जलती हुई चिताओं से उठने वाली दुर्गंध ने पास में रहने वालों की परेशानी बढ़ा दी है। यहां लोगों की घरों की छतों पर राख का ढेर लग गया है। संक्रमण का भी खतरा बढ़ गया है। श्मशान के पार्किंग स्थल पर बनाए गए प्लेटफार्म पर अंतिम संस्कार का विरोध शुरू हो गया है।
शुक्रवार को सूरजकुंड आर्य नगर के लोगों ने श्मशान के बाहर प्रदर्शन किया। सौरभ, राजन सहित अन्य लोगों का कहना था कि प्लेटफार्म बनाने से पूर्व अनुमति नहीं ली गई। नीतू ने कहा बच्चों और परिवार के अन्य सदस्य न ठीक से सो पा रहे हैं और न ही दुर्गंध के कारण भोजन कर पा रहे हैं। पिंटू ने बताया कि हमारे घरों से चिता की दूरी मात्र 50 गज है। इसके चलते 70 परिवारों के 350 लोगों पर संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। सुजीत ने कहा कि कोविड मृतकों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था शहर के बाहरी क्षेत्र में होनी चाहिए।
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अस्थाई निर्माण कर लगाई जाएंगी टीन
वार्ड 58 के पार्षद अंशुल गुप्ता ने बताया कि सूरजकुंड पार्किंग स्थल पर शवों के अंतिम संस्कार की अस्थाई व्यवस्था की गई है। स्थानीय लोगों की समस्या के संबंध नगर आयुक्त को अवगत कराया गया है। 7 फीट की दीवार के ऊपर 20 फीट की टीन भी लगाई जाएंगी। ऐसे में सूरजकुंड आर्य नगर के लोगों को राहत मिलेगी। इसके साथ ही अन्य किसी स्थान पर कोविड मृतकों के अंतिम संस्कार कराने का भी आग्रह किया गया है।
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