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शिवलिंग की रक्षा करता है बरगद और नाग नागिन का जोड़ा

Tue, 30 Jul 2019 01:51 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jul 2019 01:51 AM IST
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the Banyan tree and snakes secure the Shivling
भूनी गांव में सौ वर्ष पुराना बरगद का पेड़ के नीचे शिवलिंग। - फोटो : SARDANA
शिवलिंग की रक्षा करता है बरगद और नाग नागिन का जोड़ा
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सरूरपुर। क्षेत्र के गांव भूनी में करीब सवा सौ वर्ष पुराना शिवलिंग आस्था का केन्द्र है उतना ही पुराना एक बरगद का पेड़ भी अपनी शाखा उसे शिवलिंग की सुंदरता को बढ़ाता है। लोगों की मान्यता है कि यह शिवलिंग दो गांव की सीमाओं पर अब से करीब सवा सौ वर्ष पूर्व अचानक से उत्पन्न हुआ था। तभी से दोनों गांव कक्केपुर व भूनी लोग इसे भगवान शिव का रूप मानकर पूजा अर्चना करते हैं, सावन के महीने में विशेष रूप से महिलाएं व्रत रख शिवलिंग पर जल चढ़ाती हैं। भूनी गांव के वयोवृद्ध 1925 में जन्मे पूर्व प्रधान सुखबीर सिंह बतातो हैं कि यह शिवलिंग उनके जन्म से पहले करीब 1840 ई. में मिला था। तभी से इस के बराबर में फूटे बरगद का पौधा अब विशाल शाखाओं से शिवलिंग की सुरक्षा में 24 घंटे तैनात रहता है। गांव निवासी हीराला, बुलाकी, ब्रह्म सिंह, शेखर त्यागी, सुभाष आदि कि माने तों बरगद के पेड़ पर नाग का जोड़ा 24 घंटे विराजमान रहता है। शिवलिंग की महत्वता को समझते हुए गांव के लोग अब इस पर भंडारे का आयोजन करते हैं दोनों गांव के लोग आस्था पूर्ण सुबह शाम सावन के महीने में यहां जल चढ़ाने जरूर आते हैं जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के चलते आज तक यहां मंदिर का निर्माण नहीं हो सका है। दो साल पहले ही इस के प्रांगण में इंटरलॉकिंग का कार्य कराया गया था।
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