रमाला मिल में नहीं सुधरे हालात, विधायक ने गन्ना मंत्री से की बात, जीएम पर फोड़ा ठीकरा
बागपत में रमाला चीनी मिल में गन्ना पेराई के हालात बुधवार को भी पटरी पर नहीं लौटे। टोकन कम मिलने के कारण तीन-तीन दिन तक किसानों को तौल के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इस कारण दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर जाम के हालात रहे। गन्ना तौल के बाद मिल परिसर में किसानों को जहां जगह मिली, वहीं पर ट्रॉलियां खाली कर दी गई। छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने गन्ना मंत्री सुरेश राणा और गन्ना आयुक्त संजय आर भुसा रेड्डी को मामले की जानकारी दी। साथ ही अव्यवस्था का ठीकरा रमाला मिल के जीएम पर फोड़ा। विधायक का कहना है कि जीएम की अदूरदर्शिता के कारण किसान परेशान हैं।
सहकारी चीनी मिल रमाला के पूरी क्षमता से नहीं चलने के कारण बुधवार को भी किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। तीन-तीन दिन बाद भी मिल में किसानों का गन्ना तौलने के लिए नंबर पड़ रहा है। टोकन कम मिलने के कारण किसान परेशान हैं। इस कारण दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर मिल के पास जाम की स्थिति रही। छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने बताया कि किसानों की समस्या को लेकर प्रदेश के गन्ना मंत्री और गन्ना आयुक्त से बात की गई है। रमाला मिल के जीएम और उत्तम ग्रुप के बीच तालमेल की कमी से बागपत और शामली जिले के किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मिल चलाने और इंडेंट जारी करने में अदूरदर्शिता बरती गई है। अभी भी टरबाइन सही तरीके से काम नहीं कर रही है। गन्ना मंत्री से जीएम को रमाला मिल से हटाने की मांग रखी है। दूसरी तरफ मिल के जीएम प्रबुद्ध चौबे का कहना है कि जल्द से जल्द व्यवस्था को सुचारु कराने का प्रयास किया जा रहा है।
टूट रही उम्मीद, किसान की कोई तो सुध ले
किसान आकाश, सुधीर, रवि शंकर, अनुज, मोनू, सोमपाल आदि ने बताया कि मिल में वे गन्ना लेकर छत्तीस घंटे से खड़े हैं। अब तक उन्हें टोकन भी नहीं मिला है। इससे परेशानी हो रही है। टोकन बूथ पर किसानों की मारामारी मची हुई है। किसानों के ट्रैक्टर और अन्य वाहन आपस में टकरा कर टूट रहे हैं। इससे किसानों का आपस में झगड़ा होने का अंदेशा बना हुआ है।
मिल गेट का इंडेंट रोका, अब चलेंगे तौल केंद्र
मिल के जीएम प्रबुद्ध चौबे ने बताया कि बुधवार को मिल गेट का इंडेंट जारी नहीं किया है। मिल 40 हजार की क्षमता से चल रही है। गुरुवार से क्रय केन्द्र का गन्ना भी मिल में आना शुरू हो जाएगा। मिल में गेट पर आया गन्ना भी कम हो जाएगा। इससे परेशानी कम होनी शुरू हो जाएगी। यहां पहले 190 टोकन दिए जा रहे थे, अब किसानों को गुरुवार से 450 टोकन दिए जाएंगे। किसानों को इससे राहत मिल सकेगी।
अब टरबाइन का पंप दे रहा है धोखा
उत्तम ग्रुप के अधिकारियों का कहना है कि टरबाइन का पंप बदला जा रहा है। इससे टरबाइन बंद चल रही है, लेकिन मिल 40 हजार की क्षमता से चल रही है। गुरुवार तक 27 मेगावाट प्लांट की टरबाइन काम करना शुरू कर देगी। जल्द ही मिल पूरी क्षमता के साथ पेराई शुरू कर देगी।
रमाला मिल से तौल केंद्र हटाने की तैयारी
सहकारी क्षेत्र की रमाला चीनी मिल में गन्ने की मारामारी को देखते हुए यहां से तौल केंद्र बदले जाने की तैयारी चल रही है। डीसीओ अनिल कुमार भारती ने डीएम शकुंतला गौतम को 32 में से छह तौल केंद्र बदले जाने का प्रस्ताव दिया है। डीएम के माध्यम से यह प्रस्ताव गन्ना आयुक्त को भेजा जाएगा। वजह है मिल के पूरी क्षमता से पेराई नहीं करना।
रूट डायवर्ट, जाम से छुटकारा नहीं
रमाला चीनी मिल के सामने जाम से निजात दिलाने के लिए वाहनों को नहर के पटरी से डायवर्ट कर दिया। इसके बाद भी बुधवार को यहां दिनभर जाम के हालात रहे। पुलिस को जाम खुलवाने और वाहन निकलवाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
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43 गांव और 19 हजार किसान
सहकारी चीनी मिल रमाला को शामली और बागपत जिले के 43 गांवों के किसान गन्ना सप्लाई करते हैं। मिल को करीब 18 हजार 873 किसान गन्ने की सप्लाई करते हैं। मिल की शुरुआत में ही किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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