फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   The app will tell the kanwariyas where they will get food and where to go

Kanwar Yatra 2023: एप बताएगा कांवडियों को कहां मिलेगा भंडारा, क्यूआर कोड से जान सकेंगे सही रास्ता

Wed, 21 Jun 2023 04:06 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ Updated Wed, 21 Jun 2023 04:06 PM IST
सार

शिवभक्त कांवडियों को मार्ग में किसी तरह की दिक्कत न हो, जरूरत पड़ने पर सुविधाएं मिल जाएं। इसके लिए एप की व्यवस्था की गई है। भोजन, पानी, रास्ते के लिए अब उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा।

विज्ञापन
The app will tell the kanwariyas where they will get food and where to go
kanwar yatra - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कांवडियों को पुलिस, स्वास्थ्य पीकेट, भोजन के लिए भंडारा और शिवालयों की तरफ जाने वाले मार्ग की जानकारी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। मोबाइल पर एप खोलते ही कांवड़ियों को सभी सुविधाओं से संबंधित जानकारी मिल जाएगी।

विज्ञापन


साथ ही एप पर ही सीमा क्षेत्र के संबंधित अधिकारी के नाम और मोबाइल नंबर भी मिलेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन कांवड यात्रा शुलभ मेरठ के नाम से एप तैयार करा रहा है। इससे शिवभक्त अपने मोबाइल पर डाउनलोड कर सभी सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर लाभ ले सकेंगे।
विज्ञापन


शिवभक्त कांवडियों को मार्ग में किसी तरह की दिक्कत न हो, जरूरत पड़ने पर सुविधाएं मिल जाएं। इसके लिए जिला प्रशासन ने सभी कांवडियों को मोबाइल एप से जोड़ने का निर्णय लिया है। एप कुछ इस तरह काम करेगा, उदाहरण के तौर पर अगर आप हरिद्वार से दिल्ली के लिए कांवड़ लेकर मार्ग पर पैदल यात्रा कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

आप मुजफ्फरनगर सीमा से निकलते ही रास्ता भटक गए हैं तो अपने मोबाइल पर एप खोलकर सही मार्ग तलाश सकते हैं। इतना ही नहीं अगर किसी शिवभक्त को भोजन की इच्छा है, या फिर थकान के कारण बुखार अथवा अन्य कोई बीमारी हो गई तो उनको मोबाइल एप से स्वास्थ्य शिविर और भंडारे की जानकारी ली जा सकती है। अगर मार्ग पर कांवड़ियों को असामाजिक तत्वों से दिक्कत है या फिर किसी अपराधिक घटना की संभावना है तो वह क्षेत्रीय उप जिलाधिकारी, सीओ, इंस्पेक्टर के मोबाइल नंबर पर फोन करके सूचना दे सकेंगे।

कांवड़ मार्गों पर जगह जगह लगाए जाएंगे क्यूआर कोड
एप डाउन लोड़ न करने वाले कावंड़ियों के लिए कांवड़ मार्ग पर जगह जगह क्यूआर कोड़ लगाए जाएंगे। क्यूआर कोड़ को स्केन करके कांवड़ मार्ग पर मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी हासिल कर की जा सकेगी।

शिवालयों तक पहुंचाने वाले मार्गों को भी दिखाएगा मोबाइल एप
मोबाइल एप के माध्यम से कांवडियों को कांवड़ मार्ग ही नहीं बल्कि उन मार्गों की भी जानकारी मिलेगी, जो उनको शिवालयों तक पहुंचाएंगे। अगर कोई कांवडियां मेरठ छावनी क्षेत्र के बाबा औघड़नाथ मंदिर आना चाहता है या फिर बागपत के पुरामहादेव जाना चाहता है तो उसको एप के माध्यम से उचित मार्ग मिलेगा। इस एप के माध्यम से दूसरे प्रदेशों से आने वाले शिवभक्त कांवडियां मेरठ जिले के शिवालयों को जान सकेंगे।

कांवड़ यात्रा में शिवभक्तों की संख्या लाखों में पहुंच जाती है। कई बार शिवभक्त को भोजन, चिकित्सा, पेयजल, शौचालय आदि की सुविधा की जानकारी मिलने और सामाजिक तत्वों की सूचना अधिकारियों तक पहुंचाने में दिक्कत आती है। अब अधिकतर शिवभक्तों के पास मोबाइल भी होता है। कांवडियों की यात्रा शुगम रहे। इसके लिए मेरठ प्रशासन ने मोबाइल एप की सुविधा देने का निर्णय लिया है। इस एप से सभी शिवभक्तो को लाभ मिलेगा।  - शशांक चौधरी, मुख्य विकास अधिकारी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed