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Meerut News: सावन में शिवमय होगा पांडवों की आस्था से जुड़ा प्राचीन पांडेश्वर महादेव मंदिर
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हस्तिनापुर में मौजूद प्राचीन पांडेश्वर महादेव मंदिर स्रोत संवाद
(सावन का पहला सोमवार पर विशेष)
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर (मेरठ)। सावन माह में ऐतिहासिक नगरी हस्तिनापुर में स्थित प्राचीन पांडेश्वर महादेव मंदिर एक बार फिर शिवभक्ति के रंग में रंगा दिखाई दे रहा है। द्वापर युग और पांडवों की आस्था से जुड़े इस प्राचीन शिवालय में सावन माह में दूर-दूर आकर लाखों श्रद्धालु एवं कांवड़िया जलाभिषेक करते हैं। सावन माह के पहले सोमवार को होने वाले जलाभिषेक में श्रद्धालु बड़ी संख्या शामिल होंगे।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पांडवों ने द्वापर युग में महाभारत युद्ध से पूर्व हस्तिनापुर में प्राचीन पांडेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण कर शिवलिंग स्थापित किया था। युद्ध से पूर्व मंदिर में पूजा-अर्चना कर विजय की कामना की थी, जिसके बाद भगवान शिव के आशीर्वाद से कुरुक्षेत्र के युद्ध में विजय प्राप्त हुई। इसके बाद से इस मंदिर से आस्था जुड़ी आ रही है। मंदिर के महंत मंगलागिरी महाराज ने बताया कि सावन के प्रत्येक सोमवार को यहां पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने से हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है। इसलिए सावन के प्रत्येक सोमवार को यहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।
आसपास के जनपदों और दूरदराज के क्षेत्रों से नंगे पांव पहुंचे कांवड़िये गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर भगवान आ शंभू का जलाभिषेक करते हैं। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गुंजायमान रहता है। वर्तमान में यह प्राचीन मंदिर हस्तिनापुर की प्रमुख पहचान में शामिल है और देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।
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साफ-सफाई के विशेष इंतजाम
नगर पंचायत की ओर से मंदिर परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। जिस मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।
वंदन योजना से बदल सकती हैं मंदिर की सूरत
लंबे समय तक उपेक्षा का शिकार रहे इस ऐतिहासिक धरोहर के दिन अब बहुरने की उम्मीद जाग रही हैं। नगर पंचायत के अथक प्रयासों से शासन की वंदन योजना से पांडेश्वर महादेव मंदिर के सुंदरीकरण व जीर्णोद्धार की योजना पर काम तेजी से चल रहा है। डीपीआर को स्वीकृति मिलने के बाद मंदिर परिसर में आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, श्रद्धालुओं के लिए विश्राम गृह, पेयजल और अन्य यात्री सुविधाएं विकसित हो जाएंगी। इसके साथ ही, पांडव काल के इतिहास को दर्शाने वाले कला बिंदुओं को भी सहेजा जाएगा।
बयान...
सावन और कांवड़ यात्रा को लेकर हमारी प्राथमिकता यही है कि पांडेश्वर महादेव मंदिर आने वाले प्रत्येक कांवड़िये और शिवभक्त को बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाएं मिल सकें। मंदिर के विकास और श्रद्धालुओं की सेवा के लिए नगर पंचायत पूरी तरह प्रतिबद्ध है। -सुधा खटीक, अध्यक्ष, हस्तिनापुर नगर पंचायत
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर (मेरठ)। सावन माह में ऐतिहासिक नगरी हस्तिनापुर में स्थित प्राचीन पांडेश्वर महादेव मंदिर एक बार फिर शिवभक्ति के रंग में रंगा दिखाई दे रहा है। द्वापर युग और पांडवों की आस्था से जुड़े इस प्राचीन शिवालय में सावन माह में दूर-दूर आकर लाखों श्रद्धालु एवं कांवड़िया जलाभिषेक करते हैं। सावन माह के पहले सोमवार को होने वाले जलाभिषेक में श्रद्धालु बड़ी संख्या शामिल होंगे।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पांडवों ने द्वापर युग में महाभारत युद्ध से पूर्व हस्तिनापुर में प्राचीन पांडेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण कर शिवलिंग स्थापित किया था। युद्ध से पूर्व मंदिर में पूजा-अर्चना कर विजय की कामना की थी, जिसके बाद भगवान शिव के आशीर्वाद से कुरुक्षेत्र के युद्ध में विजय प्राप्त हुई। इसके बाद से इस मंदिर से आस्था जुड़ी आ रही है। मंदिर के महंत मंगलागिरी महाराज ने बताया कि सावन के प्रत्येक सोमवार को यहां पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने से हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है। इसलिए सावन के प्रत्येक सोमवार को यहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।
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आसपास के जनपदों और दूरदराज के क्षेत्रों से नंगे पांव पहुंचे कांवड़िये गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर भगवान आ शंभू का जलाभिषेक करते हैं। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गुंजायमान रहता है। वर्तमान में यह प्राचीन मंदिर हस्तिनापुर की प्रमुख पहचान में शामिल है और देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।
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साफ-सफाई के विशेष इंतजाम
नगर पंचायत की ओर से मंदिर परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। जिस मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।
वंदन योजना से बदल सकती हैं मंदिर की सूरत
लंबे समय तक उपेक्षा का शिकार रहे इस ऐतिहासिक धरोहर के दिन अब बहुरने की उम्मीद जाग रही हैं। नगर पंचायत के अथक प्रयासों से शासन की वंदन योजना से पांडेश्वर महादेव मंदिर के सुंदरीकरण व जीर्णोद्धार की योजना पर काम तेजी से चल रहा है। डीपीआर को स्वीकृति मिलने के बाद मंदिर परिसर में आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, श्रद्धालुओं के लिए विश्राम गृह, पेयजल और अन्य यात्री सुविधाएं विकसित हो जाएंगी। इसके साथ ही, पांडव काल के इतिहास को दर्शाने वाले कला बिंदुओं को भी सहेजा जाएगा।
बयान...
सावन और कांवड़ यात्रा को लेकर हमारी प्राथमिकता यही है कि पांडेश्वर महादेव मंदिर आने वाले प्रत्येक कांवड़िये और शिवभक्त को बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाएं मिल सकें। मंदिर के विकास और श्रद्धालुओं की सेवा के लिए नगर पंचायत पूरी तरह प्रतिबद्ध है। -सुधा खटीक, अध्यक्ष, हस्तिनापुर नगर पंचायत

हस्तिनापुर में मौजूद प्राचीन पांडेश्वर महादेव मंदिर स्रोत संवाद

हस्तिनापुर में मौजूद प्राचीन पांडेश्वर महादेव मंदिर स्रोत संवाद