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ठंड कर रही बीमार, बच्चों पर खांसी-जुकाम की मार
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Thu, 07 Dec 2017 11:15 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
गर्मियों की तपिश के बाद जब सर्दी शुरू होती है तो लोग राहत महसूस करते हैं, लेकिन सर्दी के साथ खुश्क हवा ने शहर के बच्चों को बीमार करना शुरू कर दिया है। इस मौसम में बच्चों में निमोनिया की भी शिकायत मिल रही है। यही वजह है कि अस्पतालों की ओपीडी में आने वाले बच्चों में करीब 60 से 70 फीसदी खांसी-जुकाम के मरीज हैं।
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जिला अस्पताल के शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रीओम ने बताया कि जिला अस्पताल की ओपीडी में अमूमन 150 से ज्यादा बच्चे आ रहे हैं। इनमें ज्यादातर बच्चों को यही परेशानी है। उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव का असर बच्चों पर ज्यादा पड़ता है। परिजनों को सावधानी बरतने की जरूरत है। महिला अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. मंजू मलिक ने बताया कि उनके यहां आउटडोर ओपीडी और इनडोर में 40 से 50 बच्चे आ रहे हैं। वहीं, मेडिकल अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. अजीत चौधरी ने बताया कि मेडिकल में बच्चों की ओपीडी 300 से ज्यादा चल रही है। इनमें खांसी-जुकाम पीड़ित ज्यादा हैं। यही हाल निजी अस्पतालों का भी है। वहां भी ठंड से पीड़ित बच्चे काफी तादाद में आ रहे हैं।
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पांच साल के बच्चों की कफ सीरप से बनाए दूरी
डॉ. श्रीओम ने बताया कि सर्दी और जुकाम की चपेट में पांच साल तक केबच्चे ज्यादा आते हैं। पांच साल से कम उम्र केबच्चों में निमोनिया की शिकायत भी सबसे ज्यादा होती है। उन्होंने बताया कि अक्सर बच्चे को खांसी-जुकाम होने पर परिजन कफ सीरप देते हैं। दरअसल पांच साल तक के बच्चे थूक नहीं पाते हैं। जिससे कफ सीरप से बलगम उनके अंदर ही फंसकर रह जाता है। खांसी-जुकाम होने पर बच्चों को कफ सीरप के बजाय अदरक, शहद और तुलसी जैसे प्राकृतिक तत्व देने चाहिए।
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ऐसे करें बचाव
बच्चों को पूरे कपड़े पहनाकर रखें।
रूम हीटर से कमरे का वातारवरण ड्राई हो जाता है। इससे बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। लिहाजा नमी बनाए रखने के लिए खुले बर्तन में पानी भरकर रखें।
बच्चों को ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ दें।
अगरबत्ती, धुएं वाली क्वाइल समेत ऐसी कोई भी चीज कमरे में न जलाएं, जिससे सांस लेने में दिक्कत आती है।
शिशु को सुलाते समय कंबल डालें तो ध्यान रखें कि कंबल से मुंह न ढक जाए, जिससे बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हो
ज्यादा परेशानी हो तो चिकित्सक से सलाह जरूर लें।
त्वचा की भी करें देखभाल
सर्दी के मौसम में हवा की नमी भी चली जाती है, जिससे शिशु की त्वचा शुष्क हो जाती है, चिकित्सक बताते हैं कि ऐसे में बच्चे की मालिश जैतून के तेल से करने से बहुत लाभ होता है। उससे मालिश करने से खून का संचार सही रहता है और उसकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।