फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Terrorist input in Delhi and West UP but police administration is not active in Saharanpur

अमर उजाला की पड़ताल में खुली प्रशासन की पोल, दिल्ली में आतंकी घुसपैठ, फिर भी सहारनपुर में अलर्ट नहीं

Sat, 05 Oct 2019 01:05 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Sat, 05 Oct 2019 01:05 AM IST
विज्ञापन
Terrorist input in Delhi and West UP but police administration is not active in Saharanpur
रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं - फोटो : अमर उजाला

देश में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के घुसने के बाद सहारनपुर में अलर्ट जारी कर दिया गया है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर मात्र खानापूर्ति की जा रही है। रेलवे स्टेशन पर सुबह एक ट्रेन के आने के समय चेकिंग कराई गई, उसके बाद प्लेटफार्म पर एक सिपाही तक नजर नहीं आया, रोडवेज बस स्टैंड की सुरक्षा तो रामभरोसे है।

विज्ञापन


देश में आतंकियों की घुसपैठ के बाद किसी गतिविधि को अंजाम देने की आशंका के चलते सहारनपुर में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। सार्वजनिक एवं भीड़भाड़ वाले इलाके में चेकिंग कराए जाने के निर्देश जारी किए गए। चेकिंग के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही नजर आई। अमर उजाला की पड़ताल में न तो कहीं सुरक्षा के इंतजाम ही मिले और न ही चेकिंग की गई।
विज्ञापन


सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के आदेश मिलते ही सुबह जीआरपी प्रभारी राशिद अली और आरपीएफ प्रभारी नवीन कुमार ने टीम के साथ चंडीगढ़ की ओर से मदुरै जाने वाली ट्रेन में सघन चेकिंग की। लगभग आधा घंटे तक एक-एक डिब्बे में जाकर यात्रियों से न सिर्फ पूछताछ की, बल्कि यात्रियों के सामान की तलाशी भी ली। उसके बाद स्टेशन के सभी छह प्लेटफार्म पर चेकिंग की गई। लगभग साढ़े 11 बजे तक प्लेटफार्मों पर पूरी हलचल रही। रिपोर्ट आला अधिकारियों को भेज दी गई, लेकिन उसके बाद ट्रेनें आती रहीं और जाती रहीं, यात्रियों की सुरक्षा को लेकर प्लेटफार्म पर एक भी कर्मचारी मौजूद नहीं रहा। प्लेटफार्म पर सिर्फ यात्रियों की भीड़ रही। न किसी ट्रेन को चेक किया गया और न ही किसी यात्री से पूछताछ की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: दिल्ली के बाद पश्चिमी यूपी में अलर्ट, मेरठ में सेना ने बढ़ाई निगरानी, शहर भर में चला चेकिंग अभियान

सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं

सहारनपुर रेलवे स्टेशन संवेदनशील रेलवे स्टेशनों में शामिल है। फिर भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। चारों ओर से खुला हुआ है। स्टेशन पर दो साल पहले डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर भी लगाया गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद ही हटा लिया गया। स्टेशन से कोई भी विस्फोटक पदार्थ आसानी से ला और ले जा सकता है।

स्कैनर मशीन आ चुकी है
आरपीएफ प्रभारी नवीन कुमार का कहना है कि रेलवे स्टेशन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। समय-समय पर चेकिंग भी की जा रही है। यात्रियों के सामान की जांच के लिए स्कैनर मशीन भी आ चुकी है, जिसे शीघ्र ही लगवाया जाएगा।

रोडवेज बस स्टैंड पर दूर तक नहीं रहा कोई सुरक्षाकर्मी
आतंकी इनपुट के बावजूद सहारनपुर में रोडवेज के दोनों बस स्टैंडों पर सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं मिला। रेलवे रोड बस स्टैंड से चंद कदमों की दूरी पर ही कैंप चौकी है। बावजूद इसके रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों की सुरक्षा में एक भी कर्मचारी तैनात नहीं मिला। न ही चेकिंग की गई और न ही यात्रियों से पूछताछ की गई।

पुलिस एवं खुफिया एजेंसियों को किया गया है अलर्ट : डीआईजी
पुलिस उप महानिरीक्षक उपेंद्र अग्रवाल का कहना है कि आतंकी इनपुट के बाद पूरे मंडल में अलर्ट जारी कर दिया गया है। पुलिस को चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं। खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट किया गया है। जगह-जगह तलाशी कराई जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

सहारनपुर में पनाह लेते रहे हैं आतंकी

सहारनपुर से न सिर्फ आतंकी संगठनों का कनेक्शन रहा है, बल्कि यहां पर ठिकाना भी बनाते रहे हैं। फरवरी 2019 में ही जैश-ए-मोहम्मद के दो सक्रिय आतंकियों कश्मीर के कुलग्राम निवासी शाहनवाज अहमद तेली और पुलवामा निवासी आकिब अहमद को देवबंद से गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री .32 बोर की दो पिस्टल, गोलियां, जिहादी ऑडियो, वीडियो और लिखित सामग्री भी बरामद हुई थी। 

यही नहीं संसद हमले से लेकर विदेशियों के अपहरण तक के मामलों में सहारनपुर चर्चित रहा है। देवराज सहगल उर्फ इकबाल भट्टी, इंडियन मुजाहिदीन का आतंकी एजाज शेख भी जिले से गिरफ्तार हो चुके हैं। पिछले वर्ष देवबंद से पढ़ाई करने वाला बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्ला अल मामून भी गिरफ्तार किया गया था। फैजान नाम का बांग्लादेशी आतंकी आज तक फरार चल रहा है जो अब्दुल्लाह का ही साथी था। एनआईए द्वारा पिछले वर्ष गिरफ्तार अमरोहा से गिरफ्तार सुहेल ने भी देवबंद में पढ़ाई की थी। पिछले वर्ष ही नौ बांग्लादेशी आतंकी संगठन से जुड़े लोगों को पकड़ा गया था जो देवबंद में रह रहे थे। दो जनवरी 2017 को देवबंद से वसीम अहमद और अहशान कुरैशी को बांग्लादेशी आतंकी यूसुफ अली के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसका पासपोर्ट बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। अक्तूबर 2017 में कोलकाता पुलिस ने दिल्ली से बांग्लादेशी रजाउल रहमान को पकड़ा था, जो देवबंद में काफी समय तक रहा था। लखनऊ के चारबाग स्टेशन से एटीएस ने इमरान, रजीमुद्दीन, मोहम्मद फिरदौस को पकड़ा, जो देवबंद के ग्राम भनैड़ा में काफी दिनों से रह रहे थे। इससे पूर्व 2016 में एटीएस ने जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकियों को गिरफ्तार किया था।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed