कोरोना का खौफ: चीन से लौटे 10 और लोग निगरानी में, विदेश मंत्री से मिलेगा इंजीनियर का परिवार
इनमें कारोबारी, छात्र, नौकरीपेशा और सैलानी शामिल हैं। इनसे फॉर्म भरवाए हैं। 28 दिन तक इनकी निगरानी की जाएगी। हर रोज इनके शरीर का तापमान, खांसी, जुकाम और गले के इंफेक्शन के बारे में पूछा जाएगा।
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि इनमें से कोई भी बीमार नहीं है। इनमें कुछ घूमने या कारोबार के सिलसिले में गए थे और कुछ वहां नौकरी या पढ़ाई करते हैं। इस लिस्ट में उन लोगों को भी शामिल किया गया है, जो चीन में एयरपोर्ट तक भी पहुंचे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम जल्द ही सब लोगों से संपर्क करेगी। अगर किसी में कोई लक्षण दिखा तो उसकी सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ की प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
लोग बोले, चीन के कई शहरों में कर्फ्यू जैसे हालात
चीन से आए इन लोगों का कहना है कि चीन के कई शहरों में (वुहान, शंघाई और बीजिंग) में कोरोना वायरस को लेकर काफी डर है। कर्फ्यू जैसे हालात हैं। चीन में रह रहे दूसरे देशों के लोग अपने घर लौट रहे हैं। जॉब करने वालों को कंपनियां भी वापस भेज रही हैं। घर आकर अच्छा लग रहा है। भारत की एंबेसी ने काफी मदद की है। चीन भी काफी अलर्ट है।
विदेश मंत्री से मिलेगा पीयूष का परिवार
सॉफ्टवेयर इंजीनियर पीयूष के परिजन विदेश मंत्री से मिलने की कोशिश में हैं। उसके परिजन इसके लिए सांसद और विधायक से संपर्क कर रहे हैं। शास्त्रीनगर निवासी पीयूष जापानी तट पर क्रूज में हैं।
वहां कोरोना वायरस से पीड़ित 135 लोगों की पुष्टि हो चुकी है। परेशान परिजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय विदेश मंत्री एसजे शंकर, संसद राजेंद्र अग्रवाल, राज्यसभा सांसद कांता कर्दम और विधायक सोमेंद्र तोमर को पत्र लिख चुके हैं।