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Meerut News: अवैध निर्माण के दस दिन बाद मौके पर पहुंचे अधिकारी
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मखदुमपुर कॉलोनी में अवैध निर्माण की शिकायत पर पहुंचे अधिकारी स्रोत संवाद
बंद कराया अवैध निर्माण,
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे की मखदूमपुर कॉलोनी में चल रहे अवैध निर्माण को लेकर कॉलोनी के लोगों की शिकायत पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने करीब दस दिन बाद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और जांच होने तक निर्माण कार्य को तुरंत रोकने के निर्देश दिए। वहीं, कॉलोनी के लोगों ने उनके घरों के सामने की खड़ी की गई दीवार को तुरंत हटवाने की मांग की।
मखदूमपुर कॉलोनी में पिछले कई दिनों से चल रहा अवैध निर्माण कस्बे में चर्चा का विषय बना हुआ है। मुख्य मार्ग पर स्थित करोड़ों रुपये की बेशकीमती भूमि पर निर्माण की शिकायत 15 दिनों से लगातार अधिकारियों से की जा रही थी। परंतु किसी भी अधिकारी की नींद नहीं टूटी और कब्जाधारी ने दिन-रात कार्य कर मंदिर के चारों ओर बड़े भूभाग में दीवार खड़ी कर ली। इसके बाद शासन प्रशासन के अधिकारी नींद से जागे। बुधवार को जब मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में पहुंचा।
बृहस्पतिवार को शिव मंदिर सेवा ट्रस्ट के पदाधिकारी की शिकायत पर नायब तहसीलदार सचिन चौधरी, नगर पंचायत के ईओ राजीव कुमार, अतिरिक्त प्रभार सीओ मवाना सदर देहात शिव प्रताप सिंह, थाना प्रभारी शशांक द्विवेदी मौके पर पहुंचे। कॉलोनी के लोगों ने उनके सामने हंगामा करते हुए अवैध निर्माण करने का आरोप लगाया। कहा कि उक्त लोगों द्वारा मंदिर के चारों ओर बड़ी-बड़ी दीवार खड़ी कर दी गई है। मंदिर जाने का भी कोई रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने कॉलोनी की ओर उन्होंने रास्ता खुलवाने की मांग की। इसके बाद कॉलोनी की ओर दीवार हटाकर एक गेट बनाया गया।
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लोगों ने आरोप लगाया कि मंदिर को चारों ओर से बंद कर अवैध निर्माण करने वाले लोगों की मंशा साफ है। कॉलोनी के कुछ लोग अवैध निर्माण को पूरी तरह हटवाने की मांग पर अड़े रहे। वहां मौजूद महिलाओं ने आरोप लगाया कि शासन प्रशासन के अधिकारी अवैध निर्माण करने वाले लोगों के दबाव में काम कर रहे हैं। इसके चलते पिछले एक सप्ताह से अवैध निर्माण रुकवाने के लिए कोई नहीं आया। जबकि जिस भूमि पर मंदिर बना है यह सरकारी भूमि है। सरकारी भूमि पर दिनदहाड़े अवैध कब्जा प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा है।
नगर पंचायत की ओर से नहीं हुई कार्रवाई
मखदूमपुर कॉलोनी नगर पंचायत का वार्ड छह है। इसी कॉलोनी में मुख्य मार्ग पर शिव मंदिर मौजूद है। शिकायतकर्ता सुशील कुमार ने बताया कि नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अगर कॉलोनी में कहीं अवैध निर्माण होता है तो तुरंत कार्रवाई के लिए नगर पंचायत की टीम को भेजते हैं परंतु यहां शिकायत के बावजूद नगर पंचायत की टीम या अधिशासी अधिकारी मौके पर नहीं आए। दस दिन के बाद जब निर्माण कार्य पूरा हुआ तो बृहस्पतिवार को ईओ को फुर्सत मिली और वह स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अवैध कब्जे में स्थानीय स्तर के सभी अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। इसकी वह उच्च अधिकारियों से जांच कराएंगे।
डीएम और कमिश्नर से करेंगे शिकायत
शिव मंदिर सेवा ट्रस्ट के पदाधिकारी सुशील कुमार, नरेश ठाकुर एवं जगबीर ने बताया कि जब तक अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं होती तब तक वह लगातार इसकी शिकायत करेंगे। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी और कमिश्नर से मिलकर मामले की शिकायत करेंगे। उन्होंने बताया कि यह भूमि पूर्ण रूप से सरकारी है और राजकीय भूमि होने के उनके पास सारे सबूत हैं। इसके लिए उन्हें कोर्ट भी जाना पड़ेगा तो वह पीछे नहीं हटेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे की मखदूमपुर कॉलोनी में चल रहे अवैध निर्माण को लेकर कॉलोनी के लोगों की शिकायत पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने करीब दस दिन बाद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और जांच होने तक निर्माण कार्य को तुरंत रोकने के निर्देश दिए। वहीं, कॉलोनी के लोगों ने उनके घरों के सामने की खड़ी की गई दीवार को तुरंत हटवाने की मांग की।
मखदूमपुर कॉलोनी में पिछले कई दिनों से चल रहा अवैध निर्माण कस्बे में चर्चा का विषय बना हुआ है। मुख्य मार्ग पर स्थित करोड़ों रुपये की बेशकीमती भूमि पर निर्माण की शिकायत 15 दिनों से लगातार अधिकारियों से की जा रही थी। परंतु किसी भी अधिकारी की नींद नहीं टूटी और कब्जाधारी ने दिन-रात कार्य कर मंदिर के चारों ओर बड़े भूभाग में दीवार खड़ी कर ली। इसके बाद शासन प्रशासन के अधिकारी नींद से जागे। बुधवार को जब मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में पहुंचा।
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बृहस्पतिवार को शिव मंदिर सेवा ट्रस्ट के पदाधिकारी की शिकायत पर नायब तहसीलदार सचिन चौधरी, नगर पंचायत के ईओ राजीव कुमार, अतिरिक्त प्रभार सीओ मवाना सदर देहात शिव प्रताप सिंह, थाना प्रभारी शशांक द्विवेदी मौके पर पहुंचे। कॉलोनी के लोगों ने उनके सामने हंगामा करते हुए अवैध निर्माण करने का आरोप लगाया। कहा कि उक्त लोगों द्वारा मंदिर के चारों ओर बड़ी-बड़ी दीवार खड़ी कर दी गई है। मंदिर जाने का भी कोई रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने कॉलोनी की ओर उन्होंने रास्ता खुलवाने की मांग की। इसके बाद कॉलोनी की ओर दीवार हटाकर एक गेट बनाया गया।
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लोगों ने आरोप लगाया कि मंदिर को चारों ओर से बंद कर अवैध निर्माण करने वाले लोगों की मंशा साफ है। कॉलोनी के कुछ लोग अवैध निर्माण को पूरी तरह हटवाने की मांग पर अड़े रहे। वहां मौजूद महिलाओं ने आरोप लगाया कि शासन प्रशासन के अधिकारी अवैध निर्माण करने वाले लोगों के दबाव में काम कर रहे हैं। इसके चलते पिछले एक सप्ताह से अवैध निर्माण रुकवाने के लिए कोई नहीं आया। जबकि जिस भूमि पर मंदिर बना है यह सरकारी भूमि है। सरकारी भूमि पर दिनदहाड़े अवैध कब्जा प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा है।
नगर पंचायत की ओर से नहीं हुई कार्रवाई
मखदूमपुर कॉलोनी नगर पंचायत का वार्ड छह है। इसी कॉलोनी में मुख्य मार्ग पर शिव मंदिर मौजूद है। शिकायतकर्ता सुशील कुमार ने बताया कि नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अगर कॉलोनी में कहीं अवैध निर्माण होता है तो तुरंत कार्रवाई के लिए नगर पंचायत की टीम को भेजते हैं परंतु यहां शिकायत के बावजूद नगर पंचायत की टीम या अधिशासी अधिकारी मौके पर नहीं आए। दस दिन के बाद जब निर्माण कार्य पूरा हुआ तो बृहस्पतिवार को ईओ को फुर्सत मिली और वह स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अवैध कब्जे में स्थानीय स्तर के सभी अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। इसकी वह उच्च अधिकारियों से जांच कराएंगे।
डीएम और कमिश्नर से करेंगे शिकायत
शिव मंदिर सेवा ट्रस्ट के पदाधिकारी सुशील कुमार, नरेश ठाकुर एवं जगबीर ने बताया कि जब तक अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं होती तब तक वह लगातार इसकी शिकायत करेंगे। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी और कमिश्नर से मिलकर मामले की शिकायत करेंगे। उन्होंने बताया कि यह भूमि पूर्ण रूप से सरकारी है और राजकीय भूमि होने के उनके पास सारे सबूत हैं। इसके लिए उन्हें कोर्ट भी जाना पड़ेगा तो वह पीछे नहीं हटेंगे।