फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Teachers in government school of shamli taking rest and kids digging in the sun

यूपी : स्कूल बैग को तकिया बना कर मास्टर जी फरमा रहे आराम, बच्चे धूप में चला रहे फावड़ा

Sat, 07 Jul 2018 05:16 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाल, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाल, मेरठ Updated Sat, 07 Jul 2018 05:16 PM IST
विज्ञापन
Teachers in government school of shamli taking rest and kids digging in the sun
शामली के सरकारी स्कूल में आराम फरमाते अध्यापक तथा फावड़ा चलाते बच्चे - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में व्यवस्था सुधार को लेकर जहां ढेरों दावे किए जाते हैं वहीं आलम यह है कि बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी लेने वाले शिक्षक ही बच्चों की शिक्षा को गंभीरता से नहीं ले रहे। ऐसा ही नजारा शामली के बाबरी क्षेत्र स्थित गांव लाडो मजरी स्थित सरकारी स्कूल में सामने आया है। 
विज्ञापन


दरअसल, स्कूल में तैनात अध्यापक कक्षा में बच्चों की टाट पट्टी पर स्कूल बैग को तकिया बनाकर लेटे नजर आए, वहीं तो बच्चों को फावड़ा देकर नाले की खुदाई में लगाया हुआ था। अमर उजाला की टीम जब मौके पर पहुंची, तो अध्यापक बगल झांकने लगे।
विज्ञापन

सरकार के प्रयासों को पलीता लगा रहे अध्यापक

Teachers in government school of shamli taking rest and kids digging in the sun
धूप में फावड़ा चलाते बच्चे - फोटो : अमर उजाला


जी हां, शिक्षा में आखिर कैसे सुधार हो, जब बच्चों का भविष्य बनाने की जिम्मेदारी संभालने वाले अध्यापक ही आराम तलब हो जाएं। प्रदेश सरकार की तरफ से परिषदीय स्कूलों में शिक्षा सुधार के लिए खूब प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन ऐसे अध्यापक सरकार के प्रयासों को पलीता लगा रहे हैं। 

शुक्रवार को गांव लाडो मजरी के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों ने मीडिया को सूचना दी कि विद्यालय में अध्यापक पढ़ाते नहीं है। अमर उजाला टीम मौके पर पहुंची, तो कैमरे में कई चौंकाने वाले दृश्य कैद हुए। स्कूल में तैनात अध्यापक अरविंद कुमार बच्चों को पढ़ाने के बजाय  कक्षा में टाट पट्टी को बिस्तर बनाकर लेटे थे और बच्चों के बैग को तकिया बनाया हुआ था। 

पढ़ाने में नहीं, बल्कि आराम फरमाने में अध्यापकों का ध्यान

Teachers in government school of shamli taking rest and kids digging in the sun
मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते अध्यापक - फोटो : अमर उजाला

मास्टर जी जहां आराम से लेटकर मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे। कुछ बच्चे भी उनके पास बैठे हुए थे। वहीं विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं को फावड़ा व तसला देकर नाले की खुदाई में लगा दिया गया। इससे साफ है कि सरकारी स्कूल में अध्यापकों का ध्यान बच्चों को पढ़ाने में नहीं, बल्कि आराम फरमाने में ज्यादा रहता है।  

राकेश कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, थानाभवन ने बताया कि बच्चे स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते हैं न कि काम करने के लिए। यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो उक्त शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed