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Meerut News: नियमित विभागों के शिक्षक ही लेंगे नए पाठयक्रमों की कक्षाएं
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एमफिल बंद होने के बाद नियमित विभागों में शुरू हुई थी बीए-बीएससी ऑनर्स और आईटीईपी पाठ्यक्रमों की कक्षाएं
सीसीएसयू में हुई डीन की ऑनलाइन बैठक में लिया गया निर्णय,
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में एमफिल पाठ्यक्रम बंद होने के बाद नियमित विभागों में शुरू किए गए बीए-बीएससी ऑनर्स और आईटीईपी (बीए-बीएड/बीएससी-बीएड) पाठ्यक्रमों की पढ़ाई अब संबंधित विभागों के शिक्षक कराएंगे। विश्वविद्यालय में हुई डीन की ऑनलाइन बैठक में इस संबंध में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो भूपेंद्र सिंह ने बताया की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के तहत एमफिल पाठ्यक्रमों के बंद होने के बाद नियमित विभागों में बीए, बीएससी ऑनर्स और आईटीईपी पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। इन पाठ्यक्रमों के लिए अलग से कोई समन्वयक नियुक्त नहीं किया गया है। संबंधित विभागाध्यक्ष ही इन पाठ्यक्रमों का संचालन देख रहे हैं।
बैठक में तय किया गया कि विश्वविद्यालय के नियमित विभागों में कार्यरत सभी शिक्षकों को इन पाठ्यक्रमों की कक्षाएं भी लेनी होंगी। शिक्षकों को कक्षाएं उनके साप्ताहिक कार्यभार के अनुसार आवंटित की जाएंगी। इसके लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और उत्तर प्रदेश सरकार के निर्धारित नियमों का पालन किया जाएगा।
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी विभागाध्यक्षों, समन्वयकों, निदेशकों और शिक्षकों को निर्णय की जानकारी देते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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सीसीएसयू में हुई डीन की ऑनलाइन बैठक में लिया गया निर्णय,
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में एमफिल पाठ्यक्रम बंद होने के बाद नियमित विभागों में शुरू किए गए बीए-बीएससी ऑनर्स और आईटीईपी (बीए-बीएड/बीएससी-बीएड) पाठ्यक्रमों की पढ़ाई अब संबंधित विभागों के शिक्षक कराएंगे। विश्वविद्यालय में हुई डीन की ऑनलाइन बैठक में इस संबंध में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो भूपेंद्र सिंह ने बताया की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के तहत एमफिल पाठ्यक्रमों के बंद होने के बाद नियमित विभागों में बीए, बीएससी ऑनर्स और आईटीईपी पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। इन पाठ्यक्रमों के लिए अलग से कोई समन्वयक नियुक्त नहीं किया गया है। संबंधित विभागाध्यक्ष ही इन पाठ्यक्रमों का संचालन देख रहे हैं।
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बैठक में तय किया गया कि विश्वविद्यालय के नियमित विभागों में कार्यरत सभी शिक्षकों को इन पाठ्यक्रमों की कक्षाएं भी लेनी होंगी। शिक्षकों को कक्षाएं उनके साप्ताहिक कार्यभार के अनुसार आवंटित की जाएंगी। इसके लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और उत्तर प्रदेश सरकार के निर्धारित नियमों का पालन किया जाएगा।
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी विभागाध्यक्षों, समन्वयकों, निदेशकों और शिक्षकों को निर्णय की जानकारी देते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।