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मेरठ: विभागीय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा 63 दुकानों का राशन, कई पर लटकी कार्रवाई की तलवार
Sun, 18 Oct 2020 02:36 PM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2020 02:36 PM IST
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सरकारी राशन
- फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में राशन कार्ड और यूनिट कटने के बाद उनके हिस्से का राशन गायब करने के मामले में एक बार फिर आपूर्ति विभाग भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गया है। एक एआरओ, दो पूर्ति निरीक्षक और एक कंप्यूटर ऑपरेटर सहित कुल सात विभागीय लोगों की संलिप्तता सामने आई है। सभी पर कार्रवाई की तलवार लटकी है।
वर्ष 2018 में जांच के बाद 63 दुकानों में काफी संख्या में राशनकार्ड अपात्र घोषित हुए थे। नियमानुसार इन राशनकार्ड का राशन कोटेदार को सुरक्षित रखना था, लेकिन विभागीय अफसरों की मिलीभगत से सारा राशन बेच दिया गया। शिकायत के बाद विभागीय जांच बैठी। इसमें आरोप सही पाए गए।
जांच में तत्कालीन एआरओ नरेंद्र सिंह, पूर्ति निरीक्षक देवेंद्र सिंह व आशाराम के अलावा कंप्यूटर ऑपरेटर शाहनवाज सहित सात लोगों को दोषी पाया गया। सदर तहसील में 35, मवाना में 13 और सरधना में 14 दुकान में गड़बड़ी मिली है।
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विवाद से घिरी दुकानों की स्थिति
ब्लॉक संख्या
मेरठ 05
खरखौदा 05
जानी 05
रोहटा 15
रजपुरा 05
मवाना 03
माछरा 03
हस्तिनापुर 03
परीक्षितगढ़ 04
सरधना 05
सरूरपुर 05
दौराला 04
सभी कोटेदार और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर की तैयारी की जा रही है। दुकान निलंबित होने के बाद लोग परेशान न हों, इसके लिए अटैचमेंट की व्यवस्था बना दी जाएगी। -नीरज सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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वर्ष 2018 में जांच के बाद 63 दुकानों में काफी संख्या में राशनकार्ड अपात्र घोषित हुए थे। नियमानुसार इन राशनकार्ड का राशन कोटेदार को सुरक्षित रखना था, लेकिन विभागीय अफसरों की मिलीभगत से सारा राशन बेच दिया गया। शिकायत के बाद विभागीय जांच बैठी। इसमें आरोप सही पाए गए।
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जांच में तत्कालीन एआरओ नरेंद्र सिंह, पूर्ति निरीक्षक देवेंद्र सिंह व आशाराम के अलावा कंप्यूटर ऑपरेटर शाहनवाज सहित सात लोगों को दोषी पाया गया। सदर तहसील में 35, मवाना में 13 और सरधना में 14 दुकान में गड़बड़ी मिली है।
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मेरठ 05
खरखौदा 05
जानी 05
रोहटा 15
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मवाना 03
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हस्तिनापुर 03
परीक्षितगढ़ 04
सरधना 05
सरूरपुर 05
दौराला 04
सभी कोटेदार और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर की तैयारी की जा रही है। दुकान निलंबित होने के बाद लोग परेशान न हों, इसके लिए अटैचमेंट की व्यवस्था बना दी जाएगी। -नीरज सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी