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Meerut News: उफनी हिंडन... खेतों में भरा पानी, चारे का संकट गहराया
Mon, 13 Jul 2026 08:09 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Mon, 13 Jul 2026 08:09 PM IST
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खादर क्षेत्र के कई गांवों में फसलों में भरा पानी, किसानों को खराब होने का डर सता रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
सरूरपुर। हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों के किसानों की चिंता बढ गई है। नदी किनारे खादर क्षेत्र में खड़ी हजारों बीघा फसल पानी में डूब गई है। सबसे अधिक नुकसान गन्ना, चारा, बाजरा और अन्य मौसमी फसलों को पहुंच रहा है। किसान खेतों से पानी उतरने का इंतजार कर रहे है, लेकिन जलस्तर लगातार बढ रहा है। सबसे अधिक नुकसान बपारसी, पांचली बुजुर्ग, कस्बा हर्रा, खिवाई, कलीना गांव प्रभावित हैं।
गांव बपारसी निवासी किसान नरेंद्र ने बताया कि उसकी करीब तीन बीघा गन्ना की फसल जलभराव से प्रभावित है। यदि जल्द पानी नहीं उतरा तो खड़ी फसल पूरी तरह नष्ट हो जाएगी। जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
गन्ने की फसल डूबी
किसान सतीश कुमार ने बताया कि उसकी चार बीघा फसल गन्ना की फसल पूरी तरह से पानी में डूब गई है। हाल ही में फसल पर खाद और सिंचाई सहित अन्य कृषि कार्यों पर हजारों रुपये खर्च किए थे। अब खेतों में पानी भर जाने से उनकी मेहनत पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है।
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फसलों की जड़े सड़ने लगी : संजू
किसान संजू ने बताया कि लगातार जलभराव रहने से फसलों की जड़ें सड़ने और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई है। पिछले पांच दिनों से लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण वे खेतों तक भी नहीं पहुंच पा रहे है।
चारे का संकट गहराया : मोनू
किसान मोनू ने बताया कि उसके डेढ़ बीघा चारे की फसल पूरी तरह से पानी में डूब गई है। जिसे उसे पशुओं के चारे के लिए भी बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन को सर्वे कराकर मुआवजा देना चाहिए।
लोग सतर्क रहें, हालात पर प्रशासन की नजर : एसडीएम
एसडीएम उदित नारायण सेंगर का कहना कि हिंडन नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। संबंधित विभागों के अधिकारी स्थिति पर निगरानी रखे हुए है। नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। यदि जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो खादर क्षेत्र में जलभराव का दायरा और बढ़ सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरूरपुर। हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों के किसानों की चिंता बढ गई है। नदी किनारे खादर क्षेत्र में खड़ी हजारों बीघा फसल पानी में डूब गई है। सबसे अधिक नुकसान गन्ना, चारा, बाजरा और अन्य मौसमी फसलों को पहुंच रहा है। किसान खेतों से पानी उतरने का इंतजार कर रहे है, लेकिन जलस्तर लगातार बढ रहा है। सबसे अधिक नुकसान बपारसी, पांचली बुजुर्ग, कस्बा हर्रा, खिवाई, कलीना गांव प्रभावित हैं।
गांव बपारसी निवासी किसान नरेंद्र ने बताया कि उसकी करीब तीन बीघा गन्ना की फसल जलभराव से प्रभावित है। यदि जल्द पानी नहीं उतरा तो खड़ी फसल पूरी तरह नष्ट हो जाएगी। जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
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गन्ने की फसल डूबी
किसान सतीश कुमार ने बताया कि उसकी चार बीघा फसल गन्ना की फसल पूरी तरह से पानी में डूब गई है। हाल ही में फसल पर खाद और सिंचाई सहित अन्य कृषि कार्यों पर हजारों रुपये खर्च किए थे। अब खेतों में पानी भर जाने से उनकी मेहनत पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है।
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फसलों की जड़े सड़ने लगी : संजू
किसान संजू ने बताया कि लगातार जलभराव रहने से फसलों की जड़ें सड़ने और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई है। पिछले पांच दिनों से लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण वे खेतों तक भी नहीं पहुंच पा रहे है।
चारे का संकट गहराया : मोनू
किसान मोनू ने बताया कि उसके डेढ़ बीघा चारे की फसल पूरी तरह से पानी में डूब गई है। जिसे उसे पशुओं के चारे के लिए भी बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन को सर्वे कराकर मुआवजा देना चाहिए।
लोग सतर्क रहें, हालात पर प्रशासन की नजर : एसडीएम
एसडीएम उदित नारायण सेंगर का कहना कि हिंडन नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। संबंधित विभागों के अधिकारी स्थिति पर निगरानी रखे हुए है। नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। यदि जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो खादर क्षेत्र में जलभराव का दायरा और बढ़ सकता है।