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Meerut News: गणित पत्रवाचन प्रतियोगिता में स्वाति प्रथम
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बालेराम बृजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर में हुआ आयोजन, अनन्या दूसरे और विनय तीसरे नंबर पर रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। शास्त्रीनगर स्थित बालेराम बृजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर में गणित पत्रवाचन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय भारत का गणित के क्षेत्र में योगदान एवं विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग रखा गया। प्रतियोगिता में स्वाति यादव ने शून्य से सुपर कंप्यूटर तक भारत की गणितीय यात्रा विषय पर प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। अनन्या दूसरे ओर विनय ने तीसरा स्थान हासिल किया। कुणाल चौथे नंबर पर रहे।
इसमें कक्षा नौ से 12 तक के 60 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। विद्यालय की प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार अग्रवाल ने किया।
विशिष्ट अतिथि एवं विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार शर्मा ने आर्यभटीय और लीलावती जैसे प्राचीन भारतीय गणितीय ग्रंथों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विज्ञान और तकनीक के वर्तमान दौर में गणित की मजबूत नींव अत्यंत आवश्यक है। विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रभात कुमार गुप्ता ने कहा कि अभिभावकों को बच्चों को रटने के बजाय अवधारणाओं को समझने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
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प्रतियोगिता दो चरणों में आयोजित की गई। पहले चरण में विद्यार्थियों ने भारत के गणितीय योगदान और उसके समकालीन उपयोग पर 1500 शब्दों तक के शोधपत्र प्रस्तुत किए। दूसरे चरण में चयनित 12 विद्यार्थियों ने पांच-पांच मिनट का पत्रवाचन किया। निर्णायक मंडल में मुकेश कुमार शर्मा, नितिन बडोला और गीता अग्रवाल शामिल रहीं। मूल्यांकन विषय-वस्तु, प्रस्तुति कौशल, भाषा और मौलिकता के आधार पर किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। शास्त्रीनगर स्थित बालेराम बृजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर में गणित पत्रवाचन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय भारत का गणित के क्षेत्र में योगदान एवं विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग रखा गया। प्रतियोगिता में स्वाति यादव ने शून्य से सुपर कंप्यूटर तक भारत की गणितीय यात्रा विषय पर प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। अनन्या दूसरे ओर विनय ने तीसरा स्थान हासिल किया। कुणाल चौथे नंबर पर रहे।
इसमें कक्षा नौ से 12 तक के 60 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। विद्यालय की प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार अग्रवाल ने किया।
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विशिष्ट अतिथि एवं विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार शर्मा ने आर्यभटीय और लीलावती जैसे प्राचीन भारतीय गणितीय ग्रंथों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विज्ञान और तकनीक के वर्तमान दौर में गणित की मजबूत नींव अत्यंत आवश्यक है। विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रभात कुमार गुप्ता ने कहा कि अभिभावकों को बच्चों को रटने के बजाय अवधारणाओं को समझने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
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प्रतियोगिता दो चरणों में आयोजित की गई। पहले चरण में विद्यार्थियों ने भारत के गणितीय योगदान और उसके समकालीन उपयोग पर 1500 शब्दों तक के शोधपत्र प्रस्तुत किए। दूसरे चरण में चयनित 12 विद्यार्थियों ने पांच-पांच मिनट का पत्रवाचन किया। निर्णायक मंडल में मुकेश कुमार शर्मा, नितिन बडोला और गीता अग्रवाल शामिल रहीं। मूल्यांकन विषय-वस्तु, प्रस्तुति कौशल, भाषा और मौलिकता के आधार पर किया गया।
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