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Meerut News: पुलिस की निगराी में रहे स्वामी दीपक ज्ञानानंद सरस्वती महाराज
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आदि गुरु शंकराचार्य नगलामल आश्रम के संस्थापक स्वामी दीपक ज्ञानेंद्र सरस्वती महाराज
मुंड़ाली। मुंड़ाली क्षेत्र के गांव नंगलामल स्थित आदि गुरु शंकराचार्या गुरुकुल आश्रम के संस्थापक स्वामी दीपक ज्ञानानंद सरस्वती महाराज गुरुवार को पूरे दिन आश्रम पर पुलिस की निगरानी में रहे। सुबह होते ही एलआईयू सीओ व मुंड़ाली पुलिस की टीम महाराज के आश्रम पर पहुंच गई और निगरानी में ले लिया। पुलिस को डर था कि कहीं महाराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में न पहुंच जाए और कोई बखेड़ा न खड़ा कर दे।
नंगलामल स्थित आदि गुरु शंकराचार्या गुरुकुल आश्रम के संस्थापक स्वामी दीपक ज्ञानानंद सरस्वती महाराज पिछले करीब एक साल से नंगलामल स्थित दूसरे समुदाय के कब्रिस्तान को अवैध बताकर लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका कहना है कि यहां पर कई बीघा जमीन में फैले कब्रिस्तान अवैध हैं।
सीएम व डिप्टी सीएम के शहर से जाने की सूचना पुलिस को मिली तो एलआईयू की टीम व थाना पुलिस महाराज को यह बताकर वहां से लौट गई कि उन्होंने उनकी बात को फोन के माध्यम से सीएम व डिप्टी सीएम तक पहुंचा दिया है। जल्द ही कार्रवाई होगी। पुलिस की ओर से गुमराह किए जाने पर महाराज ने कड़ी नाराजगी जताई और फोन पर पुलिस वालों से उनकी नोकझोंक भी हुई। महाराज ने घोषणा की है कि वह उक्त मांगों को लेकर शीघ्र ही अपने शिष्यों के साथ दिल्ली कूच करेंगे और 21 फरवरी को संसद पर धरना-प्रदर्शन कर अनशन पर बैठेंगे।
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नंगलामल स्थित आदि गुरु शंकराचार्या गुरुकुल आश्रम के संस्थापक स्वामी दीपक ज्ञानानंद सरस्वती महाराज पिछले करीब एक साल से नंगलामल स्थित दूसरे समुदाय के कब्रिस्तान को अवैध बताकर लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका कहना है कि यहां पर कई बीघा जमीन में फैले कब्रिस्तान अवैध हैं।
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सीएम व डिप्टी सीएम के शहर से जाने की सूचना पुलिस को मिली तो एलआईयू की टीम व थाना पुलिस महाराज को यह बताकर वहां से लौट गई कि उन्होंने उनकी बात को फोन के माध्यम से सीएम व डिप्टी सीएम तक पहुंचा दिया है। जल्द ही कार्रवाई होगी। पुलिस की ओर से गुमराह किए जाने पर महाराज ने कड़ी नाराजगी जताई और फोन पर पुलिस वालों से उनकी नोकझोंक भी हुई। महाराज ने घोषणा की है कि वह उक्त मांगों को लेकर शीघ्र ही अपने शिष्यों के साथ दिल्ली कूच करेंगे और 21 फरवरी को संसद पर धरना-प्रदर्शन कर अनशन पर बैठेंगे।
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