{"_id":"6a57bddc5f5585a2d80696b0","slug":"suspended-pac-constable-arrested-for-the-second-time-in-connection-with-female-students-murder-meerut-news-c-14-1-gnd1003-1246065-2026-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: छात्रा की हत्या में पीएसी का निलंबित सिपाही दूसरी बार गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: छात्रा की हत्या में पीएसी का निलंबित सिपाही दूसरी बार गिरफ्तार
विज्ञापन
15 मई को छात्रा की अपहरण कर की गई थी हत्या, रोहटा क्षेत्र में ईख के खेत में मिला था शव
साक्ष्य छिपाने के आरोप गिरफ्तार करने पर थाने से मिली थी जमानत, अब हत्या की साजिश में पकड़ा
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। अनुसूचित जाति की छात्रा को अगवा कर हत्या में पुलिस ने दो माह बाद पीएसी के निलंबित सिपाही कल्याणपुर गांव के अंकित चौधरी को दूसरी बार गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले आरोपी को छात्रा की हत्या मेें साक्ष्य छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था लेकिन उसे जमानत मिल गई थी। आरोपी को हत्या की साजिश में गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले पुलिस अंकित चौधरी के भाई कल्याणपुर निवासी मुख्यारोपी अंकुश चौधरी और खेत मालिक आदेश को गिरफ्तार कर चुकी है।
15 मई को टीपीनगर क्षेत्र से परीक्षा देने के लिए निकली बीए अंतिम वर्ष की छात्रा को अगवा कर लिया गया था। अगले दिन छात्रा के परिजनों ने थाने में अंकुश चौधरी के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। 17 मई को छात्रा का शव रोहटा थाना क्षेत्र के गांव उकसिया स्थित ईख के खेत में मिला था। इसी दिन थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की गई थी। परिजनों ने शव जलाने और सामूहिक दुष्कर्म का भी आरोप लगाया था लेकिन पुलिस का कहना था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई थी।
शुरुआत में पुलिस अंकित चौधरी को साक्ष्य छिपाने और मुख्यारोपी भाई अंकुश की मदद करने का आरोपी बता रही थी। अब पुलिस जांच में सामने आया है कि स्वतंत्र गवाहों के बयानों और अन्य तथ्यों से पता चला है कि हत्या के दिन आरोपी मौका-ए-वारदात पर मौजूद था। आरोपी मुरादाबाद में तैनात रहा था। पुलिस ने आरोपी को बुधवार को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया है। इससे पहले आरोपी को कोर्ट मेें पेश किया गया था लेकिन सात साल से कम की सजा होने के कारण कोर्ट ने रिमांड नहीं दिया था। आरोपी को थाने से ही जमानत दी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई थी लेकिन अब पुलिस इसके लिए फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
विज्ञापन
-- --
गिरफ्तारी व अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन के दौरान हुआ था उपद्रव
छात्रा के परिजन वारदात के बाद से ही आरोपी अंकित की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। उन्होंने सामूहिक दुष्कर्म की धारा बढ़ाने व अन्य मांगों को लेकर आठ जुलाई को कलक्ट्रेट के सामने धरना दिया था। उनके साथ बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन में कुछ अराजक तत्व शामिल हो गए थे। उन्होंने पुलिस पर हमला किया। महिला पुलिसकर्मियोें पर अश्लील कमेंट किए। इसके चलते पुलिस ने बल प्रयोग कर आरोपियों को खदेड़ दिया था। बता दें कि एसएसपी अविनाश पांडेय ने भी इस दौरान कुछ आरोपियों को थप्पड़ जड़े थे।
-- --
हत्या के दिन पत्नी के प्रसव की तिथि का झूठ बोलकर लिया था अवकाश
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अंकित चौधरी ने पीएसी के अधिकारियों से झूठा बोला था कि उसकी पत्नी गर्भवती है। उसने यह कहकर अवकाश ले लिया था कि 15 मई को उसकी पत्नी का प्रसव होना था। इसी दिन छात्रा की हत्या की गई थी। पुलिस ने ग्रामीणों से इस संबंध में बयान लिए तो पता चला कि अंकित की पत्नी गर्भवती नहीं थी।
-- --
अंकित ने अवकाश लिया और छात्रा ने अनहोनी की आशंका जता लिखा था नोट
छात्रा की हत्या के बाद परिजनों को उसकी किताब-कॉपी से एक नोट मिला था। यह नोट भी परिजनों ने पुलिस को सौंपा था। इस नोट की बातों को अमर उजाला ने 18 मई को प्रकाशित किया था। छात्रा ने यह नोट 11 मई को लिखा था। इसी दिन अंकित अवकाश लेकर आया था। नोट में छात्रा ने लिखा था कि मैं परीक्षा देने जा रही हूं लेकिन मुझे बहुत ही अजीब फील हो रहा है। पता नहीं क्यों डर महसूस हो रहा है। भगवान से हाथ जोड़कर विनती है कुछ गलत न होने देना। मेरा घर न बिखर जाए। मेरे बिना मम्मी, पापा, बहन-भाई तो रह भी नहीं पाएंगे। पता नहीं क्यों लिखते समय मेरे आंसू बह रहे हैं। भगवान सब कुछ ठीक रखना। सेव मी सेव ऑल।
आरोपियों को पनाह देने और साजिश की धारा बढ़ाई
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि आरोपी अंकित चौधरी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने छात्रा की हत्या की जांच के दौरान बीएनएस की धारा 239 (अपराध की सूचना छिपाना), 249 (अपराधियों को पनाह देना), 61(2) (आपराधिक साजिश) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(V) बढ़ाई है।
-- -- -
विज्ञापन
साक्ष्य छिपाने के आरोप गिरफ्तार करने पर थाने से मिली थी जमानत, अब हत्या की साजिश में पकड़ा
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। अनुसूचित जाति की छात्रा को अगवा कर हत्या में पुलिस ने दो माह बाद पीएसी के निलंबित सिपाही कल्याणपुर गांव के अंकित चौधरी को दूसरी बार गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले आरोपी को छात्रा की हत्या मेें साक्ष्य छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था लेकिन उसे जमानत मिल गई थी। आरोपी को हत्या की साजिश में गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले पुलिस अंकित चौधरी के भाई कल्याणपुर निवासी मुख्यारोपी अंकुश चौधरी और खेत मालिक आदेश को गिरफ्तार कर चुकी है।
15 मई को टीपीनगर क्षेत्र से परीक्षा देने के लिए निकली बीए अंतिम वर्ष की छात्रा को अगवा कर लिया गया था। अगले दिन छात्रा के परिजनों ने थाने में अंकुश चौधरी के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। 17 मई को छात्रा का शव रोहटा थाना क्षेत्र के गांव उकसिया स्थित ईख के खेत में मिला था। इसी दिन थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की गई थी। परिजनों ने शव जलाने और सामूहिक दुष्कर्म का भी आरोप लगाया था लेकिन पुलिस का कहना था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई थी।
विज्ञापन
शुरुआत में पुलिस अंकित चौधरी को साक्ष्य छिपाने और मुख्यारोपी भाई अंकुश की मदद करने का आरोपी बता रही थी। अब पुलिस जांच में सामने आया है कि स्वतंत्र गवाहों के बयानों और अन्य तथ्यों से पता चला है कि हत्या के दिन आरोपी मौका-ए-वारदात पर मौजूद था। आरोपी मुरादाबाद में तैनात रहा था। पुलिस ने आरोपी को बुधवार को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया है। इससे पहले आरोपी को कोर्ट मेें पेश किया गया था लेकिन सात साल से कम की सजा होने के कारण कोर्ट ने रिमांड नहीं दिया था। आरोपी को थाने से ही जमानत दी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई थी लेकिन अब पुलिस इसके लिए फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
विज्ञापन
गिरफ्तारी व अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन के दौरान हुआ था उपद्रव
छात्रा के परिजन वारदात के बाद से ही आरोपी अंकित की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। उन्होंने सामूहिक दुष्कर्म की धारा बढ़ाने व अन्य मांगों को लेकर आठ जुलाई को कलक्ट्रेट के सामने धरना दिया था। उनके साथ बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन में कुछ अराजक तत्व शामिल हो गए थे। उन्होंने पुलिस पर हमला किया। महिला पुलिसकर्मियोें पर अश्लील कमेंट किए। इसके चलते पुलिस ने बल प्रयोग कर आरोपियों को खदेड़ दिया था। बता दें कि एसएसपी अविनाश पांडेय ने भी इस दौरान कुछ आरोपियों को थप्पड़ जड़े थे।
हत्या के दिन पत्नी के प्रसव की तिथि का झूठ बोलकर लिया था अवकाश
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अंकित चौधरी ने पीएसी के अधिकारियों से झूठा बोला था कि उसकी पत्नी गर्भवती है। उसने यह कहकर अवकाश ले लिया था कि 15 मई को उसकी पत्नी का प्रसव होना था। इसी दिन छात्रा की हत्या की गई थी। पुलिस ने ग्रामीणों से इस संबंध में बयान लिए तो पता चला कि अंकित की पत्नी गर्भवती नहीं थी।
अंकित ने अवकाश लिया और छात्रा ने अनहोनी की आशंका जता लिखा था नोट
छात्रा की हत्या के बाद परिजनों को उसकी किताब-कॉपी से एक नोट मिला था। यह नोट भी परिजनों ने पुलिस को सौंपा था। इस नोट की बातों को अमर उजाला ने 18 मई को प्रकाशित किया था। छात्रा ने यह नोट 11 मई को लिखा था। इसी दिन अंकित अवकाश लेकर आया था। नोट में छात्रा ने लिखा था कि मैं परीक्षा देने जा रही हूं लेकिन मुझे बहुत ही अजीब फील हो रहा है। पता नहीं क्यों डर महसूस हो रहा है। भगवान से हाथ जोड़कर विनती है कुछ गलत न होने देना। मेरा घर न बिखर जाए। मेरे बिना मम्मी, पापा, बहन-भाई तो रह भी नहीं पाएंगे। पता नहीं क्यों लिखते समय मेरे आंसू बह रहे हैं। भगवान सब कुछ ठीक रखना। सेव मी सेव ऑल।
आरोपियों को पनाह देने और साजिश की धारा बढ़ाई
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि आरोपी अंकित चौधरी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने छात्रा की हत्या की जांच के दौरान बीएनएस की धारा 239 (अपराध की सूचना छिपाना), 249 (अपराधियों को पनाह देना), 61(2) (आपराधिक साजिश) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(V) बढ़ाई है।