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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Survey in Saharanpur and Muzaffarnagar for Rhinoceros Habitat

गैंडा हैबिटेट के लिए सहारनपुर और मुजफ्फरनगर में सर्वे

Sat, 31 Aug 2019 02:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा आनंद प्रकाश, सहारनपुर
आनंद प्रकाश, सहारनपुर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 31 Aug 2019 02:22 AM IST
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Survey in Saharanpur and Muzaffarnagar for Rhinoceros Habitat
Rhino

मुजफ्फरनगर के हैदरपुर झील को बायोडायवर्सिटी पार्क के रूप में विकसित करने की प्लानिंग के साथ ही राइनो (गैंडा) हैबिटेट को लेकर भी सर्वे चल रहा है। यह सर्वे वन विभाग और डब्लूडब्लूएफ की टीम द्वारा किया जा रहा है जिसमें मुजफ्फरनगर की हैदरपुर झील के अलावा हरिद्वार के झिलमिल ताल के बीच की भौगोलिक स्थिति देखी जा रही है। 

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अभी तक शिवालिक वन क्षेत्र में गैंडा नहीं है, लेकिन यहां के मौसम और अन्य संभावनाओं को देखते हुए गैंडा हैबिटेट को लेकर विचार चल रहा है। कई दिन से डब्लूडब्लूएफ की टीम मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और हरिद्वार का दौरा कर चुकी है। 
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सहारनपुर परिक्षेत्र के वन संरक्षक वीके जैन ने बताया कि मुजफ्फरनगर में हैदरपुर झील को बायोडायवर्सिटी पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। क्योंकि वहां पर विभिन्न प्रजातियों के हजारों पक्षी विचरण करते हैं। इसके अलावा राइनो (गैंडा) के हैबिटेट को लेकर भी सर्वे हो रहा है। 
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उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह ही मंडलायुक्त संजय कुमार के साथ डब्लूडब्लूएफ की टीम ने सर्वे किया। उन्होंने बताया कि मंडलायुक्त ने भी राइनो हैबिटेट को लेकर गंभीरता से सर्वे कराने को कहा है। वन संरक्षक ने बताया कि हैदरपुर झील के साथ ही हरिद्वार के निकट झिलमिल ताल को लेकर भी टीम द्वारा सर्वे किया जा रहा है। 

हैदरपुर झील से झिलमिल ताल तक देखा जा रहा है कि यहां मौसम कैसा रहता है, गैंडा के विचरण के लिए उपयुक्त दलदली और नमी वाली जमीन का क्षेत्र कितना है तथा गैंडे के चारे के लिए घास की क्या स्थिति है। वन संरक्षक ने बताया कि अभी सर्वे चल रहा है। सर्वे रिपोर्ट आने पर भविष्य में तय होगा कि यहां गैंडा हैबिटेट विकसित हो सकता है या नहीं। 


एक महीना चलेगा जानवरों की गणना को सर्वे 
वन संरक्षक वीके जैन ने बताया कि डब्लूडब्लूएफ की पांच सदस्यीय टीम और वन विभाग की टीम संयुक्त रूप से जंगली जानवरों की गणना के लिए भी सर्वे कर रहे हैं। यह सर्वे एक सितंबर से पूरे माह चलेगा। इसके लिए एक दिन पहले ही मोहंड गेस्ट हाउस पर ट्रेनिंग कैंप भी लगाया गया, जिसमें डब्लूडब्लूएफ से एके सिंह, बोपन्ना, देवव्रत शर्मा सहित रेंज अधिकारी और अन्य स्टाफ शामिल हुआ। उन्होंने बताया कि करीब 40 सेंसर कैमरे लगवाए जा रहे हैं। जैसे ही कोई जानवर कैमरे के सामने से गुजरेगा, तो वह कैमरे में कैद हो जाएगा।

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