Survey: मैं सही आप गलत, दांपत्य जीवन में जहर घोल रहा यह बर्ताव, काउंसलिंग में सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट
मैं सही आप गलत... यह बर्ताव दांपत्य जीवन में जहर घोल रहा है। मेरठ मेडिकल कॉलेज में नौ हजार महिला व पुरुषों की काउंसलिंग के दौरान चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। पति व पत्नी दोनों ही एक दूसरे को तव्वजो नहीं देते, ऐसे में दंपतियों के बीच समायोजन मनोविकार की समस्या बढ़ रही है।
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मैं सही हूं और आप गलत। दंपती का एक-दूसरे के प्रति यह व्यवहार तनाव दे रहा है। दोनों को डिप्रेशन का शिकार बना रहा है। पीएल शर्मा जिला महिला अस्पताल के मन कक्ष में एक जनवरी 2022 से 15 मई 2023 तक आए नौ हजार महिला और पुरुषों पर हुई स्टडी में यह खुलासा हुआ है।
महिलाएं और पुरुष सिर दर्द, अनिंद्रा, तनाव, आत्महत्या का विचार आना और हर वक्त दिल बुझा-बुझा रहना जैसी समस्याएं लेकर आए थे। काउंसिलिंग के दौरान पता चला कि दंपती के आपसी रिश्ते ज्यादा मजबूत नहीं हैं। दोनों एक-दूसरे को ज्यादा तवज्जोह नहीं देते। घर में कलह रहती है।
अवलोकन में पाया गया कि घबराहट, अनिंद्रा और तनाव का बड़ा कारण दंपती के रिश्तों में तल्खी और खराब व्यवहार भी है। उन्हें सलाह दी गई कि काउंसिलिंग और इलाज के साथ-साथ व्यवहार में सुधार करें।
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खैरनगर की रहने वाली एक महिला नींद न आने और तनाव की शिकायत लेकर जिला अस्पताल आई थीं। मन कक्ष में उसकी काउंसिलिंग की गई तो पता चला कि पति ज्यादा बात नहीं करता है, जिससे वह परेशान रहती है। उनके मन में दिनभर यही चलता रहता है। अपने भविष्य को लेकर सोचती रहती हैं और डिप्रेशन की शिकार हो गई हैं। इनके पति की भी काउंसिलिंग की गई, अब महिला ठीक है।
बच्चा पार्क के रहने वाला एक 40 वर्षीय युवक जिला अस्पताल आया। वह सिरदर्द और मानसिक रूप से तनाव में था। काउंसिलिंग में पता चला कि कोरोना काल में उसकी नौकरी छूट गई थी। तब से वह अच्छी नौकरी नहीं तलाश पाया। ऑनलाइन वर्क करके थोड़ी कमाई कर लेता है। पत्नी उसे ताने देती है, जिससे वह परेशान रहता है। सिरदर्द बना रहता है। उसकी पत्नी की भी काउंसिलिंग की गई है।
दो मीठे बोल कम कर सकते हैं तनाव
जिला अस्पताल की क्लिनिकल साइक्लोजिस्ट डॉ. विभा नागर ने बताया कि दंपती में हंसी मजाक और प्यार का इजहार होना चाहिए। काउंसिलिंग में पतियों को प्यार से बात करने की सलाह दी जाती है। महिलाओं को भी समझाया गया है।
परिवार का सहयोग जरूरी
जिला अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेंद्र किशोर ने बताया कि महिलाओं में एडजस्टमेंट डिसऑर्डर (समायोजन मनोविकार) की समस्या बढ़ रही है। ओपीडी में अधिकतर महिलाओं में इसी तरह की समस्या सामने आ रही है। ऐसी महिलाओं को ठीक करने के लिए परिवार और दोस्तों के सहयोग की भी जरूरत पड़ती है।