{"_id":"687fc989d17a44a1dd05145a","slug":"supreme-court-dismissed-central-market-demolition-writ-meerut-news-c-14-1-mrt1050-924948-2025-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों की पुनर्विचार याचिका भी खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों की पुनर्विचार याचिका भी खारिज
विज्ञापन
- पांच पुनरीक्षण याचिकाएं भी हो चुकीं हैं निरस्त
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों की ओर से दाखिल पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और आर. महादेवन ने 17 दिसंबर 2024 को अवैध कॉम्पलेक्स 661/6 के मामले में सुनवाई करते हुए ध्वस्तीकरण के आदेश दिए हैं। इसी आदेश के खिलाफ राजीव गुप्ता एवं अन्य की ओर उप्र आवास एवं विकास परिषद एवं अन्य बनाम याचिका दाखिल की थी। न्यायाधीश की खंडपीठ ने पुनर्विचार याचिका को हस्ताक्षरित आदेश के साथ खारिज कर दिया।
661/6 मामले में ध्वस्तीकरण के आदेश के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में 18 जुलाई को पांचवीं बार पुनरीक्षण याचिका दाखिल की गई थी। मंगलवार को पुनर्विचार याचिका खारिज होने से व्यापारियों में बेचैनी का माहौल है। आवास एवं विकास परिषद की शास्त्रीनगर स्कीम संख्या 7 के तहत ही सेंट्रल मार्केट आता है। इसमें सेक्टर-2 व सेक्टर-6 का मुख्य मार्ग मुख्य रूप से सेंट्रल मार्केट माना जाता है। आवास विकास के मुताबिक इस स्कीम में 6379 आवासीय संपत्तियां हैं। इनमें से 860 संपत्ति में व्यावसायिक प्रयोग हो रहा है।
आवास एवं विकास परिषद ने दो महीने पहले 661/6 के सभी 21 दुकानदारों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ 15 दिन में दुकानें खाली करने का तीसरा अंतिम नोटिस जारी किया था। वहीं इस 31 अन्य अवैध दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर स्पीड पोस्ट से भेजी गई थी। विभाग की ओर से 80 संपत्तियों का आवंटन निरस्त किया जा चुका है। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने बताया कि न्यायाधीश डिजिटल हस्ताक्षर से आदेश जारी करते हैं लेकिन इस मामले में हस्ताक्षरित आदेश जारी कर स्पष्ट किया गया है कि अब कंस्टीट्यूशनल बेंच में भी मामला नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि जल्द ही अवमानना याचिका दायर की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों की ओर से दाखिल पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और आर. महादेवन ने 17 दिसंबर 2024 को अवैध कॉम्पलेक्स 661/6 के मामले में सुनवाई करते हुए ध्वस्तीकरण के आदेश दिए हैं। इसी आदेश के खिलाफ राजीव गुप्ता एवं अन्य की ओर उप्र आवास एवं विकास परिषद एवं अन्य बनाम याचिका दाखिल की थी। न्यायाधीश की खंडपीठ ने पुनर्विचार याचिका को हस्ताक्षरित आदेश के साथ खारिज कर दिया।
661/6 मामले में ध्वस्तीकरण के आदेश के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में 18 जुलाई को पांचवीं बार पुनरीक्षण याचिका दाखिल की गई थी। मंगलवार को पुनर्विचार याचिका खारिज होने से व्यापारियों में बेचैनी का माहौल है। आवास एवं विकास परिषद की शास्त्रीनगर स्कीम संख्या 7 के तहत ही सेंट्रल मार्केट आता है। इसमें सेक्टर-2 व सेक्टर-6 का मुख्य मार्ग मुख्य रूप से सेंट्रल मार्केट माना जाता है। आवास विकास के मुताबिक इस स्कीम में 6379 आवासीय संपत्तियां हैं। इनमें से 860 संपत्ति में व्यावसायिक प्रयोग हो रहा है।
विज्ञापन
आवास एवं विकास परिषद ने दो महीने पहले 661/6 के सभी 21 दुकानदारों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ 15 दिन में दुकानें खाली करने का तीसरा अंतिम नोटिस जारी किया था। वहीं इस 31 अन्य अवैध दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर स्पीड पोस्ट से भेजी गई थी। विभाग की ओर से 80 संपत्तियों का आवंटन निरस्त किया जा चुका है। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने बताया कि न्यायाधीश डिजिटल हस्ताक्षर से आदेश जारी करते हैं लेकिन इस मामले में हस्ताक्षरित आदेश जारी कर स्पष्ट किया गया है कि अब कंस्टीट्यूशनल बेंच में भी मामला नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि जल्द ही अवमानना याचिका दायर की जाएगी।
विज्ञापन