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ब्रांडेड कंपनी का लेबल लगाकर होती थी नकली दवाओं की सप्लाई, शहर से ज्यादा देहात में खपत   

Wed, 29 Jul 2020 11:22 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 29 Jul 2020 11:22 PM IST
सार

  • 25 लाख की नकली दवाएं बरामद होने का मामला
  • 110 रुपए कीमत की 10 गोलियां दे रहे थे 20 रुपए में
  • सस्ती के चक्कर में नकली दवा का गड़बड़झाला 
  • शहर से ज्यादा देहात में नकली दवाओं की खपत

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Supply of fake medicine was done by applying branded company label in meerut
पकड़े गए आरोपी और क्षतिग्रस्त की गई गाड़ी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ में  25 लाख की नकली दवाएं पकड़े जाने के मामले की शुरुआती जांच में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। औषधि निरीक्षक पवन शाक्य ने बताया कि पकड़े गए आरोपी कई ब्रांडेड कंपनियों का भी दवाओं के लेबल में इस्तेमाल कर रहे थे। इनमें से एक कंपनी को इसकी सूचना दे दी गई है। हालांकि उस कंपनी की तरफ से अभी कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। ये आरोपी सस्ती होने का झांसा देकर नकली दवाओं की सप्लाई कर रहे थे, जो शहर से ज्यादा देहात के इलाकों में झोलाछाप चिकित्सकों की मदद से खपाई जा रही थीं।
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने बुधवार को नकली दवाई सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। लिसाड़ी गेट पुलिस के सहयोग से तिरंगा गेट के पास से तीन आरोपी आदिल, अफसर और मुस्तकीम को गिरफ्तार किया गया।
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प्रारंभिक जांच में सामने आया कि नकली दवाओं को सप्लाई करने का धंधा काफी समय से चल रहा था, जबकि औषधि प्रशासन को इसकी सूचना करीब दो माह पहले मिली थी।

बताया गया था कि खैरनगर में अफसर उर्फ अफसार नाम का व्यक्ति जो एफडीसी कंपनी में अपने आपको प्रतिनिधि (एमआर) बताता है, वह खैरनगर में नकली दवाई सप्लाई करता है। औषधि निरीक्षक पवन शाक्य के अनुसार उसके बाद से जानकारी जुटानी शुरू की गई थीं। 

कहां लगा रखी थी फैक्टरी
औषधि निरीक्षक के अनुसार आरोपी ये दवाइयां बेहद सस्ती कीमत पर दे रहे थे। एक स्ट्रिप (दवा का पत्ते) पर 110 कीमत लिखी थी। लेकिन उसे महज 20 रुपये में दे रहे थे।

अब इसकी पड़ताल पुलिस करेगी कि आरोपियों ने दवा बनाने की फैक्टरी कहां लगा रखी थी और यह किस-किस को सप्लाई करते थे। जिस तरह से ये ब्रांडेड कंपनियों का लेबल इस्तेमाल करते थे, उसमें ब्रांडेड कंपनियां भी एफआईआर दर्ज करा सकती हैं।

ये रहे टीम में शामिल
नकली दवाओं की बरामदगी के दौरान की गई कार्रवाई में लिसाड़ी गेट पुलिस के अलावा औषधि निरीक्षक बुलंदशहर दीपा लाल, औषधि निरीक्षक बिजनौर आशुतोष मिश्रा, औषधि निरीक्षक बागपत वैभव बब्बर भी साथ रहे।

इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट प्रशांत कपिल ने बताया कि आरोपी आदिल ने टीम पर जानलेवा हमला किया, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए और एक कार भी क्षतिग्रस्त कर दी गई। आरोपियों को न्यायालय ने 12 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है। 
  
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