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Meerut News: आपूर्ति निरीक्षक के निजी सहायक को 4500 रुपये रिश्वत लेते पकड़ा
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मेरठ/मवाना। तहसील मवाना परिसर में स्थित आपूर्ति कार्यालय में तैनात आपूर्ति निरीक्षक आकित अली के निजी सहायक अनुपम को एंटी करप्शन की टीम ने 4500 रुपये की रिश्वत लेते कार्यालय के बाहर से गिरफ्तार किया। आरोपी डीलर को राशन का कोटा उठवाने के नाम पर प्रतिमाह 4500 रुपये की रिश्वत ले रहा था। एंटी करप्शन के निरीक्षक योगेंद्र कुमार की ओर से मनावा थाने पर अनुपम और आपूर्ति निरीक्षक आकिल अली के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
मवाना तहसील में दो आपूर्ति निरीक्षक अजय कुमार और आकित अली हैं। अजय का मवाना ब्लाक तथा आकित अली पर हस्तिनापुर का क्षेत्र है। अहमदपुर गांव के पूर्व प्रधान अजयवीर सिंह ने बताया कि उनकी भतीजी अंशुल देवी के नाम पर राशन की दुकान चार वर्ष से है। आरोप है कि आपूर्ति निरीक्षक आकित अली द्वारा कोटा उठवाने के नाम पर हर महीने 4500 रुपये की मांग की जाती थी। परेशान होकर एंटी करप्शन से शिकायत की थी।
टीम निरीक्षक योगेंद्र कुमार के नेतृत्व में शुक्रवार को अजयवीर सिंह के साथ मवाना तहसील पहुंची। अजयवीर ने आकित अली को फोन कर पैसे लेने के लिए कहा। इस पर आकित अली ने कहा कि वह बाहर हैं और निजी सहायक अनुपम को भेज रहे हैं। कुछ देर बाद निजी सहायक गांवडी निवासी अनुपम कार्यालय से बाहर आ गया। जैसे ही अजयवीर ने 4500 रुपये दिए तो तुरंत ही एंटी करप्शन की टीम ने अनुपम को पकड़ लिया। बाद में मवाना थाने लेकर आ गई। इस कार्रवाई से कार्यालय में हड़कंप मच गया।
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जांच कराई जाएंगी
इस मामले में उप जिलाधिकारी प्रतीक्षा सिंह ने कहा कि एंटी करप्शन टीम ने आपूर्ति निरीक्षक के निजी सहायक को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। इस मामले की विभागीय जांच भी कराई जाएगी।
पहले रिश्वत लेते पकड़े गए लेखपाल
बीते माह भी मवाना तहसील में लेखपाल मुकम्मल और उसके निजी सहायक को एंटी करप्शन की टीम ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इससे पहले भी एक लेखपाल को एंटी करप्शन की टीम रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर चुकी है। अब भी ऐसे मामले नहीं रुक रहे हैं।
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मवाना तहसील में दो आपूर्ति निरीक्षक अजय कुमार और आकित अली हैं। अजय का मवाना ब्लाक तथा आकित अली पर हस्तिनापुर का क्षेत्र है। अहमदपुर गांव के पूर्व प्रधान अजयवीर सिंह ने बताया कि उनकी भतीजी अंशुल देवी के नाम पर राशन की दुकान चार वर्ष से है। आरोप है कि आपूर्ति निरीक्षक आकित अली द्वारा कोटा उठवाने के नाम पर हर महीने 4500 रुपये की मांग की जाती थी। परेशान होकर एंटी करप्शन से शिकायत की थी।
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टीम निरीक्षक योगेंद्र कुमार के नेतृत्व में शुक्रवार को अजयवीर सिंह के साथ मवाना तहसील पहुंची। अजयवीर ने आकित अली को फोन कर पैसे लेने के लिए कहा। इस पर आकित अली ने कहा कि वह बाहर हैं और निजी सहायक अनुपम को भेज रहे हैं। कुछ देर बाद निजी सहायक गांवडी निवासी अनुपम कार्यालय से बाहर आ गया। जैसे ही अजयवीर ने 4500 रुपये दिए तो तुरंत ही एंटी करप्शन की टीम ने अनुपम को पकड़ लिया। बाद में मवाना थाने लेकर आ गई। इस कार्रवाई से कार्यालय में हड़कंप मच गया।
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जांच कराई जाएंगी
इस मामले में उप जिलाधिकारी प्रतीक्षा सिंह ने कहा कि एंटी करप्शन टीम ने आपूर्ति निरीक्षक के निजी सहायक को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। इस मामले की विभागीय जांच भी कराई जाएगी।
पहले रिश्वत लेते पकड़े गए लेखपाल
बीते माह भी मवाना तहसील में लेखपाल मुकम्मल और उसके निजी सहायक को एंटी करप्शन की टीम ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इससे पहले भी एक लेखपाल को एंटी करप्शन की टीम रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर चुकी है। अब भी ऐसे मामले नहीं रुक रहे हैं।