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सुनवाई की तारीख आते ही चला हथौड़ा, निर्माण गिराने पहुंची एमडीए की टीम

Fri, 20 Jan 2017 11:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Updated Fri, 20 Jan 2017 11:44 AM IST
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sunvaai ki taarik Aate hi chala hathoda
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

हाईकोर्ट में सुनवाई की तिथि नजदीक आते ही होटल अलकरीम एक बार फिर चर्चाओं में है। घंटाघर स्थित होटल अलकरीम में अवैध निर्माण के मामले को लेकर दो फरवरी को सुनवाई होनी है। सुनवाई की तिथि नजदीक आते ही बृहस्पतिवार को एमडीए टीम निर्माण गिराने पहुंची। कर्मचारियों ने अस्थायी रूप से होटल की ऊपरी मंजिल पर किए गए निर्माण पर हथौड़ा चलाया। इस दौरान होटल स्वामी ने भी खुद निर्माण हटाया। इस मामले में कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी हाईकोर्ट की अवमानना को लेकर फंसे हुए हैं।

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होटल अलकरीम के स्वामी ने ऊपरी हिस्से में अवैध निर्माण किया हुआ था। इस मामले में हाईकोर्ट ने ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। मई 2016 में प्रशासनिक और एमडीए अधिकारियों की सख्ती से ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया कई बार हुई। दरअसल होटल स्वामी ने अपने ही लोगों को लगाकर खुद ही हथोड़े से होटल की ऊपरी मंजिल तोड़नी शुरू कर दी थी। एमडीए की टीम ने रोज यहां निगरानी की, लेकिन काम होटल मालिक के कारिंदों ने ही किया था। इस मामले को लेकर वादी पक्ष ने फिर से अदालत में गुहार लगाई है। उन्होंने इस कार्रवाई पर अपना विरोध दर्ज कराया। वादी पक्ष का कहना है कि अदालत के आदेश का शत प्रतिशत पालन नहीं किया गया। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत से केवल खानापूर्ति की गई है। इस पर हाईकोर्ट ने डीएम, एसएसपी, एमडीए वीसी और नगरायुक्त को अवमानना नोटिस जारी किया था। हाईकोर्ट ने नौ नवंबर तक अवैध निर्माण को तोड़ने के आदेश दिए थे। इस मामले में दो फरवरी को सुनवाई होनी है। प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से जवाब दिया जाएगा। ऐसे में बृहस्पतिवार को एमडीए कर्मचारियों की टीम होटल अलकरीम के ऊपरी हिस्से में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने के लिए पहुंची। इस पर होटल स्वामी खुद ही निर्माण हटाने में जुट गया। दरअसल अब वहां अस्थायी निर्माण ही होता है, जिसे हाईकोर्ट की तारीख निकट आते ही हटा लिया जाता है। बाद में फिर वहां पुराना स्वरूप हो जाता है। हालांकि एमडीए अधिकारियों का कहना है कि इस बार यहां निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। समस्या समाधान के लिए नगर निगम के अधिकारी कुछ स्पेशल प्लान बना रहे हैं।

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