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Meerut News: पैमाइश नहीं होने पर आत्महत्या की चेतावनी
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जमीन की पैमाईश के लिए ज्ञापन देने जाते समय तहसीलदार आफिस के सामने बेहोश हुई महिला को संभालती पर
- जमीन की पैमाइश कराने के लिए ग्रामीणों के साथ तहसील परिसर में धरना दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। गांव धूमा नंगली निवासी रमेश गिरी ने जमीन की पैमाइश कराने की मांग के लिए ग्रामीणों के साथ तहसील परिसर में धरना दिया। इसके बाद उपजिलाधिकारी के नाम तहसीलदार को पत्र देकर कानूनगो पर भूमि की सही पैमाइश नहीं करने का आरोप लगाया और सही पैमाइश कराने की मांग की। जल्द पैमाइश नहीं होने पर आत्महत्या करने की चेतावनी
दी।
गांव धूमा नंगली निवासी रमेश गिरी ने ग्रामीणों के साथ भीषण गर्मी में मवाना तहसील में धरना दिया। इसके बाद उपजिलाधिकारी संतोष कुमार सिंह के नाम तहसीलदार निरंकार सिंह को पत्र दिया। इसमें बताया कि 27 फरवरी पारित आदेश नियम विरुद्ध हैं। इसमें कानूनगो द्वारा सही पैमाइश नहीं की गई। उसकी जमीन का रकबा पहले से ही 1600 मीटर कम है। इस संबंध में 12 मई को पैमाइश कराने के लिए पत्र दिया था। उसके खेत में अभी तक गेहूं की फसल खड़ी है। उसे भारी नुकसान हो रहा है। जल्द पैमाइश कराने की मांग की। पैमाइश नहीं होने पर आत्महत्या की चेतावनी दी। रमेश के साथ ग्रामीण शौकीन गुर्जर, मंजू गिरी, प्रेमवती, राजकुमार, रेखा, प्रकाशी, मोहन गिरी, अनीता, कुंवरपाल आदि रहे।
पीड़ित की मां हुई बेहोश
पीड़ित रमेश की मां सुमंत्रा (65 वर्ष) तहसीलदार के कार्यालय के सामने पहुंची तो बेहोश होकर गिर गई। काफी देर तक बेहोश अवस्था में पडी रही। परिजन और ग्रामीण उसे होश में लाने का प्रयास करते रहे लेकिन तहसीलदार ने आफिस से बाहर आना गवारा नहीं किया। हंगामे की आशंका के चलते मौके पर पुलिस बुला ली। काफी देर बाद महिला को होश आया। तहसीलदार ने चार-पांच लोगों को आफिस में बुलाकर बात की और आश्वासन दिया कि मामला कमिश्नर के यहां विचाराधीन है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। गांव धूमा नंगली निवासी रमेश गिरी ने जमीन की पैमाइश कराने की मांग के लिए ग्रामीणों के साथ तहसील परिसर में धरना दिया। इसके बाद उपजिलाधिकारी के नाम तहसीलदार को पत्र देकर कानूनगो पर भूमि की सही पैमाइश नहीं करने का आरोप लगाया और सही पैमाइश कराने की मांग की। जल्द पैमाइश नहीं होने पर आत्महत्या करने की चेतावनी
दी।
गांव धूमा नंगली निवासी रमेश गिरी ने ग्रामीणों के साथ भीषण गर्मी में मवाना तहसील में धरना दिया। इसके बाद उपजिलाधिकारी संतोष कुमार सिंह के नाम तहसीलदार निरंकार सिंह को पत्र दिया। इसमें बताया कि 27 फरवरी पारित आदेश नियम विरुद्ध हैं। इसमें कानूनगो द्वारा सही पैमाइश नहीं की गई। उसकी जमीन का रकबा पहले से ही 1600 मीटर कम है। इस संबंध में 12 मई को पैमाइश कराने के लिए पत्र दिया था। उसके खेत में अभी तक गेहूं की फसल खड़ी है। उसे भारी नुकसान हो रहा है। जल्द पैमाइश कराने की मांग की। पैमाइश नहीं होने पर आत्महत्या की चेतावनी दी। रमेश के साथ ग्रामीण शौकीन गुर्जर, मंजू गिरी, प्रेमवती, राजकुमार, रेखा, प्रकाशी, मोहन गिरी, अनीता, कुंवरपाल आदि रहे।
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पीड़ित की मां हुई बेहोश
पीड़ित रमेश की मां सुमंत्रा (65 वर्ष) तहसीलदार के कार्यालय के सामने पहुंची तो बेहोश होकर गिर गई। काफी देर तक बेहोश अवस्था में पडी रही। परिजन और ग्रामीण उसे होश में लाने का प्रयास करते रहे लेकिन तहसीलदार ने आफिस से बाहर आना गवारा नहीं किया। हंगामे की आशंका के चलते मौके पर पुलिस बुला ली। काफी देर बाद महिला को होश आया। तहसीलदार ने चार-पांच लोगों को आफिस में बुलाकर बात की और आश्वासन दिया कि मामला कमिश्नर के यहां विचाराधीन है।

जमीन की पैमाईश के लिए ज्ञापन देने जाते समय तहसीलदार आफिस के सामने बेहोश हुई महिला को संभालती पर
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