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किसान के खेत पर जाकर होगा गन्ना सर्वे
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किसान के खेत पर जाकर होगा गन्ना सर्वे
मुजफ्फरनगर। जिले में गन्ना क्षेत्रफल का सर्वे किसानों के खेतों में पहुंचकर मशीनों के माध्यम से किया जाएगा। विभाग पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से किसान के सामने रकबे को ईआरपी पोर्टल पर डालेगा। सर्वे के उपरांत किसान को एसएमएस के माध्यम से भी गन्ना क्षेत्रफल की सूचना दी जाएगी।
आगामी नए सत्र के लिए गन्ना विभाग और चीनी मिलों ने संयुक्त रूप से गन्ना सर्वेक्षण का काम शुरू कर दिया है। जिले में इसके लिए 268 टीमों का गठन किया गया है। सर्वे प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए खतौली, तितावी, रोहाना, टिकौला, खाईखेडी विजनटेक आर-9 मशीन का सहयोग ले रही है। मंसूरपुर, मोरना, भैसाना एनालोजिक एचएचटी मशीनों का प्रयोग कर रही है। टीमें प्रत्येक किसान के खेत में जाकर किसान के सामने ही गन्ने का सर्वे करेगी। सर्वे कर्मी गन्ने के खेत की चारों भुजाओं का सर्वे करने के साथ गन्ने की प्रजाति भी रिकार्ड में अंकित करेंगे। पूरी प्रक्रिया के बाद किसान के सामने ही एक क्लिक पर ईआरपी पोर्टल पर डाला जाएगा। इसके बाद इसमें किसी प्रकार की कोई अनियमितता नहीं हो पाएगी। सर्वेक्षण प्रक्रिया के बाद किसान को एसएमएस से सूचना भी दी जाएगी। डीसीओ डॉ आरडी द्विवेदी ने बताया कि विभाग का यह प्रयास है कि गन्ना सर्वे पूरी तरह पारदर्शी हो और किसी तरह की गड़बड़ी नहीं रहनी चाहिए। अब किसान अपना रकबा घर बैठे अपने मोबाइल पर ही देख सकेगा।
किसान देगा घोषणा पत्र
मुजफ्फरनगर। गन्ना सर्वे की प्रक्रिया में किसान से एक घोषणा पत्र भी लिया जाएगा। इस घोषणा पत्र में किसान अपनी कुल भूमि, गन्ना क्षेत्रफल आदि भरकर गन्ना पर्यवेक्षक को देंगे।
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मुजफ्फरनगर। जिले में गन्ना क्षेत्रफल का सर्वे किसानों के खेतों में पहुंचकर मशीनों के माध्यम से किया जाएगा। विभाग पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से किसान के सामने रकबे को ईआरपी पोर्टल पर डालेगा। सर्वे के उपरांत किसान को एसएमएस के माध्यम से भी गन्ना क्षेत्रफल की सूचना दी जाएगी।
आगामी नए सत्र के लिए गन्ना विभाग और चीनी मिलों ने संयुक्त रूप से गन्ना सर्वेक्षण का काम शुरू कर दिया है। जिले में इसके लिए 268 टीमों का गठन किया गया है। सर्वे प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए खतौली, तितावी, रोहाना, टिकौला, खाईखेडी विजनटेक आर-9 मशीन का सहयोग ले रही है। मंसूरपुर, मोरना, भैसाना एनालोजिक एचएचटी मशीनों का प्रयोग कर रही है। टीमें प्रत्येक किसान के खेत में जाकर किसान के सामने ही गन्ने का सर्वे करेगी। सर्वे कर्मी गन्ने के खेत की चारों भुजाओं का सर्वे करने के साथ गन्ने की प्रजाति भी रिकार्ड में अंकित करेंगे। पूरी प्रक्रिया के बाद किसान के सामने ही एक क्लिक पर ईआरपी पोर्टल पर डाला जाएगा। इसके बाद इसमें किसी प्रकार की कोई अनियमितता नहीं हो पाएगी। सर्वेक्षण प्रक्रिया के बाद किसान को एसएमएस से सूचना भी दी जाएगी। डीसीओ डॉ आरडी द्विवेदी ने बताया कि विभाग का यह प्रयास है कि गन्ना सर्वे पूरी तरह पारदर्शी हो और किसी तरह की गड़बड़ी नहीं रहनी चाहिए। अब किसान अपना रकबा घर बैठे अपने मोबाइल पर ही देख सकेगा।
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किसान देगा घोषणा पत्र
मुजफ्फरनगर। गन्ना सर्वे की प्रक्रिया में किसान से एक घोषणा पत्र भी लिया जाएगा। इस घोषणा पत्र में किसान अपनी कुल भूमि, गन्ना क्षेत्रफल आदि भरकर गन्ना पर्यवेक्षक को देंगे।
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