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Meerut News: गन्ना सर्वे अंतिम दौर में, मवाना जोन में 20 तक पूरा होगा सर्वे
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- हर गांव से मिट्टी के सैंपल लेकर निशुल्क की जाएगी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बहसूमा। पेराई सत्र 2026-27 के लिए संयुक्त गन्ना सर्वेक्षण का काम अब अंतिम चरण में है। टिकौला शुगर मिल के महाप्रबंधक अजीत सिंह ने बताया कि मवाना जोन का सर्वे लगभग पूरा हो चुका है। पूरे क्षेत्र का काम 20 जून तक खत्म कर लिया जाएगा।
मिल प्रबंधन के अनुसार मवाना जोन में सिर्फ गांव सिरजेपुर का करीब 10 हेक्टेयर क्षेत्रफल का सर्वे शेष है, जिसे 17 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। सर्वे पूरा होते ही सत्र 2026-27 का डाटा फाइनल कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि टिकौला शुगर मिल द्वारा किसानों को फसल सुरक्षा और पैदावार बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। किसानों को फेरोमोन ट्रैप, लाइट ट्रैप, सीटीपीआर, फोलियर स्प्रे के लिए माइक्रो न्यूट्रिएंट्स और पशुओं से फसल बचाने के लिए काटूगोल्ड रसायन अनुदानित दरों पर उन्नति स्टोर अक्षमाला के जरिए दिए जा रहे हैं। अकार्बनिक उर्वरकों के बेतहाशा प्रयोग को रोकने के लिए हर गांव से मिट्टी का सैंपल इकट्ठा किया जा रहा है। इन सैंपलों की जांच गन्ना शोध परिषद मुजफ्फरनगर में निशुल्क कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद हर गांव का उर्वरता मानचित्र तैयार कर ग्राम स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा।
टिकौला शुगर के उप महाप्रबंधक ठाकुर अविनाश सिंह का कहना है कि किसानों की आय बढ़ाने और गन्ने की गुणवत्ता सुधारने के लिए मिल हरसंभव कदम उठा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बहसूमा। पेराई सत्र 2026-27 के लिए संयुक्त गन्ना सर्वेक्षण का काम अब अंतिम चरण में है। टिकौला शुगर मिल के महाप्रबंधक अजीत सिंह ने बताया कि मवाना जोन का सर्वे लगभग पूरा हो चुका है। पूरे क्षेत्र का काम 20 जून तक खत्म कर लिया जाएगा।
मिल प्रबंधन के अनुसार मवाना जोन में सिर्फ गांव सिरजेपुर का करीब 10 हेक्टेयर क्षेत्रफल का सर्वे शेष है, जिसे 17 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। सर्वे पूरा होते ही सत्र 2026-27 का डाटा फाइनल कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि टिकौला शुगर मिल द्वारा किसानों को फसल सुरक्षा और पैदावार बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। किसानों को फेरोमोन ट्रैप, लाइट ट्रैप, सीटीपीआर, फोलियर स्प्रे के लिए माइक्रो न्यूट्रिएंट्स और पशुओं से फसल बचाने के लिए काटूगोल्ड रसायन अनुदानित दरों पर उन्नति स्टोर अक्षमाला के जरिए दिए जा रहे हैं। अकार्बनिक उर्वरकों के बेतहाशा प्रयोग को रोकने के लिए हर गांव से मिट्टी का सैंपल इकट्ठा किया जा रहा है। इन सैंपलों की जांच गन्ना शोध परिषद मुजफ्फरनगर में निशुल्क कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद हर गांव का उर्वरता मानचित्र तैयार कर ग्राम स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा।
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टिकौला शुगर के उप महाप्रबंधक ठाकुर अविनाश सिंह का कहना है कि किसानों की आय बढ़ाने और गन्ने की गुणवत्ता सुधारने के लिए मिल हरसंभव कदम उठा रही है।