रोहटा। बजाज शुगर मिल किनौनी से जुड़े गन्ना किसानों की फसलों में कीट एवं रोगों की स्थिति जानने के लिए पूर्व वरिष्ठ गन्ना वैज्ञानिक डॉ. अवधेश डागर ने मिल के गन्ना क्षेत्र का भ्रमण किया। उन्होंने किसानों को कीट-रोगों की पहचान, प्रभावी नियंत्रण और गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने की जानकारी दी। निरीक्षण दल में डॉ. अवधेश डागर, गन्ना अनुसंधान केंद्र मुजफ्फरनगर से और मिल के महाप्रबंधक (केन) जयवीर सिंह शामिल थे। दल ने डाबका, रोहटा समेत विभिन्न गांवों में पेड़ी और पौधा गन्ने की फसलों का निरीक्षण किया। गन्ना क्षेत्र में सीओ 0238, सीओ 0118, सीओ 98014 और सीओएस 13235 प्रजातियां पाई गईं। फसल की बढ़वार सामान्य और संतोषजनक मिली। हालांकि मिल गेट क्षेत्र में सफेद मक्खी का प्रकोप देखा गया। सीओ 0238 की पेड़ी फसल में टॉप बोरर कम था, पर कुछ स्थानों पर रेड रॉट के छिटपुट मामले मिले। पौधा गन्ने में भी टॉप बोरर का प्रकोप पाया गया, जिस पर किसानों को प्रभावित पत्तियों को अंडों समेत नष्ट करने की सलाह दी गई। डॉ. अवधेश डागर ने अधिकारियों के साथ कीट एवं रोगों की पहचान, रोकथाम और नियंत्रण पर विस्तार से चर्चा की।