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आरजी कॉलेज में करें जियोइंफॉर्मेटिक्स की पढ़ाई
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आरजी कॉलेज में करें जियोइंफॉर्मेटिक्स की पढ़ाई
- सेल्फ फाइनेंस के तहत हुआ डिप्लोमा कोर्स का शुभारंभ
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। रघुनाथ गर्ल्स पीजी कॉलेज में अब जियोइंफॉर्मेटिक्स साइंस (भूगर्भ विज्ञान) की पढ़ाई होगी। सेल्फ फाइनेंस कॉलेज में जियोइंफॉर्मेटिक्स साइंस में एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू हुआ है। इसमें छात्राओं को भूकंप का आना, पृथ्वी की विभिन्न परतों की जानकारी, पृथ्वी के अंदर जल, खनिजों, पेट्रोलियम पदार्थों की खोज सहित अन्य जानकारियां प्रदान की जाएंगी। ड्रोन के जरिए पृथ्वी के भीतर और ऊपर विभिन्न क्षेत्रों में क्या प्राकृतिक संपदाएं मौजूद हैं उनको खोजने (मैपिंग) की जानकारी दी जाएगी।
कॉलेज में नेेेत्रा इंस्टीट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में यह पाठ्यक्रम शुरू हुआ है। सोमवार को इसका शुभारंभ प्रिंसिपल डॉ. दीपशिखा शर्मा ने किया। को-ऑर्डिनेटर डॉ. सीमा जैन ने पाठ्यक्रम की जानकारी छात्राओं को दी। इस पाठ्यक्रम में 30 सीटें रखी गई हैं। फिलहाल 6 सीटों पर प्रवेश हो चुके हैं। पहले दिन छात्रा सुषमा गौड़, महक स्वामी, सोनाक्षी, सोनी पाल, नीतू व मीता शामिल हुईं। इस दौरान डॉ. संगीता चौधरी, गीतांजलि चौहान, देवेंद्र सिंह, सुरजीत शर्मा, इलमा, अनुष्का चौधरी भी मौजूद रहीं। पाठ्यक्रम की को-ऑर्डिनेटर डॉ. सीमा जैन ने बताया कि पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम के साथ तीन, चार महीने के कोर्स में भी प्रवेश लेकर पढ़ाई की जा सकती है। उन्होंने बताया कि निजी कंपनियों के अलावा सरकार, पेट्रोलियम कंपनियां, बड़ी आर्किटेक्ट कंपनियों में भूविज्ञानियों की आवश्यकता रहती है।
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- सेल्फ फाइनेंस के तहत हुआ डिप्लोमा कोर्स का शुभारंभ
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। रघुनाथ गर्ल्स पीजी कॉलेज में अब जियोइंफॉर्मेटिक्स साइंस (भूगर्भ विज्ञान) की पढ़ाई होगी। सेल्फ फाइनेंस कॉलेज में जियोइंफॉर्मेटिक्स साइंस में एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू हुआ है। इसमें छात्राओं को भूकंप का आना, पृथ्वी की विभिन्न परतों की जानकारी, पृथ्वी के अंदर जल, खनिजों, पेट्रोलियम पदार्थों की खोज सहित अन्य जानकारियां प्रदान की जाएंगी। ड्रोन के जरिए पृथ्वी के भीतर और ऊपर विभिन्न क्षेत्रों में क्या प्राकृतिक संपदाएं मौजूद हैं उनको खोजने (मैपिंग) की जानकारी दी जाएगी।
कॉलेज में नेेेत्रा इंस्टीट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में यह पाठ्यक्रम शुरू हुआ है। सोमवार को इसका शुभारंभ प्रिंसिपल डॉ. दीपशिखा शर्मा ने किया। को-ऑर्डिनेटर डॉ. सीमा जैन ने पाठ्यक्रम की जानकारी छात्राओं को दी। इस पाठ्यक्रम में 30 सीटें रखी गई हैं। फिलहाल 6 सीटों पर प्रवेश हो चुके हैं। पहले दिन छात्रा सुषमा गौड़, महक स्वामी, सोनाक्षी, सोनी पाल, नीतू व मीता शामिल हुईं। इस दौरान डॉ. संगीता चौधरी, गीतांजलि चौहान, देवेंद्र सिंह, सुरजीत शर्मा, इलमा, अनुष्का चौधरी भी मौजूद रहीं। पाठ्यक्रम की को-ऑर्डिनेटर डॉ. सीमा जैन ने बताया कि पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम के साथ तीन, चार महीने के कोर्स में भी प्रवेश लेकर पढ़ाई की जा सकती है। उन्होंने बताया कि निजी कंपनियों के अलावा सरकार, पेट्रोलियम कंपनियां, बड़ी आर्किटेक्ट कंपनियों में भूविज्ञानियों की आवश्यकता रहती है।
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