फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Student Aryan wanted to be a officer, but an accident took away all the dreams

अफसर बनना चाहता था छात्र आर्यन, मामा का था दाहिना हाथ, मगर एक हादसे ने छीन लिए सारे सपने

Sun, 14 Oct 2018 10:41 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Sun, 14 Oct 2018 10:41 AM IST
विज्ञापन
Student Aryan wanted to be a officer, but an accident took away all the dreams
मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला

डीएन इंटर कॉलेज के कक्षा नौ के छात्र आर्यन की मौत का पता चलने के बाद भी मौके पर न जाने देने पर छात्रों का आखिरकार गुस्सा फूट पड़ा। काफी संख्या में छात्र स्कूल के मुख्य गेट से ही हंगामा करते हुए रेलवे रोड चौराहे पर पहुंच गए। उन्हें जहां अपना सहपाठी खोने का गम था तो सिस्टम पर भी आक्रोश था।

विज्ञापन


छात्रों के इस आक्रोश को प्रशासन ने भी समझने की कोशिश नहीं की। सुबह करीब सात बजे साइकिल सवार छात्र की बस की टक्कर से मौत हुई थी। छात्रों का आक्रोश था कि पीले रंग की रोडवेज बस से छात्र की मौत हुई है। क्योंकि उस समय अन्य छात्र भी दिल्ली रोड से साइकिल से कॉलेज जा रहे थे। जब छात्र कॉलेज पहुंचे तो उस समय उनसे अन्य छात्रों को आर्यन के साथ हादसे का पता चल गया था छात्रों ने इसके बारे में शिक्षकों से पूछा। लेकिन शिक्षक और कॉलेज प्रशासन चुप्पी साध गया।
विज्ञापन


पूर्वाह्न करीब 10:45 बजे काफी संख्या में छात्र अचानक ही कॉलेज गेट से नारेबाजी करते हुए चौराहे की तरफ बढ़ने लगे। शिक्षक भी कुछ समझ नहीं पाए। इनमें कक्षा छह से दस तक के छात्रों की संख्या अधिक थी। छात्रों ने रेलवे रोड चौराहे पर ऑटो और ई रिक्शआोें की चाबियां निकालते कहा कि उनके साथी छात्र की मौत हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


देखते ही देखते रोड जाम हो गई। कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। ट्रैफिक सिपाही को मोबाइल से वीडियो बनाता देखकर छात्र भड़क गए। छात्रों ने कहा कि बीस दिन तक सड़क पर रोडवेज बसें नहीं आईं तो सड़क खाली मिलती थी। लेकिन अब फिर से उन्हें स्कूल आने में परेशानी होने लगी। 

हमें मौके पर नहीं जाने दिया
हंगामा कर रहे छात्रों ने जाम लगाते हुए कहा यदि स्कूल के किसी शिक्षक की मौत हो जाए तो तत्काल छुट्टी करके टीचर मौके पर चले जाते हैं। लेकिन हमारे सहपाठी की मौत हो गई तो हमें स्कूल से नहीं जाने दिया गया। चार घंटे बाद छुट्टी की गई। 

पुलिस ने देखी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज
हादसे के बाद पुलिस पहुंची तो कोई रोडवेज बस तो कोई ई-रिक्शा से मौत होना बताने लगा। दोपहर को थाना टीपीनगर के एसआई महेश मिश्रा और बच्चे के परिजनों ने अमर उजाला कार्यालय के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी। जिसमें देखा गया कि छात्र साइकिल से जा रहा था। उसके बराबर में ई-रिक्शा थी। इसी दौरान दिल्ली की तरफ से पीले रंग की एक बस आयी। बस की टक्कर से छात्र दूर जा गिरा। उसके बाद वाहन रुकने शुरू हो गए। आरोपी चालक बस लेकर भाग निकला। 

‘आर्यन एक बार लौट आ’
आर्यन के पिता मनोज कुमार मजदूर हैं। आर्यन मोहकमपुर में अपने मामा के साथ कपड़ों की सिलाई के काम में हाथ बंटाता था। छोटा भाई रोहन, बहन गुनगुन और सोनी मोहकमपुर में ही पढ़ते हैं। आर्यन की मां बबीता ने बिलखते हुए कहा कि मेरा तो व्रत था। मुझे नहीं पता था कि आर्यन मुझे छोड़कर चला जाएगा। मेरा तो सब कुछ ही उजड़ गया। बेटा एक बार तो लौट आ।

स्कूल से नहीं गए थे बच्चे
बच्चे की मौत की सूचना के बाद स्कूल की छुट्टी कर दी गई थी। इसके बाद शिक्षकों की मीटिंग की गई। तय किया गया कि पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद की जाएगी। जिन बच्चों ने हंगामा किया था, वह स्कूल से नहीं गए थे। -सुशील कुमार प्रधानाचार्य, डीएन इंटर कॉलेज

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed