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Meerut News: पेड़ काटने का पट्टेधारकों ने किया विरोध, हंगामा
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गागलहेड़ी। गांव रसूलपुर पापडेकी में एक ग्रामीण द्वारा काटे जा रहे पेड़ों को कुछ लोगों ने हंगामा करते हुए रुकवा दिया। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि इस जमीन के उनके पास पट्टे हैं, जबकि पेड़ काटने वाले का कहना था कि उसने जमीन बैनामे से ली है। इसे लेकर दोनों पक्षों में काफी गहमागहमी हुई। पुलिस ने पेड़ कटाई रुकवाते हुए राजस्व विभाग की जांच तक काटी गई लकड़ियों के उठान पर भी पाबंदी लगा दी है।
थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर पापडेकी में गांव हसनपुर निवासी शहजाद खेत में खड़े पेड़ कटवा रहा था। इसी दौरान रसूलपुर के अशोक, कर्मवीर, प्रेम, प्रमोद, विनोद, रामपाल, परमाल, खजान और बस्सो देवी आदि मौके पर पहुंचे और उन्होंने कटाई रुकवा दी। हंगामा बढ़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1978 में उन्हें सरकार से इस जमीन के पट्टे आवंटित हुए थे। 1998 में पट्टों को निरस्त कर दिया गया था, जिस पर वे हाईकोर्ट से यथा स्थिति के आदेश ले आए थे। तब से आज तक वे ही इन पट्टों पर काबिज हैं। वहीं शहजाद ने बताया कि 2011 में उन्होंने इस जमीन को खरीदा था। उसके पास बैनामा और खसरा खतौनी की नकल है। तब से आज तक वही इस पर खेतीबाड़ी कर रहे हैं। आज पेड़ काटे जा रहे हैं तो दूसरे पक्ष ने हंगामा कर दिया।
मौके पर पहुंची राजस्व टीम के लेखपाल सचिन कुमार ने कहा कि दोनों पक्ष के दस्तावेजों की जांच की जाएगी। राजस्व रिकार्ड से मिलान करने तथा नक्सा नजरी के बाद ही सही स्थिति का पता चलेगा। इसके बाद पुलिस ने पेड़ कटान और काटे गए पेड़ों को उठाने पर रोक लगा दी।
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थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर पापडेकी में गांव हसनपुर निवासी शहजाद खेत में खड़े पेड़ कटवा रहा था। इसी दौरान रसूलपुर के अशोक, कर्मवीर, प्रेम, प्रमोद, विनोद, रामपाल, परमाल, खजान और बस्सो देवी आदि मौके पर पहुंचे और उन्होंने कटाई रुकवा दी। हंगामा बढ़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1978 में उन्हें सरकार से इस जमीन के पट्टे आवंटित हुए थे। 1998 में पट्टों को निरस्त कर दिया गया था, जिस पर वे हाईकोर्ट से यथा स्थिति के आदेश ले आए थे। तब से आज तक वे ही इन पट्टों पर काबिज हैं। वहीं शहजाद ने बताया कि 2011 में उन्होंने इस जमीन को खरीदा था। उसके पास बैनामा और खसरा खतौनी की नकल है। तब से आज तक वही इस पर खेतीबाड़ी कर रहे हैं। आज पेड़ काटे जा रहे हैं तो दूसरे पक्ष ने हंगामा कर दिया।
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मौके पर पहुंची राजस्व टीम के लेखपाल सचिन कुमार ने कहा कि दोनों पक्ष के दस्तावेजों की जांच की जाएगी। राजस्व रिकार्ड से मिलान करने तथा नक्सा नजरी के बाद ही सही स्थिति का पता चलेगा। इसके बाद पुलिस ने पेड़ कटान और काटे गए पेड़ों को उठाने पर रोक लगा दी।
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