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मनोरंजन कॉलोनी में खतरनाक हुए आवारा कुत्ते
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मनोरंजन कॉलोनी में खतरनाक हुए आवारा कुत्ते
मेरठ। आवारा कुत्तों से शहर के लोग परेशान हैं। साकेत क्षेत्र की मानसरोवर और मनोरंजन कॉलोनी में कुत्तों के भय से लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। लेकिन नगर निगम कुत्तों को पकड़वाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
नगर निगम के मनोनीत पार्षद सौरभ गौड़ का कहना है कि आवारा कुत्ते काफी लोगों को काट चुके हैं। भय के चलते लोग घरों से निकलते डरते हैं। अगर हम दोनों कालोनियों की बात करें तो 100 से अधिक आवारा कुत्ते हैं। नगरायुक्त से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। अगर शीघ्र समस्या का समाधान नहीं किया गया तो सीएम से शिकायत करेंगे।
महानगर से आवारा कुत्तों को पकड़ने और नसबंदी कराने की जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की है। इसके लिए नगर निगम ने 50 लाख रुपये का बजट भी निर्धारित किया हुआ है। नगर निगम की बोर्ड बैठकों में आवारा कुत्तों को पकड़ने और नसबंदी कराने की कई बार मांग उठी है। निगम प्रशासन ने कुत्तों की नसबंदी के लिए व्यवस्था करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ब्यूरो
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मेरठ। आवारा कुत्तों से शहर के लोग परेशान हैं। साकेत क्षेत्र की मानसरोवर और मनोरंजन कॉलोनी में कुत्तों के भय से लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। लेकिन नगर निगम कुत्तों को पकड़वाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
नगर निगम के मनोनीत पार्षद सौरभ गौड़ का कहना है कि आवारा कुत्ते काफी लोगों को काट चुके हैं। भय के चलते लोग घरों से निकलते डरते हैं। अगर हम दोनों कालोनियों की बात करें तो 100 से अधिक आवारा कुत्ते हैं। नगरायुक्त से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। अगर शीघ्र समस्या का समाधान नहीं किया गया तो सीएम से शिकायत करेंगे।
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महानगर से आवारा कुत्तों को पकड़ने और नसबंदी कराने की जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की है। इसके लिए नगर निगम ने 50 लाख रुपये का बजट भी निर्धारित किया हुआ है। नगर निगम की बोर्ड बैठकों में आवारा कुत्तों को पकड़ने और नसबंदी कराने की कई बार मांग उठी है। निगम प्रशासन ने कुत्तों की नसबंदी के लिए व्यवस्था करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ब्यूरो
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