Meerut: आंधी-तूफान से किसानों की फसलें तबाह, चार मौतें, आम आदमी पार्टी ने की 50 लाख मुआवजे की मांग
मेरठ में 21 मई को आए तेज आंधी-तूफान ने आम और लीची के बाग उजाड़ दिए, चार लोगों की जान गई। आम आदमी पार्टी ने पीड़ित परिवारों को ₹50 लाख का मुआवजा देने की मांग की है।
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21 मई 2025 की शाम मेरठ जिले में आए तेज आंधी-तूफान ने तबाही मचा दी। फल पट्टी के रूप में प्रसिद्ध किठौर, शाहजहांपुर, फलावदा और जानी जैसे क्षेत्रों में आम और लीची के बाग उजड़ गए। पेड़ उखड़ गए, फसलें नष्ट हो गईं, और किसानों की वर्षों की मेहनत पलक झपकते ही बर्बाद हो गई।
इस आपदा ने केवल खेतों को नहीं, बल्कि परिवारों की खुशियों को भी छीन लिया। जान गंवाने वालों में शामिल हैं-
-अमित चौधरी (रुहासा), जो अपने बेटे के साथ बाइक पर लौट रहे थे, जब उन पर पेड़ गिर गया।
-डॉ. सुबहान सैफी (चमन कॉलोनी), जिनकी कार पर यूनीपोल गिर गया।
-नासिर (जाकिर कॉलोनी), जिन पर पोल गिरा।
-मंसूर (बिहार के प्रवासी मज़दूर), जिनकी दीवार गिरने से मृत्यु हुई।
इन मौतों से न केवल परिवार बल्कि पूरा समुदाय सदमे में है। आम आदमी पार्टी मेरठ के जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख मांगें थीं -
-प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का विस्तृत सर्वे हो।
-किसानों और बागवानों को उचित राहत और मुआवजा दिया जाए।
-मृतकों के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
-ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली-पानी जैसी मूलभूत सेवाएं तुरंत बहाल हों।
-भविष्य के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली और सुदृढ़ राहत व्यवस्था हो।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधियों में जिले के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल थे।