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Meerut News: अनिल बंजी के हथियार तस्करी के मामले की जांच करेगी एसटीएफ

Thu, 02 Jan 2025 01:36 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jan 2025 01:36 AM IST
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STF will investigate Anil Banji's arms smuggling case
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद व अन्य संस्करणों के ध्यानार्थ...
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20 दिसंबर को आरोपी को किया गया था गिरफ्तार
एसटीएफ ने केस डायरी समेत अन्य कागजात कब्जे में ले लिए
संवाद न्यूज एजेंसी

मेरठ। संजीव जीवा गैंग से जुड़े हथियार तस्कर गिरोह के सरगना अनिल बालियान उर्फ अनिल बंजी के मामले की जांच अब एसटीएफ करेगी। अभी तक कंकरखेड़ा पुलिस इस मामले की विवेचना कर रही थी। एसटीएफ ने केस डायरी समेत अन्य कागजात कब्जे में ले लिए हैं। गिरोह का नेटवर्क दिल्ली एनसीआर, हरियाणा व पंजाब तक फैला है। 20 दिसंबर को एसटीएफ ने मुजफ्फरनगर के भौराकलां थाना क्षेत्र के सिसौली गांव निवासी अनिल बंजी को गिरफ्तार किया था।
उसके पास से दो अमेरिकी राइफल, एक पंप रिपीटर गन, 15 कारतूस और एक मैगजीन बरामद किए थे। इससे पहले गिरोह के सदस्य बागपत के लोहड्डा निवासी दरोगा राकेश के बेटे रोहन को 23 नवंबर को 17 बंदूक और 700 कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया गया था।
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अनिल बंजी वर्ष 1989 में एयरफोर्स में भर्ती हुआ था। 2009 में नौकरी से वीआरएस लेकर उसने हथियारों की तस्करी शुरू कर दी थी। वह पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पिस्टल मंगाकर बेचता था। एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि रोहित निवासी मंगलोरा करनाल हरियाणा, कुर्बान व रिहान निवासी खुर्जा बुलंदशहर और शारिक निवासी लिसाड़ी गेट मेरठ से हथियार खरीदता था। रोहित का भाई राहुल आर्मी में था और पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनात था। रोहित अपने भाई के माध्यम से पाकिस्तान से ड्रोन से बाॅर्डर पर पिस्टल मंगाता था।
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ये पिस्टल लॉरेंस बिश्नाेई, नीरज बवाना समेत अन्य गैंग को सप्लाई की जाती थी। राहुल फिलहाल पंजाब जेल में बंद है। कुर्बान के पुत्र शावेज को एनआईए ने हथियार तस्करी में गिरफ्तार किया था। वह भी जेल में है। मोदीपुरम कृषि विश्वविद्यालय के वेटरनरी डिपार्टमेंट के डीन प्रोफेसर डॉ. राजवीर सिंह पर 11 मार्च 2022 को बाइक सवार हमलावरों ने विश्वविद्यालय से लौटते वक्त अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। जिसमें कई गोलियां लगने से डीन गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
डीन पर जानलेवा हमले के मामले में अनिल बंजी का नाम भी प्रकाश में आया था। इस मामले में वह जेल गया था। एसटीएफ एएसपी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि विवेचना कंकरखेड़ा थाने से एसटीएफ को ट्रांसफर कर दी गई है।
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इन लोगों को हथियार किए हैं सप्लाई
एसटीएफ की जांच में कई नाम सामने आए हैं, जिन्हें अनिल बंजी के गिरोह ने हथियार सप्लाई किए हैं। सरिया स्क्रैप माफिया रवि काना गिरोह के दादूपुर दनकौर गौतमबुद्धनगर निवासी आजाद और अमर उर्फ अवध बिहारी, कपिल प्रधान उर्फ ताऊ निवासी गुराना, बंटी सलारपुर थाना गंगानगर मेरठ, सुधीर प्रधान निवासी वाजिदपुर, मोंटी उर्फ निखिल निवासी दीनपुर नजफगढ़ दिल्ली, राजीव और नितिन दीक्षित निवासी लोहड्डा, अमरपाल पुत्र रघुवीर सिंह निवासी लालूखेड़ी मुजफ्फरनगर, अक्षय निवासी जोहड़ी भट्ठे वाला, सोनी राठी निवासी बिजवाड़ा हाल पता ट्रोनिका सिटी गाजियाबाद, अशोक मारवाड़ी निवासी डिफेंस काॅलोनी कंकरखेडा और रिहान निवासी हापुड़ को भी हथियार सप्लाई किए हैं।

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संजीव जीवा गैंग से खरीदी थी एके-47

अनिल बंजी सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विवि मेरठ के डीन राजवीर सिंह पर हुए हमले में जेल जा चुका है। उसके साथी भौराकलां के सदरूद्दीन नगर उर्फ माजरा निवासी अनिल उर्फ पिंटू को शामली पुलिस ने पांच अप्रैल 2022 को एके-47 राइफल, 7.62 एमएम के 700 कारतूस, एके-47 राइफल के 4.55 एमएम के 600 कारतूस, चार मैगजीन और एक ड्रम मैगजीन के साथ पकड़ा था। ये हथियार संजीव जीवा गैंग से 12 लाख रुपये में खरीदे गए थे। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया था कि गैंगस्टर धर्मेंद्र किरठल से उसकी काफी समय से रंजिश चल रही थी। इन्हें डीन प्रोफेसर राजवीर सिंह पर हुए हमले में इस्तेमाल किए जाने थे। लेकिन अनिल बंजी ने योजना बदल दी थी।
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