मां की नफरत का बेटे से लिया बदला, सौतेले भाई की अपहरण के बाद बेरहमी से हत्या, आरोपी गिरफ्तार
- सौतेले भाई की अपहरण के बाद चाकू गोदकर हत्या
- 50 लाख के प्लॉट और पारिवारिक विवाद में सौतेले भाई ने की वारदात
विस्तार
मेरठ में 50 लाख के प्लॉट और पारिवारिक विवाद में सौतेले भाई फतेल्लाहपुर निवासी अरमान सैफी (14) की अपहरण के बाद चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने शनिवार को अरमान का शव बिजली बंबा बाईपास के पास से बरामद कर हत्यारोपी अरमान के सौतेले भाई समीर उर्फ सोनू (25) पुत्र नौशाद और पड़ोसी शाहरुख (24) को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह के अनुसार फतेल्लाहपुर निवासी नफीसा पत्नी मोबीन के पुत्र अरमान का अपहरण हो गया था। 25 जुलाई को मुकदमा दर्ज हुआ था। नफीसा ने बताया था कि अरमान 23 जुलाई को पड़ोसी शाहरुख के साथ निकला था। लेकिन लौटा नहीं।
पुलिस ने जांच पड़ताल के आधार पर शाहरुख और समीर को हिरासत में लेकर पूछताछ तो दोनों ने हत्या करना कबूल कर लिया। एसपी सिटी के अनुसार 23 जुलाई को ही हत्या कर अरमान का शव जुर्रानपुर फाटक के पास एक खेत में फेंक दिया गया था। हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया गया है।
नफीसा से थी नफरत हड़पना था प्लॉट
फतेल्लाहपुर निवासी सौतेले भाई अरमान सैफी (14) की हत्या के आरोपी समीर उर्फ सोनू ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसे अरमान की मां नफीसा से नफरत थी, जिसका बदला उसने अरमान को मारकर ले लिया। साथ ही उसकी नीयत 50 लाख का प्लॉट हड़पने की भी थी।
एसपी सिटी ने बताया कि समीर और उसके उसके पिता नौशाद से पूछताछ में सामने आया कि अरमान के पिता मोबीन की 6 वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। जिसके बाद 5 बच्चों का पिता 55 वर्षीय नौशाद नफीसा को लेकर चला गया था। करीब छह माह वे लौटे।
मोबीन ने मरने से पहले अरमान के नाम 50 लाख कीमत का 200 गज का प्लॉट किया था। वसीयत में वह प्लॉट अरमान को बालिग होने पर मिलना था। एसपी सिटी के अनुसार हत्या में नौशाद की क्या भूमिका है, इसकी भी जांच की जा रही है।