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दिल्ली के अस्पताल में कारोबारी की हालत नाजुक, लखनऊ तक गूंजा मामला, दरोगा सस्पेंड

Fri, 19 Jul 2019 01:24 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 19 Jul 2019 01:24 AM IST
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SSP suspends daroga in the case of businessman set himself on fire
एसएसपी ने दरोगा को सस्पेंड किया - फोटो : अमर उजाला

मेरठ में पुलिस की दुत्कार मिलने पर स्पोर्ट्स कारोबारी रंजीत सिंह ठाकुर द्वारा टीपीनगर थाने में आत्मदाह करने के प्रयास का मामला गुरुवार को लखनऊ तक गूंज गया। कारोबारी की हालत बेहद नाजुक बनी है। डॉक्टरों ने 48 घंटे का समय दिया है। इस मामले में पुलिस की घोर लापरवाही सामने आने पर एसएसपी ने दरोगा (विवेचक) नरेंद्र कुमार को सस्पेंड कर दिया है। इंस्पेक्टर प्रमोद गौतम पर जांच बैठाने के अलावा तत्कालीन थानाध्यक्ष डालचंद और मुंशी के खिलाफ विवेचना में लापरवाही बरतने का मुकदमा दर्ज कराया गया है। इंस्पेक्टर डालचंद वर्तमान में मेरठ में ही सर्विलांस सेल प्रभारी हैं।

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शताब्दीनगर सेक्टर-5 निवासी स्पोर्ट्स कारोबारी रंजीत सिंह ठाकुर का पहले बैंक अफसरों और फिर टीपीनगर पुलिस ने मानसिक उत्पीड़न किया। बुधवार को तो पुलिस ने हद पार कर दी। कारोबारी इंस्पेक्टर टीपीनगर प्रमोद गौतम को कभी कॉल तो कभी मैसेज करता रहा। लेकिन इंस्पेक्टर ने कोई जवाब नहीं दिया। देर शाम कारोबारी थाने पहुंचा तो इंस्पेक्टर प्रमोद गौतम और मुकदमे के विवेचक दरोगा नरेंद्र कुमार ने दुत्कार दिया। जिससे क्षुब्ध होकर कारोबारी फिर दोबारा रात को खुद को पेट्रोल से आग लगाकर बाइक समेत टीपी नगर थाने में घुस गया था। 80 प्रतिशत तक झुलसे कारोबारी की हालत दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में नाजुक बनी है।

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पुलिस पर भड़के परिजन
गुरुवार सुबह पुलिस टीम सफदरजंग अस्पताल में कारोबारी के बयान दर्ज करने पहुंची तो कारोबारी ने बैंक अधिकारी और टीपीनगर पुलिस पर संगीन आरोप लगाए। कहा कि वह बर्बाद हो चुका है। अब जीना नहीं चाहता। बार-बार पूछताछ करने पर कारोबारी के परिजन पुलिस पर भड़क गए। बोले कि आप कार्रवाई करो। डॉक्टर इलाज कर रहे हैं, इनको परेशान न किया जाए। जिसके बाद पुलिस लौट आई। 

पुलिस है इसकी जिम्मेदार
कारोबारी रंजीत सिंह ठाकुर के परिजनों में टीपीनगर पुलिस के प्रति जबरदस्त आक्रोश है। उनका कहना है कि बैंक द्वारा फर्म की सारी गोपनीय जानकारी लीक होने का मुकदमा टीपीनगर थाने ने तब लिखा था, जब कारोबारी ने पानी की टंकी पर चढ़कर कूदने की धमकी दी थी। अब कार्रवाई कराने के लिए वह चक्कर काट रहे थे। लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी। पुलिस की लापरवाही के चलते ही कारोबारी ने यह कदम उठाया है। रंजीत के साथ साथ उनका बेटा अनमोल और पत्नी अस्पताल में मौजूद हैं।

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