देवबंद: राम मंदिर पर संभावित फैसले को लेकर उलमा से मिले एसएसपी, दारुल उलूम में डेढ़ घंटे चली बैठक
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अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले पुलिस प्रशासन अमन के पैगाम को आम करने में कोई कसर बाकी नहीं रखना चाहता। शनिवार को देवबंद पहुंचे एसएसपी ने विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम में पहुंचकर संस्था के मोहतमिम समेत अन्य मदरसों संचालकों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने सभी से कानून व्यवस्था बनाने में भरपूर सहयोग देने और आपसी सौहार्द और भाईचारे को मजबूत रखने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर फैलाई जाने वाली अफवाहों से बचने का आह्वान भी किया।
लोगों की आस्था से जुड़े अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले के मद्देनजर पुलिस एवं प्रशासनिक अमला अमन के पैगाम को हर आम और खास तक पहुंचाने में जी जान से जुटा है। इसके चलते शनिवार की दोपहर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार इस्लामी तालीम के सबसे बड़े केंद्र दारुल उलूम में पहुंचे। वहां उन्होंने संस्था के मेहमानखाने में मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम बनारसी और नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिद मद्रासी समेत अन्य दीनी इदारों के जिम्मेदारों के साथ बैठक की। बंद कमरे में करीब दो घंटे तक चली बैठक को गोपनीय रखा गया, इसके साथ ही मीडिया को इसकी कवरेज करने की इजाजत भी नहीं दी गई। सूत्रों ने बताया कि एसएसपी और उलमा के बीच अयोध्या विवाद पर जल्द आने वाले फैसला को लेकर बातचीत हुई। इसमें एसएसपी ने मदरसा संचालकों से यह आह्वान किया कि फैसले वाले दिन कोई भी छात्र इधर उधर जाने और सफर करने से बचे तथा उन्हें कैंपस के भीतर ही रखा जाए। साथ ही उन्होंने मदरसों के जिम्मेदारों से अमन और भाईचारा बनाए रखने की अपील जारी करने का आह्वान भी किया।
बैठक में उलमा ने अधिकारियों के समक्ष अपने अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे। बैठक के उपरांत मीडिया कर्मियों से बातचीत में एसएसपी दिनेश कुमार ने कहा कि दारुल उलूम व आसपास के जो मदरसे हैं, उनके संचालकों के साथ बैठक की। इसमें आने वाले समय में जो भी संभावनाएं हैं, उसको लेकर चर्चा हुई है। कुछ संवेदनशील प्वाइंट हैं, उनके बारे में भी बातचीत की। एसएसपी ने कहा कि सभी की तरफ से भरपूर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने शासन प्रशासन एवं पुलिस की तरफ से सोशल मीडिया जैसे व्हाटसएप, फेसबुक, ट्विटर जैसे प्लेटफार्म से फैलाए जाने वाली अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति व्यवस्था बनाने की अपील की। बताया कि यहां की तरह ही हर जगह जाकर वहां के जिम्मेदारों के साथ बैठक कर शांति व्यवस्था और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की जाएगी।
बैठक में ये उलमा रहे मौजूद
मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी, नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी, मौलाना अब्दुल खालिक संभली, जमीयत उलमा-ए-हिंद (मौलाना महमूद मदनी गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कारी उस्मान मंसूरपुरी, दारुल उलूम की मजलिस-ए-शूरा के सदस्य मौलाना अनवारुल हक, मदरसा जामिया तुश शेख हुसैन अहमद अल मदनी के मोहतमिम मौलाना मुजम्मिल अली, दारुल उलूम वक्फ में स्थित हुज्जतुल इस्लाम एकेडमी के डायरेक्टर मौलाना शकेब कासमी, दारुल उलूम जकरिया के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती शरीफ खान कासमी, मदरसा तालिमुल कुरआन के मोहतमिम सैय्यद अकील हुसैन, कारी अय्यूब, मौलाना तजम्मुल हुसैन अन्य मदरसा संचालक मौजूद रहे।
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