प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को पंख लगाएगी मेरठ की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, पश्चिमी यूपी के खिलाड़ियों को मिलेगा लाभ
लखनऊ में बनने वाली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी अब मेरठ में बनाई जाएगी। कुल मिलाकर प्रदेशभर की खेल प्रतिभाओं को मेरठ में तैयार खेल विश्वविद्यालय पंख लगाएगा। इससे खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों की बाछें खिल गई हैं।
खास बात है प्रदेश की इकलौती स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मेरठ में बनने जा रही है। जिसमें प्रदेशभर के खिलाड़ी खेल के साथ उच्च शिक्षा ग्रहण करेंगे। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आले हैदर ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लगातार निकल रही खेल प्रतिभाओं ने शासन का रुख मेरठ की ओर मोड़ दिया है। मेरठ समेत प्रदेश के खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स कॉलेज से 12वीं की पढ़ाई के बाद अन्य राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
गोरखपुर, सैफई और लखनऊ स्थित स्पोर्ट्स कॉलेज से 12वीं तक पढ़ाई कर खिलाड़ी स्नातक और परास्नातक की डिग्री पाने को अन्य राज्यों का रुख करते थे। अब यूनिवर्सिटी बनने पर यहीं से बीपीएड, एमपीएड, एमफिल और पीएचडी कर सकेंगे। वहीं, प्रोजेक्ट में स्पोर्ट्स मेडिसिन सेंटर, स्पोर्ट्स साइकोलॉजी सेंटर, स्पोर्ट्स मैनेजमेंट सेंटर, स्पोर्ट्स बायोमैकेनिक सेंटर बनेंगे। हालांकि यूनिवर्सिटी के लिए जिला प्रशासन को जगह पर अंतिम मुहर लगानी है।
अर्जुन अवार्डी पहलवान अलका तोमर ने कहा ये मेरठ के साथ पश्चिम उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों को सौगात है। जिससे खिलाड़ियों को खेल के साथ शिक्षा प्राप्त कर रोजगार पाने में सहयोग मिलेगा।
यूनिवर्सिटी बनना सपने जैसा
अंतरराष्ट्रीय जैवलिन थ्रोअर अन्नू रानी ने कहा कि प्रदेश की इकलौती यूनिवर्सिटी मेरठ में बनना सपने जैसा है। इससे खिलाड़ियों और खेल प्रशिक्षकों को सुनहरे अवसर प्राप्त होंगे।
भविष्य के लिए वरदान
ओलंपिक कोटा हासिल कर चुके और लक्ष्मण अवार्डी अंतरराष्ट्रीय शूटर सौरभ चौधरी ने बताया यूनिवर्सिटी खिलाड़ियों के भविष्य के लिए वरदान साबित होगी। जिसमें खिलाड़ी आगे बढ़ सकेंगे।
शिक्षा को भी पंख लगाएगी
वर्ल्ड नंबर एक रैंक हासिल कर चुके अंतरराष्ट्रीय शूटर शहजर रिजवी ने कहा मेरठ से निकल रही प्रतिभाओं की वजह से खेल विभाग की नजरें पश्चिम की ओर हैं। यूनिवर्सिटी खेल के साथ शिक्षा को पंख लगाएगी।
अंतरराष्ट्रीय धाविका और रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड से सम्मानित पारुल चौधरी ने मेरठ में यूनिवर्सिटी बनने पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा प्रदेशभर के खिलाड़ी मेरठ में जुटेंगे। युवाओं के लिए खेलों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
उच्च स्तरीय शिक्षा मिलेगी
अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक कोच विशाल सक्सेना ने कहा यूनिवर्सिटी बनने पर अंतरराष्ट्रीय स्तरीय सुविधाएं मिले तो बेहतर होगा। जिससे खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय शिक्षा मिल सकेगी।
खिलाड़ियों के लिए खुशी की बात
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आले हैदर ने बताया ये खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों के लिए खुशी की बात है। हालांकि उच्चाधिकारियों और खेल मंत्रालय के बीच यूनिवर्सिटी बनाने पर मंथन जारी है।
स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में तैयार होंगे खिलाड़ी
मेरठ में यूपी स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार करने के लिए रिसर्च लेबोरेट्री भी होगी। जिसमें खिलाड़ी की सांस से लेकर हृदय गति और शरीर के अंगों पर रिसर्च होगी। स्पोर्ट्स साइंटिस्ट खिलाड़ियों के गिरते प्रदर्शन और खिलाड़ियों को मानसिक तौर पर मजबूत बनाने के लिए लैब में रिसर्च करेंगे। जिससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सुधारा जा सके। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल प्राप्त करने वाले कोच ही प्रशिक्षण देंगे।
एमडीए ने शताब्दीनगर में भूमि का प्रस्ताव भेजा
यूपी स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के लिए जिला प्रशासन ने एमडीए द्वारा जमीन का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। जिसमें 25 एकड़ भूमि शताब्दीनगर में है, जबकि वेदव्यासपुरी में साढ़े सात एकड़ भूमि में बन रहा स्टेडियम शामिल है। एमडीए की भूमि पर यूनिवर्सिटी बनाने पर अंतिम मुहर शासन को लगानी है।
धन सिंह कोतवाल के नाम पर हो स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी
पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर ने प्रदेश सरकार से प्रस्तावित स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का नाम क्रांति के नायक धनसिंह कोतवाल के नाम पर रखे जाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि धनसिंह गुर्जर ने 10 मई, 1857 को ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ विद्रोह कर स्वतंत्रता संग्राम का आगाज किया था।
यह चिंगारी पूरे देश में फैल गई थी। इस संग्राम में कोतवाल धनसिंह समेत हजारों लोगों की शहादत हुई। इसलिए स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का नाम कोतवाल धनसिंह गुर्जर के नाम पर रखकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी जाए।