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गुरु के मार्गदर्शन से ही आध्यात्मिक यात्रा संभव : आचार्य शांतनु महाराज

Fri, 19 Jun 2026 08:07 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jun 2026 08:07 PM IST
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Spiritual journey is possible only through a Guru's guidance: Acharya Shantanu Maharaj
खरखौदा में श्री राम कथा का वर्णन करते शांतनु महाराज (संवाद)
- आचार्य शांतनु महाराज ने भगवान राम और लक्ष्मण के जनकपुर आगमन का भावपूर्ण वर्णन किया
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संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा (मेरठ)। आचार्य शांतनु महाराज ने भगवान राम और लक्ष्मण के जनकपुर आगमन से लेकर सीता-राम विवाह तक के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि जनकपुर केवल एक नगर नहीं, बल्कि भक्ति का स्वरूप है। भगवान स्वयं भक्ति को प्राप्त करने के लिए जनकपुर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि जीवन में भक्ति और अध्यात्म की यात्रा करने के लिए गुरु का सानिध्य आवश्यक है। भगवान राम और लक्ष्मण भी गुरु विश्वामित्र की आज्ञा लेकर जनकपुर भ्रमण के लिए निकले थे।
खरखौदा के लालू फार्म हाउस में चल रही सात दिवसीय श्रीराम कथा के चौथे दिन महाराज ने प्रवचन में कहा कि जब भगवान राम और लक्ष्मण जनकपुर की गलियों में पहुंचे तो उनके अद्भुत स्वरूप को देखकर पूरे नगर में आनंद और उत्साह की लहर दौड़ गई। भगवान ने सभी को दर्शन देकर कृतार्थ किया। पुष्प वाटिका प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि यही वह पावन स्थल है, जहां भगवान और भक्ति का प्रथम मिलन हुआ था। मानस में बाग को संतों की सभा का प्रतीक बताया गया है। जो भी भगवान के दर्शन करना चाहता है, उसे संतों की संगति और सत्संग रूपी बाग में अवश्य आना होगा।
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उन्होंने कहा कि भगवान राम और माता जानकी दोनों किशोर अवस्था में थे। यह जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील काल होता है। इस अवस्था को संस्कारित और मर्यादित बनाए रखने के लिए बालकों को गुरु पूजा और बालिकाओं को गौरी पूजा का महत्व समझना चाहिए। गुरु का अर्थ शुभ संस्कार, मर्यादा, अनुशासन और आज्ञाकारिता है, जबकि गौरी करुणा, वात्सल्य, दया और श्रेष्ठ गुणों की खान हैं।
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रंगभूमि और धनुष यज्ञ के प्रसंग का उल्लेख करते हुए आचार्य शांतनु महाराज ने कहा कि अनेक राजाओं ने भगवान शिव के धनुष को उठाने और तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसका कारण उनका अहंकार था। धनुष अहंकार का प्रतीक है और भगवान अहंकार को क्षण भर में नष्ट कर देते हैं। जैसे ही भगवान राम ने धनुष भंग किया, पूरे जगत में हर्ष की लहर दौड़ गई और सीता-राम विवाह का मार्ग प्रशस्त हो गया। कथा में लक्ष्मण-परशुराम संवाद का भी रोचक वर्णन किया गया। इसके बाद अयोध्या से बरात आगमन और भगवान राम तथा माता सीता के दिव्य विवाह प्रसंग का भावपूर्ण चित्रण किया गया।

मुख्य अतिथि राष्ट्रीय लोक दल नेता अमरीश त्यागी, क्षेत्रीय कार्यालय प्रमुख अभय सिंह, कोऑपरेटिव बैंक मेरठ-बागपत के अध्यक्ष विमल शर्मा, भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल, करुणेश नंदन गर्ग, आरएसएस विभाग समन्वयक डॉ. मुकेश त्यागी, डायरेक्टर रिसर्च सेंटर मोदीपुरम राजेश सिंह, सांसद प्रतिनिधि अमित शर्मा व आयोजक अजय त्यागी मौजूद रहे।

खरखौदा में श्री राम कथा का वर्णन करते शांतनु महाराज (संवाद)

खरखौदा में श्री राम कथा का वर्णन करते शांतनु महाराज (संवाद)

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