गन्ना भुगतान पर खास रिपोर्ट: बैंकों में अटका सात मिलों का लोन, किसानों का 2274 करोड़ बकाया
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मेरठ मंडल में लोकसभा चुनाव के तहत मतदान होते ही शुगर इंडस्ट्री ने भी गन्ना बकाया भुगतान करने की हलचल बंद कर दी है। सॉफ्ट लोन के आवेदन करने वाली 12 शुगर मिलों में से पांच मिलों को तो लोन मिल गया है। लेकिन सात मिलों का लोन बैंकों में अटका पड़ा है। सूत्रों का कहना है कि चुनाव खत्म होते ही अब मिलों ने भी लोन के लिए गंभीरता दिखाना बंद कर दिया है। जबकि मंडल की मिलों पर 2274 करोड़ रुपये बकाया हो चुका है। अभी तक किसानों को डाले गए गन्ने का केवल 41 फीसदी ही भुगतान ही चीनी मिलों से मिला है।
चुनावी रैलियों के दौरान सभी पार्टियों के नेताओं का फोकस किसानों का बकाया और वर्तमान में मिलों में दिए गए गन्ने का भुगतान कराने को लेकर था। उन्होंने किसानों से भुगतान कराने के लिए धरना, प्रदर्शन और आंदोलन तक करने की बात कही थी। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी सॉफ्ट लोन की धनराशि से मिलों के पास चीनी स्टॉक के आधार पर एफआरपी की दर से चीनी की कीमत के सापेक्ष बैंकों से सॉफ्ट लोन दिलाने के लिए पूरा दबाव भी बनाया गया था। इसके तहत कई मिलों का लोन पास हो गया था। कई मिलों का लोन अटका हुआ था। लेकिन मेरठ और आसपास के जिलों में मतदान हो जाने के बाद से किसी भी राजनीतिक पार्टी का कोई भी नेता किसानों का बकाया भुगतान दिलाने के लिए प्रयासरत नहीं दिखाई दे रहा है।
मेरठ मंडल की 16 शुगर मिलों में से 12 शुगर मिलों सकौती, दौराला, बागपत, अनूपशहर, अगौता, साबितगढ़, बुलंदशहर, मवाना, नंगलामल, बागपत, मलकपुर और मोहिउद्दीनपुर मिल ने लोन के लिए आवेदन किया था। इनमें से सकौती, मोहिउद्दीनपुर, रमाला, बागपत और साबितगढ़ मिल को तो लोन हो गया। लेकिन सात मिलों का लोन अभी तक बैंकों में अटका पड़ा है। मोदीनगर, सिंभावली, बृजनाथपुर और किनौनी ने लोन के लिए आवेदन ही नहीं किया था।
किसान हैं काफी परेशान
चालू पेराई सत्र 2018-19 में मंडल की शुगर मिलों पर किसानों के 2274 करोड़ रुपये बकाया हो चुके हैं। मिलों ने आपूर्ति किए गए गन्ने का केवल 41 फीसदी ही भुगतान किया है। इसमें मोदीनगर मिल ने 5 फीसदी, सिंभावली ने 9 फीसदी, बृजनाथपुर ने 6 फीसदी, किनौनी ने 19 फीसदी और बुलंदशहर ने 16 फीसदी ही भुगतान किया है। इतना कम भुगतान होने के चलते किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दबाव बनाया हुआ है
शुगर मिलों पर बकाया भुगतान के लिए दबाव बनाया हुआ है। पांच मिलों को सॉफ्ट लोन मिल चुका है। सात मिलों को भी जल्द लोन मिल जाएगा। किसानों को उनका पूरा भुगतान कराया जाएगा। - हरपाल सिंह, उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र
ये है मिलवार बकाया भुगतान की स्थिति
मिल बकाया
मवाना 348
दौराला 121
किनौनी 391
नंगलामल 157
सकौती 26
मोहिउद्दीनपुर 59
मोदीनगर 210
सिंभावली 370
बृजनाथपुर 127
मलकपुर 255
बागपत 12
रमाला 29
साबितगढ़ 10
अगौता 63
बुलंदशहर 62
अनूपशहर 31
(बकाया करोड़ रुपये में)
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