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Meerut News: चर्च में माता मरियम की भक्ति और विश्व शांति के लिए विशेष प्रार्थना
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर स्थित ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च में नौरोजी प्रार्थना में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए फादर मार्टिन रावत ने माता मरियम को कृपाओं की माता बताया। उन्होंने कहा कि मानव जीवन में तीन माताओं का विशेष स्थान होता है। पहली जन्म देने वाली माता, जो नौ माह गर्भ में रखकर संतान को जन्म देती है और जीवन भर उसकी देखभाल करती है। आज हम जो कुछ भी हैं अपनी मां के कारण हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी माता का आदर और सम्मान करना चाहिए।
चर्च में आयोजित प्रार्थना सभा में फादर वलेरियन पिंटाे ने कहा कि जो परिवार एक साथ मिलकर प्रार्थना करते हैं, वह हमेशा एकजुट रहते हैं। माता मरियम की स्मृति में की जाने वाली रोजरी माला कैथोलिक परिवारों की महत्वपूर्ण पारिवारिक प्रार्थना है। उन्होंने कहा कि मां मरियम के दरबार से कोई भी खाली हाथ नहीं लौटता। कैथोलिक समुदाय में माता मरियम की भक्ति का विशेष और ऊंचा स्थान है।
उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु के जन्म के महापर्व को मनाकर हमें माता मरियम को पुनः अपने घरों और समुदायों में आमंत्रित करना चाहिए, क्योंकि यही हमारे लिए सबसे बड़ी कृपा है। श्रद्धालुओं ने विश्व शांति और बीमारों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए विशेष प्रार्थना की। फादर ने कहा कि मानव समाज में बढ़ता अहंकार लोगों को अंधकार की ओर ले जा रहा है। प्रभु यीशु का जन्म ऐसी ही मानसिकता में परिवर्तन लाने के लिए हुआ था। जब-जब संसार में पाप बढ़ा, तब-तब उसे मिटाने के लिए एक उद्धारकर्ता का जन्म हुआ। प्रभु यीशु ने अपने ईश्वरीय संदेश के माध्यम से पापियों के मन को पवित्र कर मानवता को सही मार्ग दिखाया।
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सरधना। नगर स्थित ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च में नौरोजी प्रार्थना में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए फादर मार्टिन रावत ने माता मरियम को कृपाओं की माता बताया। उन्होंने कहा कि मानव जीवन में तीन माताओं का विशेष स्थान होता है। पहली जन्म देने वाली माता, जो नौ माह गर्भ में रखकर संतान को जन्म देती है और जीवन भर उसकी देखभाल करती है। आज हम जो कुछ भी हैं अपनी मां के कारण हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी माता का आदर और सम्मान करना चाहिए।
चर्च में आयोजित प्रार्थना सभा में फादर वलेरियन पिंटाे ने कहा कि जो परिवार एक साथ मिलकर प्रार्थना करते हैं, वह हमेशा एकजुट रहते हैं। माता मरियम की स्मृति में की जाने वाली रोजरी माला कैथोलिक परिवारों की महत्वपूर्ण पारिवारिक प्रार्थना है। उन्होंने कहा कि मां मरियम के दरबार से कोई भी खाली हाथ नहीं लौटता। कैथोलिक समुदाय में माता मरियम की भक्ति का विशेष और ऊंचा स्थान है।
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उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु के जन्म के महापर्व को मनाकर हमें माता मरियम को पुनः अपने घरों और समुदायों में आमंत्रित करना चाहिए, क्योंकि यही हमारे लिए सबसे बड़ी कृपा है। श्रद्धालुओं ने विश्व शांति और बीमारों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए विशेष प्रार्थना की। फादर ने कहा कि मानव समाज में बढ़ता अहंकार लोगों को अंधकार की ओर ले जा रहा है। प्रभु यीशु का जन्म ऐसी ही मानसिकता में परिवर्तन लाने के लिए हुआ था। जब-जब संसार में पाप बढ़ा, तब-तब उसे मिटाने के लिए एक उद्धारकर्ता का जन्म हुआ। प्रभु यीशु ने अपने ईश्वरीय संदेश के माध्यम से पापियों के मन को पवित्र कर मानवता को सही मार्ग दिखाया।
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