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Meerut News: थिरोठ जाने से सपा प्रतिनिधिमंडल काे रोका, पुलिस से तीखी नोकझोंक
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- पीड़ित परिजनों से मिलने और आर्थिक मदद देने के लिए जा रहे थे
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहटा। थिरोठ गांव में छात्रा हत्याकांड के बाद बनी संवेदनशील स्थिति के बीच सोमवार को समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को गांव जाने से पहले ही पुलिस ने रोक दिया। प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से भेजी गई आर्थिक सहायता सौंपने जा रहा था। पुलिस ने शांति व्यवस्था और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए कार्यकर्ताओं को आगे जाने की अनुमति नहीं दी।
करीब एक माह पहले एक छात्रा की हत्या कर उसका शव जंगल में फेंक दिया गया था। मामले में पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। सोमवार को सपा जिलाध्यक्ष कर्मवीर गुमी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने और आर्थिक सहायता पहुंचाने के लिए गांव जा रहा था। आरोप है कि चिंदौड़ी गांव के निकट पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल को रोक लिया और आगे जाने की अनुमति नहीं दी।
इस दौरान सपा नेताओं और पुलिस के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक हुई। सपा जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिंह गुमी ने बताया कि उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने भी नहीं दिया गया। वहीं पुलिस अधिकारियों ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रतिनिधिमंडल को वापस लौटने की सलाह दी। काफी देर तक चले घटनाक्रम के बाद प्रतिनिधिमंडल वापस लौट गया। इस दौरान सपा नेता सीपी शर्मा उर्फ बबलू पंडित, नदीम चौहान, गौरव चौधरी, फारूख हसन आदि मौजूद रहे। उधर, सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बताया कि क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए एहतियातन आवश्यक कदम उठाए गए हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहटा। थिरोठ गांव में छात्रा हत्याकांड के बाद बनी संवेदनशील स्थिति के बीच सोमवार को समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को गांव जाने से पहले ही पुलिस ने रोक दिया। प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से भेजी गई आर्थिक सहायता सौंपने जा रहा था। पुलिस ने शांति व्यवस्था और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए कार्यकर्ताओं को आगे जाने की अनुमति नहीं दी।
करीब एक माह पहले एक छात्रा की हत्या कर उसका शव जंगल में फेंक दिया गया था। मामले में पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। सोमवार को सपा जिलाध्यक्ष कर्मवीर गुमी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने और आर्थिक सहायता पहुंचाने के लिए गांव जा रहा था। आरोप है कि चिंदौड़ी गांव के निकट पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल को रोक लिया और आगे जाने की अनुमति नहीं दी।
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इस दौरान सपा नेताओं और पुलिस के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक हुई। सपा जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिंह गुमी ने बताया कि उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने भी नहीं दिया गया। वहीं पुलिस अधिकारियों ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रतिनिधिमंडल को वापस लौटने की सलाह दी। काफी देर तक चले घटनाक्रम के बाद प्रतिनिधिमंडल वापस लौट गया। इस दौरान सपा नेता सीपी शर्मा उर्फ बबलू पंडित, नदीम चौहान, गौरव चौधरी, फारूख हसन आदि मौजूद रहे। उधर, सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बताया कि क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए एहतियातन आवश्यक कदम उठाए गए हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
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