Election: सपा ने चला ऐसा दांव, मुस्लिम-दलित समीकरण के सहारे जीत की आस; पहले भी BJP के खिलाफ जीती थीं सुनीता
Lok Sabha Election 2024 : अखिलेश यादव ने चर्चित मेरठ लोकसभा सीट पर ऐसा दांव चला है कि प्रत्याशी सुनीता वर्मा को दलित-मुस्लिम समीकरण के सहारे जीत की आस है।
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मेरठ में सपा प्रत्याशी सुनीता वर्मा को मुस्लिम-दलित समीकरण के सहारे जीत की आस है। उनको टिकट मिलने की एक बड़ी वजह यह समीकरण भी है। दरअसल, इस सीट पर नौ लाख से भी ज्यादा दलित-मुस्लिम बताए जाते हैं, जो करीब 50 प्रतिशत हैं। महापौर चुनाव में भी सुनीता वर्मा इसी समीकरण से जीत हासिल कर पाई थीं।
सपा-कांग्रेस गठबंधन की मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से प्रत्याशी सुनीता वर्मा का राजनीतिक सफर डेढ़ दशक पहले जिला पंचायत सदस्य के तौर पर शुरू हुआ था। 2017 में भाजपा की कांता कर्दम को 29 हजार 582 वोटों से हराकर बसपा के टिकट पर लड़ीं सुनीता वर्मा महापौर बनी थीं। सुनीता वर्मा को दो लाख 34 हजार 817 वोट मिले थे, जबकि कांता कर्दम को दो लाख 5235 वोट मिले। बाद में योगेश वर्मा और सुनीता वर्मा ने सपा का दामन थाम लिया था। यूपी में विपक्षी सरकार में तमाम परेशानियों के बावजूद उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया।
उनके पति योगेश वर्मा 2007 में बसपा के टिकट पर हस्तिनापुर सीट से विधायक बने थे। 2012 में बसपा से टिकट कटा तो योगेश बगावत कर पीस पार्टी से मैदान में कूद पड़े। उन्हें प्रभुदयाल वाल्मीकि से हार का सामना करना पड़ा। 2017 में सुनीता वर्मा मेरठ शहर से महापौर चुनी गईं। 2022 में योगेश फिर हस्तिनापुर से विधायक का चुनाव लड़े, मगर दिनेश खटीक से हार गए।
सुनीता को लड़ाएंगे मजबूत चुनाव: काजला
कांग्रेस जिला अध्यक्ष अवनीश काजला ने कहा कि पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी को मजबूत जीत दिलाने का संकल्प लिया है। नामांकन में शहर अध्यक्ष जाहिद अंसारी, प्रवक्ता हरिकिशन अंबेडकर, रंजन शर्मा, डॉ. अशोक आर्य, संजय कटारिया, रीना शर्मा, रविन्द सिंह, रोबिन नाथ गोलू, शिव कुमार शर्मा, सरताज अहमद, नईम राणा, राकेश मिश्रा, यासर सैफी मौजूद रहे।
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जयंत चौधरी ने एक्स पर ली चुटकी
बार-बार प्रत्याशियों के बदले जाने और उनका टिकट काटे जाने को लेकर जयंत चौधरी ने एक्स अकाउंट पर चुटकी ली है। उन्होंने एक पोस्ट करते हुए लिखा कि विपक्ष में किस्मत वालों को ही कुछ घंटों के लिए लोकसभा प्रत्याशी का टिकट मिलता है! और जिनका टिकट नहीं कटा, उनका नसीब।
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