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Meerut News: जल्द ही एक क्लिक पर देखी जा सकेंगी गोशालाओं की गतिविधियां

Sun, 05 May 2024 01:00 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ Updated Sun, 05 May 2024 01:00 AM IST
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Soon the activities of cow sheds can be seen on one click
नवीन मंडी की गोशाला में मौजूद गोवंश। संवाद
शामली। जिले की सभी 27 गोशालाएं जल्द ही सीसीटीवी से लैस नजर आएगी। गोशालाओं में गोवंशों की देखरेख, उन्हें धूप में रखने के मामलों को देखते हुए विभागीय अधिकारियों ने यह निर्णय लिया है। अधिकारी सीसीटीवी कैमरे वाई-फाई के जरिये मोबाइल से ही गोशालाओं का हाल देख सकेंगे। इसके अलावा सभी गोशालाओं में जैविक खाद भी तैयार कराया जाएगा। जिसकी तैयारी विभागीय अधिकारियों ने कर ली है। यही नहीं देखरेख के लिए गठित सात टीमें भी जायजा लेगी।
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जिले में 27 गोशालाएं है। जिनमें से 23 पशुपालन विभाग और 4 गोशालाएं नगर पालिका और जिला पंचायत की है। इनमें पांच हजार से अधिक गोवंश हैं। हाल ही में प्रशासन और पशुपालन विभाग की टीम ने अभियान चलाकर एक हजार से अधिक गोवंशों को गोशालाओं में पहुंचाया था। गोशालाओं में गोवंशों की अनदेखी, धूप में खड़ा करने, चारा आदि की व्यापक व्यवस्था नहीं करने की शिकायतें विभागीय अधिकारियों को मिलती है। जल्द ही अधिकारी एक क्लिक पर गोशालाओं में हो रही गतिविधियों को देख सकेंगे। इसके लिए पशुपालन विभाग ने गोशालाओं में सीसीटीवी लगाने की तैयारी कर ली है। जिसका प्रमुख उद्देश्य गोशालाओं में बंद बेसहारा पशुओं को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने देना है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. चंद्रभानू कश्यप ने बताया कि अधिकारियों से वार्ता चल रही है। जल्द ही सीसीटीवी लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा। संवाद
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सभी गोशालाओं में तैयार कराया जाएगा जैविक खाद
जिले की गोशालाओं में जैविक खाद तैयार कराने की भी तैयारी है ताकि जैविक खाद को बेचकर गोंवंशों की सुविधाओं पर रुपया खर्च किया जा सके। जैविक खाद बनाने के लिए गड्ढे खुदवाए जाएगे, जिसमें गोबर डालने की व्यवस्था की जाएगी। बाद में तैयार खाद को किसानों को बेचा जाएगा। डॉ. चंद्रभानू ने बताया कि 10 से अधिक गोशालाओं में जैविक खाद तैयार भी कराया जा रहा है। सभी गोशालाओं में जैविक खाद तैयार कराया जाएगा। इसके लिए गड्ढे भी खुदवाए जा रहे हैं।
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लगातार बढ़ रहा चलन

कृषि वैज्ञानिक डा. संदीप कुमार के अनुसार जैविक खादों की उपयोगिता लगातार बढ़ती जा रही है। जागरूक किसान अब रासायनिक खादों से किनारा करने लगे हैं। वहीं लोग भी जैविक खाद के इस्तेमाल तैयार किए गए गेहूं, चावल आदि को प्राथमिकता दे रहे हैं।

जिले में इन स्थानों पर हैं गोशालाएं
शामली के बनत, जमलालपुर, इस्सोपुर टील, थानाभवन की पट्टी नौगांवा, झाल, काबड़ौत, कुरमाली, नवीन मंडी, कुडाना रोड, जलालाबाद देहात, नोजल नोजली, बंतीखेड़ा, बाबरी, नाला, अंबहेटा, गुज्जरपुर, लिसाढ़, रामडा, अलीपुर, गदराऊ, जंधेडी, तितरवाड़ा, ऊन, रंगाना, खेडी खुशनाम, मुंडेट खादर, दथैड़ा आदि।
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