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कहीं सोशल डिस्टेंस तो कहीं नियमों को किया नजरअंदाज

Sat, 16 May 2020 01:42 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 16 May 2020 01:42 AM IST
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Somewhere the social distance is ignored and the rules are ignored
कहीं सोशल डिस्टेंस तो कहीं नियमों को किया नजरअंदाज
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मेरठ। लॉकडाउन के समय कोई व्यक्ति भूखा न सोए इसके लिए सरकार ने निशुल्क चावल व चने के वितरण की व्यवस्था की है। शुक्रवार से सुबह 7 से शाम 7 बजे तक सभी सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर वितरण शुरू हुआ। भले ही पिछले बार के मुकाबले इस बार भीड़ कम जुटी, लेकिन कैसी ऐसी दुकानें रहीं, जहां इस बार भी सोशल डिस्टेंसिंग के नियम तार-तार होते रहे। यह स्थिति तब रही जब राशन वितरण की तिथि से पहले ही डीलरों ने सभी कार्ड धारकों को टोकन जारी कर दिए थे।
जनपद में 929 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानें हैं। राशन की दुकानों से राशन कार्ड धारकों को प्रति यूनिट पांच किलो चावल और प्रति राशन कार्ड एक किलो चने का वितरण किया गया। फूलबाग कॉलोनी, प्रभात नगर, शास्त्री नगर, जागृति विहार, जाकिर कॉलोनी, इस्लामाबाद, गंगानगर, मोदीपुरम, कंकरखेड़ा, परतापुर, रिठानी, ब्रह्मपुरी, साबुन गोदाम आदि सहित सभी क्षेत्रों में राशन की दुकानों पर राशन वितरण किया गया। वहीं, कई राशन की दुकानों के बाहर सोशल डिस्टेंस का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया। एक ही गोले में कई लोग खडे़ दिखाई दिए।
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नवीन मंडी से लें सबक
नवीन सब्जी और फल मंडी में भी इसी तरह से लगातार सोशल डिस्टेंसिंग को दरकिनार किया जा रहा था। नतीजा क्या हुआ यह हम सबके सामने है। अगर पुलिस-प्रशासन अब भी नहीं चेता तो कोरोना को हराना मुश्किल होगा।
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कम राशन देने पर तोपखाना में हंगामा
छावनी क्षेत्र स्थित तोपखाना में सुभाष गुप्ता सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान चलाते हैं। लोगों का आरोप है कि उन्होंने अपनी दुकान को किसी दूसरे व्यक्ति को ठेके पर दिया हुआ है। वह व्यक्ति कार्ड धारकों को पूरा राशन नहीं दे रहा है। शुक्रवार को कमला, रीना, जरीना, कमालुद्दीन आदि ने कम राशन दिए जाने को लेकर हंगामा किया। सूचना पाकर वार्ड पार्षद रीनी जैन भी मौके पर पहुंची। उन्होंने इस संबंध में जिला आपूर्ति अधिकारी नीरज सिंह से शिकायत की। पार्षद का आरोप है कि राशन डीलर द्वारा कम राशन देने की यह पहली घटना नहीं है।

जिला आपूर्ति अधिकारी ने बैठाई जांच
जिला आपूर्ति अधिकारी नीरज सिंह का कहना है कि राशन डीलर पर लगाए गए कार्ड धारकों के आरोप उनको प्राप्त हो गए हैं। एआरओ को जांच सौंपी गई है। उन्होंने राशन डीलर से बात भी की। उसका कहना है कि उनकी मशीन में कार्ड धारकों के जितने नाम आ रहे हैं उतने पर ही राशन दिया जा रहा है। संबंधित राशन कार्ड नंबरों को मशीन में दोबारा से डालकर जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर राशन डीलर के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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