फौजी समेत दो की मौत: चश्मदीदों ने बताई आंखों देखी, हादसे का मंजर देख कांप गई थी रूह, मां के नहीं थम रहे आंसू
Meerut Accident : भीषण हादसे में फौजी समेत दो की मौत हो गई। चश्मदीदों ने बताया कि हादसे का मंजर देख लोगों की रूह कांप गई। उधर, मृतकों की मां के आंसू नहीं थम रहे हैं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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मेरठ में दिल्ली-मेरठ हाईवे पर हुआ हादसा इतना भीषण था कि देखने वालों की रूह कांप गई। चश्मदीदों ने बताया कि डिवाइडर से टकराने के बाद बलेनो कार छह से सात फीट हवा में उछली और विपरीत साइड में जाकर कई मीटर तक पलटती चली गई।
वहीं, सेना के जवान और बीसीए छात्र की मौत की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। वे बस यही कहते रहे की परीक्षा देने गए थे, यह क्या हो गया। हादसे के बाद हाईवे पर भीषण जाम लग गया। सीओ दौराला और कंकरखेड़ा पुलिस ने घंटों की मशक्कत के बाद जाम खुलवाया।
कंकरखेड़ा की मेल्फोर्ड सिटी कॉलोनी निवासी हर्ष (21) बीआईटी कॉलेज से बीसीए कर रहा था। मनोज उसकी बुआ का बेटा है। मनोज का पहले सुबह मेरठ में सीआरपीएफ का पेपर था। उसके बाद दोपहर को उसका पेपर गौतमबुद्धनगर में सीआईएसएफ की परीक्षा थी। हर्ष और मनोज दोनों गौतमबुद्धनगर चले गए थे।
वहीं, शाम को मनोज हर्ष को अपने चाचा के यहां गाजियाबाद ले गया। वहां से रात को दोनों मेरठ के लिए निकल गए। रास्ते में ही दोनों ने फोन कर अपने दोस्त सेना के जवान रोहित को बुला लिया था।
रात तक घर नहीं आने के कारण रोहित और हर्ष के परिवार वाले दोनों को फोन कर रहे थे। पुलिस का जब रात को हर्ष के पिता के पास फोन गया तो परिवार वालों को घटना की जानकारी हुई। हर्ष के पिता सेना से रिटायर्ड सूबेदार हैं और रोहित के पिता सेना से रिटायर्ड नायक हैं।
रोहित को तीन दिन बाद जाना था पोस्टिंग पर
रोहित मूल रूप से बागपत के धनौरा गांव का रहने वाला था। वर्तमान में लेह लद्दाख में तैनात था। तीन दिन बाद रोहित को अपनी पोस्टिंग पर जाना था। 15 दिन की छुट्टी लेकर वह घर आया था। रोहित का भाई राहुल भी सेना के चिकित्सा कोर में तैनात है।
मनोज की हालत भी गंभीर, रीढ़ की हड्डी टूटी
हर्ष की बुआ के बेटे मनोज की हालत भी बेहद नाजुक है। रीड की हड्डी में फ्रैक्चर हो चुका है। सिर में भी गंभीर चोट है। वेंटिलेटर पर रखा गया है। रोहित की मां सुनीता और हर्ष की मां सरिता समेत अन्य परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।