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Meerut News: स्मार्ट मीटर बने परेशानी का कारण, आपूर्ति के लिए भटक रहे उपभोक्ता
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- सौ से अधिक घरों में अंधेरा पसरा, उपभोक्ता बिजलीघर के चक्कर काटने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर क्षेत्र में लगाए गए स्मार्ट मीटर अब उपभोक्ताओं के लिए बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं। जिन मीटरों को पोस्टपेड बताकर लगाया गया था, उन्हें अब प्रीपेड प्रणाली में बदल दिया गया है। इससे उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ऊर्जा निगम की इस व्यवस्था के तहत बिल जमा न करने पर उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति स्वतः कट जा रही है। इतना ही नहीं बिल जमा करने के बाद भी तत्काल बिजली बहाल नहीं हो रही है। उपभोक्ताओं को बिल के साथ अतिरिक्त एडवांस रिचार्ज भी कराना पड़ रहा है। इसके बाद ही आपूर्ति शुरू हो पा रही है। नगर में सौ से अधिक घरों में इस समय अंधेरा पसरा हुआ है। कई उपभोक्ता बिजलीघर के चक्कर काटने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि जिस आशंका के चलते उन्होंने पहले स्मार्ट मीटर का विरोध किया था, वही समस्या अब सामने आ रही है।
उपभोक्ताओं को न सिर्फ मौजूदा बिल का भुगतान करना पड़ रहा है बल्कि पुराने बकाया का कुछ हिस्सा भी पहले जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बाद ही कनेक्शन को सक्रिय किया जा रहा है। इस प्रक्रिया को लेकर लोगों में भ्रम और असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
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एक्सईएन दुर्गेश कुमार जायसवाल ने बताया कि अक्तूबर 2025 के बाद से स्मार्ट मीटरों को चरणबद्ध तरीके से प्रीपेड प्रणाली में बदला गया है। अब बिल का भुगतान न होने पर लखनऊ स्तर से ही बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है। उपभोक्ताओं को बकाया राशि के साथ एडवांस भुगतान करना जरूरी है। पूरी राशि जमा होने पर तुरंत बिजली बहाल कर दी जाती है। उपभोक्ता मोबाइल एप के माध्यम से भी आसानी से बिल जमा कर सकते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर क्षेत्र में लगाए गए स्मार्ट मीटर अब उपभोक्ताओं के लिए बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं। जिन मीटरों को पोस्टपेड बताकर लगाया गया था, उन्हें अब प्रीपेड प्रणाली में बदल दिया गया है। इससे उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ऊर्जा निगम की इस व्यवस्था के तहत बिल जमा न करने पर उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति स्वतः कट जा रही है। इतना ही नहीं बिल जमा करने के बाद भी तत्काल बिजली बहाल नहीं हो रही है। उपभोक्ताओं को बिल के साथ अतिरिक्त एडवांस रिचार्ज भी कराना पड़ रहा है। इसके बाद ही आपूर्ति शुरू हो पा रही है। नगर में सौ से अधिक घरों में इस समय अंधेरा पसरा हुआ है। कई उपभोक्ता बिजलीघर के चक्कर काटने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि जिस आशंका के चलते उन्होंने पहले स्मार्ट मीटर का विरोध किया था, वही समस्या अब सामने आ रही है।
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उपभोक्ताओं को न सिर्फ मौजूदा बिल का भुगतान करना पड़ रहा है बल्कि पुराने बकाया का कुछ हिस्सा भी पहले जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बाद ही कनेक्शन को सक्रिय किया जा रहा है। इस प्रक्रिया को लेकर लोगों में भ्रम और असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
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एक्सईएन दुर्गेश कुमार जायसवाल ने बताया कि अक्तूबर 2025 के बाद से स्मार्ट मीटरों को चरणबद्ध तरीके से प्रीपेड प्रणाली में बदला गया है। अब बिल का भुगतान न होने पर लखनऊ स्तर से ही बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है। उपभोक्ताओं को बकाया राशि के साथ एडवांस भुगतान करना जरूरी है। पूरी राशि जमा होने पर तुरंत बिजली बहाल कर दी जाती है। उपभोक्ता मोबाइल एप के माध्यम से भी आसानी से बिल जमा कर सकते हैं।